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'मेरी माटी-मेरा देश': 5 टास्क जो पीएम नरेंद्र मोदी ने पब्लिक को दिए और सुपरहिट हो गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने अपने रेडियो कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता दिवस से पहले ‘मेरी माटी, मेरा देश’ अभियान की शुरू करने का ऐलान किया. इस अभियान से पहले भी पीएम मोदी कई ऐसे नारे दे चुके हैं जिनका बदौलत समाज में एक अहम बदलाव आया.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 9 साल के अधिक के कार्यकाल में कई बार ऐसे नारे दिए जो आगे चलकर लोगों की जुबां पर छा गए. कई नारे तो एक अभियान में तब्दील हो गए और उनसे देश में सकारात्मक बदलाव आया. इसी कड़ी में पीएम मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की दौरान एक और नया नारा देते हुए लोगों से खास अपील की.

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पीएम मोदी ने ऐलान किया कि इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के वीर शहीदों को सम्मान देने की दृष्टि से "मेरी माटी, मेरा देश" अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत देश-भर में हमारे अमर बलिदानियों की स्मृति में अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे और इन विभूतियों की स्मृति में, देश की लाखों ग्राम पंचायतों में, विशेष शिलालेख भी स्थापित किए जाएंगे.

क्या है 'मेरी माटी, मेरा देश अभियान' 

'मन की बात'के दौरान पीएम मोदी ने विस्तार से इस अभियान का जिक्र किया और कहा, 'इस अभियान के तहत देश-भर में ‘अमृत कलश यात्रा’ भी निकाली जाएगी. देश के गाँव-गाँव से, कोने-कोने से, 7500 कलशों में मिट्टी लेकर ये ‘अमृत कलश यात्रा’ देश की राजधानी दिल्ली पहुचेंगी. ये यात्रा अपने साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से पौधे लेकर भी आएगी. 7500 कलश में आई माटी और पौधों से मिलाकर फिर National War Memorial के समीप ‘अमृत वाटिका’ का निर्माण किया जाएगा.  ये ‘अमृत वाटिका’, ‘एक भारत-श्रेठ भारत का’ भी बहुत ही भव्य प्रतीक बनेगी. मैंने पिछले साल लाल किले से अगले 25 वर्षों के अमृतकाल के लिए ‘पंच प्राण’ की बात की थी. ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान में हिस्सा लेकर हम इन ‘पंच प्राणों’ को पूरा करने की शपथ भी लेंगे. आप सभी, देश की पवित्र मिट्टी को हाथ में लेकर शपथ लेते हुए अपनी सेल्फी को yuva.gov.in पर जरुर upload करें.' 

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यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने इस तरह का नारा दिया हो, वह पहले भी इसी तरह के कई नारों को लेकर समाजिक बदलाव लाने वाले अभियान चला चुके हैं. खास बात यह रही कि पूर्व में चलाए गए अभियानों को अपार जनसमर्थन मिला. तो आइए उन 5 टास्क या अभियान के बारे में जानते हैं, जो ना केवल लोकप्रिय हुए बल्कि समाज में बदलाव की वजह भी बने-

1- हर घर तिरंगा

पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ‘हर घर तिरंगा अभियान’ की शुरूआत की थी. 'हर घर तिरंगा’ भारत की आज़ादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्‍य में लोगों को अपने घर पर तिरंगा झंडा फहराने के लिए प्रोत्‍साहित करने हेतु ‘आज़ादी के अमृत’ महोत्‍सव के तत्‍वावधान में चलाया गया अभियान था.  बाद में यह अभियान एक जन आंदोलन बन गया था. पीएम मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि 13 से 15 अगस्त के बीच तिरंगा फहराएं या अपने घरों में इसे लहराएं. यह आंदोलन राष्ट्रीय ध्वज के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करेगा. इसके बाद प्रधानमंत्री ने मोदी ने 2 अगस्त, 2022 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की डीपी बदलकर वहां तिरंगे की तस्वीर लगा ली है. इसका असर ये हुआ कि सोशल मीडिया पर तमाम अकाउंट्स तिरंगे वाले डीपी के नजर आने लगे.  

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इस अभियान का असर यूं हुआ कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में 500 करोड़ रुपये के तिरंगा खरीदे गए. 20 दिनों में देश में 30 करोड़ तिरंगा झंडा तैयार किए गए. जिससे 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला. हर घर तिरंगा सहित अन्य तिरंगा यात्रा के चलते 500 करोड़ के तिरंगा झंडा खरीदे गए. तिरंगा झंडा निर्माण और बिक्री का यह नया रिकॉर्ड देश में बना.

