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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला- मेडिकल कोर्सेज में OBC को 27%, EWS को 10% रिजर्वेशन; पढ़ें 10 खास बातें

अंडर ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल कोर्सेज (Medical Courses) में ओबीसी स्टूडेंट्स (OBC) को 27 फीसदी और इकॉनोमिक्ली वीकर सेक्शन (EWS) को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्र सरकार ने लिया अहम फैसला
  • ओबीसी को 27%, EWS को 10% मेडिकल कोर्सेज में रिजर्वेशन

केंद्र सरकार (Modi Government) ने गुरुवार को मेडिकल कोर्सेज (Medical Courses) के स्टूडेंट्स के लिए अहम फैसला लिया है. सरकार ने ओबीसी (OBC 27% Reservation) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (10% Reservation for EWS) के लिए रिजर्वेशन लागू किया है. अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में ओबीसी स्टूडेंट्स को 27 फीसदी और इकॉनोमिक्ली वीकर सेक्शन के लिए 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा. केंद्र सरकार के ऐलान के बाद नई आरक्षण नीति इस साल से ही लागू हो जाएगी. पढ़ें, इस फैसले से संबंधित 10 खास बातें..

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1-डेंटल समेत अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले छात्र-छात्राओं पर नई आरक्षण नीति लागू होगी. इस फैसले के बाद एमबीबीएस में तकरीबन 1500 ओबीसी स्टूडेंट्स और पोस्ट ग्रेजुएशन में 2500 ओबीसी स्टूडेंट्स को आरक्षण का लाभ मिलेगा.

2- इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर 550 छात्रों को एमबीबीएस में और एक हजार छात्रों को पोस्ट-ग्रेजुएशन में हर साल फायदा होगा.

3- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह हमारे हजारों युवाओं को हर साल बेहतर अवसर प्राप्त करने और हमारे देश में सामाजिक न्याय का एक नया प्रतिमान बनाने में मदद करेगा.

4- बता दें कि 12 जुलाई को देश के नए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट की तारीखों का ऐलान किया था. इसके बाद माना जा रहा था कि इस  साल यह परीक्षा बिना आरक्षण के ही होगी, जिसको लेकर काफी विरोध की आवाजें भी उठने लगी थीं. कई छात्र संगठन हड़ताल करने की धमकी देने लगे थे. 

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5-नीट परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ओबीसी का ऑल इंडिया कोटा लागू करने की मांग लगातार उठती रही थी. पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव समेत कई मंत्रियों ने इससे संबंधित एक ज्ञापन पीएम मोदी को सौंपा था. इसके बाद ही उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार जल्द ही मेडिकल कॉलेजों के एडमिशन में ओबीसी के लिए आरक्षण नीति लागू कर सकती है.

6- सरकार के फैसले से संबंधित ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी जानकारी दी. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि हमारी सरकार ने अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल/डेंटल कोर्सेज में ऑल इंडिया कोटा के तहत ओबीसी को 27% फीसदी और इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन को 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. 

7- देश भर के ओबीसी छात्र अब किसी भी राज्य में सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए ऑल इंडिया कोटा योजना में इस आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे. केंद्रीय योजना होने की वजह से इस आरक्षण के लिए ओबीसी की केंद्रीय सूची का इस्तेमाल किया जाएगा.

8- ओबीसी वर्ग लगातार लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहा था. अभी मेडिकल कोर्सेज में एससी और एसटी के लिए सीटें तो आरक्षित थीं, पर ओबीसी के लिए नहीं थीं. उठ रहीं आवाजों के बाद सरकार ने मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अहम फैसला लिया है.

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9- इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से लंबे समय से लंबित मुद्दे का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया था.

10- ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) स्कीम साल 1986 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत शुरू की गई थी, ताकि किसी भी राज्य के छात्रों को दूसरे राज्य में स्थित एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के लिए योग्यता आधारित अवसर दिया जा सके. ऑल इंडिया कोटा में कुल उपलब्ध यूजी की 15% सीटें और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध पीजी की 50% सीटें शामिल हैं.

 

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