Indian Railways: 'मिशन रेल कर्मयोगी' के तहत 51,000 से अधिक फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है. इसके जरिए से रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. इन कर्मचारियों को 'मास्टर ट्रेनर्स' द्वारा प्रशिक्षित किया गया है, जिन्हें स्वयं रेल मंत्रालय के तहत एक केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान, भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM) में प्रशिक्षित किया गया है.
रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आईआरआईटीएम में 28 फरवरी 2022 को मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू हुआ था. आईआरआईटीएम के प्रत्येक बैच में विभिन्न क्षेत्रों के सात मंडलों के मास्टर ट्रेनर हैं. एएनआई के अनुसार, अब तक, 49 डिवीजनों वाले मास्टर ट्रेनर्स के 8 बैचों को कवर किया गया है और 8वां बैच वर्तमान में आईआरआईटीएम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है.
गौरतलब है कि कि मिशन रेल कर्मयोगी को 20 सितंबर, 2020 को केंद्र सरकार द्वारा दुनिया में कहीं भी सबसे महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण पहल के रूप में लॉन्च किया गया था. इस प्रोजेक्ट के जरिए छह महीने की अवधि में तकरीबन एक लाख फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिए जाने की कोशिश की जाएगी.
मिशन रेल कर्मयोगी का उद्देश्य नागरिक केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करके इन फ्रंटलाइन कर्मचारियों के दृष्टिकोण को बदलना है- पहला उन्हें "सेवा करने का इरादा" विकसित करने में मदद करना और दूसरा उनकी "सेवा करने की क्षमता" का निर्माण करना है. इसे उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ-साथ उत्तरदायी और कुशल के रूप में संगठन की छवि को मजबूत करने में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.