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आस्था के समागम महाकुंभ में आखिरी दिन 1.53 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया. 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं. ये आंकड़ा अमेरिका की आबादी से दुगना है जो अपने-आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इसके अलावा इस महाकुंभ में ऐसे कई महारिकॉर्ड बने हैं.
ऐसा पहली बार हुआ है कि 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में स्नान किया है. दुनिया भर से लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंचे हैं, इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से भी जोरदार व्यवस्थाएं की गईं थी. आइए आपको महाकुंभ के महारिकॉर्ड के बारे में बताते हैं.
आखिरी दिन 1.53 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, बुधवार को अंतिम दिन रात 8 बजे तक 1.53 करोड़ लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई. सरकार ने कहा कि 13 जनवरी से अब तक 66.3 करोड़ लोग प्रयागराज आ चुके हैं, यह संख्या चीन और भारत को छोड़कर सभी देशों की आबादी से ज़्यादा है.
महाकुंभ शुरू होने से पहले यूपी सरकार ने कुंभ में 40-45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया था, क्योंकि साल 2019 में अर्धकुंभ में 24 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी. लेकिन ये रिकॉर्ड 2025 में टूट गया. इस आंकड़े की मानें तो महाकुंभ में हर रोज 1.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई. हालांकि, सरकार ने कहा कि हमने महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों के हिसाब से व्यवस्था की है.
सुखोई लड़ाकू विमानों ने दिखाए करतब
इस विशाल धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन जहां तीर्थयात्रियों ने पवित्र स्नान किया तो वहीं सुखोई लड़ाकू विमानों, एएन-32 परिवहन विमान और भारतीय वायु सेना के चेतक हेलीकॉप्टरों ने आसमान में रोमांचक हवाई करतब दिखाए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए.
144 साल बाद अद्भुत संयोग
इस बार का महाकुंभ कई मायनों में खास रहा, 144 साल बाद ऐसा अद्भुत संयोग आया था कि हर शख्स संगम में पवित्र डुबकी लगा लेने को लेकर उत्साहित था. प्रयागराज तक पहुंचने के लिए लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन संगम में डुबकी लगाने के बाद सबके चेहरे पर एक अलग तरह का संतोष भी दिखा. वैसे महाकुंभ में क्या आम क्या खास हर वर्ग के लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचे और करीब-करीब देश की आधी आबादी ने तो महाकुंभ में स्नान कर ही लिया है.
आम से लेकर खास लोगों ने लगाई डुबकी
महाकुंभ में दुनिया के दिग्गजों, आम से लेकर खास लोगों ने संगम में डुबकी लगाई. कुंभ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, नेपाल के पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा समेत कई विदेशी मेहमानों, यूपी के सीएम ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ स्नान किया. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया. वहीं, अब तक महाकुंभ में 400 से ज्यादा वीआईपी प्रोटोकॉल जारी किए गए थे.
इस बार महाकुंभ में 9 लाख साधु-संत और 10 लाख कल्पवासी भी मेला क्षेत्र में रहे. मेला क्षेत्र में 4 लाख से ज्यादा तंबू लगाए और 1.5 लाख ज्यादा टॉयलेट बनाए गए थे, जिसमें 350 मोबाइल टॉयलेट्स भी शामिल थे. इसके अलावा अखाड़ों और साधु-संतों के लिए कई बड़े पंडाल और 50 हजार से ज्यादा अस्थायी आश्रम बनाए गए थे.
ट्रेन से महाकुंभ पहुंचे 30 करोड़ श्रद्धालु
अखाड़े के संतों ने कुल छह ‘स्नानों’ में से तीन में भाग लिया, जिन्हें अमृत स्नान के रूप में जाना जाता है - मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी) और बसंत पंचमी (3 फरवरी). हालांकि, यह अमृत स्नान नहीं था, लेकिन महाशिवरात्रि स्नान कुल छह ‘स्नानों’ में से आखिरी था, अन्य दो पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) और माघी पूर्णिमा (11-12 फरवरी) थे. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि संगम में डुबकी लगाने के लिए 30 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु ट्रेन से महाकुंभ पहुंचे. इसके साथ-साथ 73 देशों के डेलीगेट्स और 50 लाख विदेशी नागरिक भी महाकुंभ में डुबकी लगाई.
30 श्रद्धालुओं की मौत
29 जनवरी को दूसरे अमृत स्नान के वक्त अव्यवस्था और त्रासदी की स्थिति पैदा हो गई, जिससे संगम तट भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में कथित तौर पर 30 लोगों की मौत हो गई.
सबसे बड़े स्टेडिम से 160 गुना बड़ा था मेला क्षेत्र
महाकुंभ क्षेत्र 4 हजार हेक्टेयर में था, ये दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम का 160 गुना बड़ा था. महाकुंभ मेला क्षेत्र में रिकॉर्ड 25 सेक्टर बनाए गए थे. 13 किलोमीटर के दायरे में 42 घाट बनाए गए थे. 42 घाटों में दस पक्के घाट भी थे. गंगा-यमुना को पार करने के लिए 30 पांटून पुल भी तैयार किए गए. महाकुंभ मेले के लिए 56 थाने और 144 चौकियां बनाई गईं 2 साइबर थाने अलग से बनाए गए कुल 50 हजार सुरक्षाकर्मी मेला क्षेत्र में तैनात रहे.
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए महाकुंभ में 37,000 पुलिस कर्मियों और 14,000 होमगार्डों को तैनात किया गया है, जबकि 2,750 एआई आधारित सीसीटीवी, तीन जल पुलिस स्टेशन, 18 जल पुलिस नियंत्रण कक्ष और 50 वॉच टावर लगाए गए.