मेघालय (Meghalaya) के गृह मंत्री (Home Minister) लहकमन रिम्बुई ( Lahkmen Rymbui) ने एनकाउंटर में मारे गए पूर्व आतंकी को लेकर फैली हिंसा के बीच रविवार को इस्तीफा दे दिया. इतना ही नहीं रिम्बुई ने मुख्यमंत्री कोनराड संगमा (Chief Minister Conrad K Sangma) से अपील की है कि चेरिस्टरफील्ड थांगख्यू (Cheristerfield Thangkhiew) के एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराई जाए. थांगख्यू प्रतिबंधित हाइनिवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (Hynniewtrep National Liberation Council) का महासचिव था और उसने आत्मसमर्पण कर दिया था.
सीएम संगमा को लिखे पत्र में गृह मंत्री रिम्बुई ने लिखा, मैं उस घटना पर दुख व्यक्त करता हूं, जिसमें पुलिस ने छापेमारी के बाद चेस्टरफील्ड को कानून के वैध सिद्धांतों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मार दिया.
सच सामने लाने के लिए जांच कराए सरकार
उन्होंने कहा, मैं आपसे अपील करता हूं कि मुझसे गृह विभाग तत्काल प्रभाव से ले लिया जाए. इससे घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने में आसानी होगी. साथ ही मैं न्यायिक जांच कराने की अपील करता हूं. रिम्बुई ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि उनकी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी इस्तीफे के फैसले का समर्थन किया है. उन्होंने बताया कि पार्टी में चर्चा के बाद ही उन्होंने इस्तीफा दिया.
रिम्बुई ने कहा, मेघालय की डेमोक्रेटिक गठबंधन सरकार में यूडीपी भी शामिल है. यूडीपी ने भी इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की है. नतीजतन हिंसक विरोध हुआ. सरकार के सूत्रों ने बताया कि सरकार ने गृह मंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
शिलॉन्ग में लगा कर्फ्यू
मेघालय सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद शिलॉन्ग में कर्फ्यू लगाया है. इसके अलावा चार जिलों में इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी गई है.
थांगख्यू ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की थी
थांगख्यू ने 2018 में सरेंडर कर दिया था. हालांकि, पुलिस राज्य में हुए आईईडी ब्लास्ट के मामलों में थांगख्यू के घर रेड डालने पहुंची थी. पुलिस का कहना है कि थांगख्यू ने इस दौरान चाकू से पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की. इसके बाद उसपर फायरिंग की गई. पुलिस का कहना है कि उसके पास सबूत हैं कि थांगख्यू सरेंडर के बाद हुए आईईडी ब्लास्ट में मास्टरमाइंड था.