कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के फैसले पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और कश्मीरी नेताओं ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. महबूबा ने कहा कि राहुल को अयोग्य करने के फैसले ने लंदन में व्यक्त की गई उनकी आशंकाओं को सही साबित कर दिया है. वहीं माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने स्वार्थ के लिए देश में सभी संस्थानों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.
महबूबा का ट्वीट
महबूबा ने ट्वीट करते हुए कहा, '2024 के चुनाव से पहले राहुल गांधी चुनौती पेश करने वाले एक शक्तिशाली नेता के रूप में उभर रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है. चूंकि बीजेपी उनसे राजनीतिक रूप से नहीं लड़ सकती है, इसलिए वे अब संस्थानों पर हमले कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने सावरकर की तरह माफी मांगने से इनकार कर दिया. लंदन में उन्होंने जो आशंकाएं व्यक्त की थीं, वे दुखद रूप से सही साबित हो रही हैं.'
तारिगामी का केंद्र पर निशाना
माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने स्वार्थ के लिए देश में सभी संस्थानों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है. तारिगामी ने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे देश का लोकतंत्र इतना नीचे गिर जाएगा. लंबे समय से सरकार संसद और अन्य संस्थानों को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है.'
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह के विरोध को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. तारिगामी ने कहा,'आज देश का सर्वोच्च निकाय प्रभावित हुआ है. ऐसी जल्दबाजी आश्चर्यजनक है! अदालत ने मुश्किल फैसला सुनाया, सजा को निलंबित कर दिया है और उन्हें अपील करने का समय दिया है. संसद के पास आम लोगों के दैनिक मुद्दों पर चर्चा करने का समय नहीं है. विपक्ष की आवाज और आलोचना सुनने का धैर्य भी नहीं है.'
नेशनल कांफ्रेंस का बयान
नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा, 'यह सिर्फ विपक्ष के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए एक वॉर्निंग है. हम उसी हालात का सामना कर रहे हैं, जिसकी हमें आपातकाल के दौरान भी उम्मीद नहीं थी. यह अकेले राहुल गांधी के बारे में नहीं है, यह सच बोलने की सजा है. लोकतंत्र के लिए आज का दिन अच्छा नहीं है. जिस तेजी से लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को अयोग्य घोषित किया है, उससे कई सवाल खड़े होते हैं. दूसरा मुद्दा यह है कि जिस मानहानि कानून के तहत ऐसा किया गया, उसकी समीक्षा की जाने की जरूरत है.'
डार ने कहा कि गांधी को अयोग्य ठहराने का फैसला 'भारत जोड़ो यात्रा' की सफलता का परिणाम प्रतीत होता है. वरना एक ही सरकार के मंत्रियों ने इतनी बार राहुल गांधी का नाम लिया है. हम ऐसी हर कोशिश का समर्थन करेंगे जो देश में लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और उन सभी ताकतों का विरोध करेंगे जो लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं.'