2- दीया जलाओ कार्यक्रम

2020 में जब देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे थे, तो तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को हराने के लिए देशवासियों से सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन करने की अपील की. इसके तहत उन्होंने 5 अप्रैल, 2020 को लोगों से अपने घर के बाहर आकर और घरों की लाइटें बंद कर आंगन, बॉलकनी या दरवाजे पर दीया अथवा मोमबत्ती जलाने की अपील की थी. तब पीएम मोदी ने कहा था कि इस शक्ति के जरिए हम ये संदेश देना चाहते हैं कि देशवासी एकजुट हैं और एकजुटता के दमपर ही इस महामारी को मात दी जा सकती है.

इस अभियान का असर ऐसा हुआ कि अधिकांश देशवासियों ने खुलकर इसका समर्थन किया. खुद प्रधानमंत्री के अलावा भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के तमाम मंत्रियों ने दीए जलाकर कोरोना के ख़िलाफ़ एकजुटता को प्रदर्शित किया. इतना ही नहीं इस अभियान को फिल्म जगत, क्रिकेट जगत, उद्योग जगत तथा अन्य क्षेत्रों से भी जमकर समर्थन मिला और लोगों ने ठीक रात को 9 बजकर 9 मिनट पर अपने घर के बाहर दीए या मोमबत्ती जलाकर एकजुटता दिखाई.

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3- स्वच्छ भारत अभियान

अपने पहले कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी ने 2 अक्‍टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया और इसके सफल कार्यान्वयन हेतु भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की. इस अभियान का उद्देश्य अगले पांच वर्ष में स्वच्छ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना था ताकि बापू की 150वीं जयंती को इस लक्ष्य की प्राप्ति के रूप में मनाया जा सके. तब पीएम मोदी ने 'ALS आइस बकेट चैलेंज' की तर्ज पर प्रधानमंत्री ने नौ हस्तियों को सफाई करने के लिए आमंत्रित किया जिसमें सचिन तेंदुलकर, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, बाबा रामदेव और शशि थरूर जैसी मशहूर हस्तियां शामिल थी.

पीएम मोदी ने जिन्हें 'नॉमिनेट' किया था, वे सार्वजनिक जगहों पर सफाई करते नजर आए थे. इन लोगों को भी इस इस काम के लिए और 9 लोगों को नॉमिनेट करना था. प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से भी गंदगी साफ करने का अपना वीडियो अपलोड करने और इस मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की थी.

अभियान का असर बड़े स्तर पर हुआ और तमाम समाज के तमाम वर्गों के लोगों ने इस अभियान में खुलकर भागीदारी निभाई थी. “स्वच्छ भारत अभियान” ने देश के कोने-कोने तक अपनी पहुंच बनाई और स्वच्छता के क्षेत्र में नई क्रांति ला दी. इसके तहत लाखों, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करके शहरी और ग्रामीण भारत के जीवन में बदलाव आया. इतना ही नहीं इससे लोगों की मानसिकता में भी बदलाव आया.

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4- वोकल फॉर लोकल

2020 में पीएम मोदी द्वारा वोकल फॉर लोकल का नारा दिया गया. इस नारे का उद्देश्य विदेशी माल के बजाय देशी उत्पादों को प्राथमिकता देना है. 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वोकल फॉर लोकल का नारा भी बुलंद किया. उन्होंने कहा, मैं जानता हूं जब मैं आत्मनिर्भर की बात करता हूं तो अनेक आशंकाएं प्रकट की जाती हैं. मैं मानता हूं कि आत्मनिर्भर भारते के लिए लाखों चुनौतियां हैं लेकिन देश के पास करोड़ों समाधान देने वाली शक्ति भी है.आजाद भारत की मानसिकता लोकल फोर वोकल होनी चाहिए.'वोकल फॉर लोकल’ आह्वान का आध्‍यात्मिक गुरुओं से लेकर उद्योगपतियों और तमाम लोगों ने समर्थन किया.  इसका फायदा तमाम छोटे उद्योगों को मिला. 

5- सेल्फी विद डॉटर अभियान

मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेल्फी विद डॉटर अभियान' शुरू करने वाले सुनील जगलाल का नाम लिया था और उनसे बात की. इस सफर की शुरुआत 9 जून 2015 को हरियाणा से हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की.

इस अभियान के तहत जागलान ने लोगों से अपनी बेटियों से साथ तस्वीर खींचने तथा उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने का अनुरोध किया था.बाद में पीएम मोदी ने इस जैसे ही इस अभियान की तारीफ की तो सोशल मीडिया पर सेल्फी विद डॉटर अभियान ने रफ्तार पकड़ ली. सेल्फी विद डॉटर अभियान ने अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ कर खूब सुर्खियां बटोरी 9 जून 2017 में राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सेल्फी विद डॉटर ऐप और फाउंडेशन की शुरुआत की.

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