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अंडमान निकोबार के सीनियर IAS अफसर सस्पेंड, रेप के आरोप में कार्रवाई

अंडमान और निकोबार में एक 21 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर ले गया था. वहां उसके साथ शीर्ष अधिकारियों ने रेप किया है. इस मामले में सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है. लड़की का कहना है कि उसके साथ ये घटना इसी साल अप्रैल-मई में हुई.

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लड़की से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आरोपी आईएएस अफसर को सस्पेंड कर दिया है.
लड़की से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आरोपी आईएएस अफसर को सस्पेंड कर दिया है.

अंडमान और निकोबार कैडर के सीनियर आईएएस अफसर और पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. जितेंद्र नारायण समेत एक अन्य अफसर के खिलाफ एक लड़की ने नौकरी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था. स्थानीय पुलिस ने जांच के बाद 16 अक्टूबर को गृह मंत्रालय को अवगत कराया, जिसके बाद मामले में केंद्रीय गृह मंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे.

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बता दें कि अंडमान और निकोबार में एक 21 वर्षीय लड़की ने आरोप लगाया था कि उसे सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर ले गया था. वहां उसके साथ शीर्ष अधिकारियों ने रेप किया है. इस मामले में सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है. लड़की का कहना है कि उसके साथ ये घटना इसी साल अप्रैल-मई में हुई. इस मामले में पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी आईएएस जितेंद्र नारायण और आरएल ऋषि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. जितेंद्र नारायण तीन महीने पहले तक अंडमान और निकोबार के मुख्य सचिव रहे हैं. जबकि आरएल ऋषि श्रम आयुक्त हैं.

आरोपी अफसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की तरफ से बताया गया है कि 16 अक्टूबर को IAS जितेंद्र नारायण के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसमें गंभीर कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग का आरोप था. मामला सामने आते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए थे. जिसके बाद मंत्रालय ने जितेंद्र नारायण, आईएएस (एजीएमयूटी: 1990) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है.

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महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति

सरकार की अनुशासनहीनता बरते जाने पर जीरो टॉलरेंस की नीति है. खासकर महिलाओं की गरिमा से जुड़ी घटनाओं के संबंध में कोई भी अपराध क्षम्य नहीं होगा. अंडमान एवं निकोबार पुलिस की एसआईटी द्वारा अलग से आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. बताते चलें कि पोर्ट ब्लेयर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने युवती की याचिका के आधार पर केस दर्ज करने का आदेश दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया था.

लड़की ने कहा- पहले श्रम आयुक्त से मिली थी

लड़की ने आरोप लगाया है कि नौकरी के लिए पहले मिलने बुलाया, उसके बाद दो अधिकारियों ने उसके साथ "सामूहिक बलात्कार" किया. उसके पिता और सौतेली मां ने उसकी आर्थिक जरूरतों का ध्यान नहीं रखा, इसलिए उसे नौकरी की जरूरत थी. कुछ लोगों ने श्रम आयुक्त से उसका परिचय कराया, क्योंकि वे तत्कालीन मुख्य सचिव के करीबी थे.

 

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