देश के अधिकतर राज्यों में बारिश के चलते आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक में बारिश-बाढ़ का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड की खबरें सामने आ रही हैं. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में भी यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसी बीच, केंद्रीय जल आयोग ने डराने वाले आंकडे़ सामने रखे हैं.
17 जुलाई तक इन नदियों में भीषण बाढ़ की आशंका
केंद्रीय जल आयोग की मानें तो हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के बाद अब देश की राजधानी नई दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और असम के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है. 17 जुलाई तक बदायूं में गंगा, दिल्ली में यमुना, हरिद्वार में सोलानी और शिवसागर में ब्रह्मपुत्र में भीषण बाढ़ आने की आशंका है.
वॉर्निंग लेवेल से ऊपर बह रहीं ये नदियां
केंद्रीय जल आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गंगा, यमुना, सोलानी और ब्रह्मपुत्र नदियां अभी वॉर्निंग लेवल या खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. दिल्ली में यमुना का वार्निंग लेवल 204.5 मीटर है. वहीं, खतरे का निशान 205.3 है और यमुना 12 जुलाई को वार्निंग लेवल को क्रॉस करते हुए 207.7 मीटर पर पहुंच गई. इसी तरह असम में ब्रह्मपुत्र नदी भी वॉर्निंग लेवेल (93.5 मीटर) से ऊपर 94.5 मीटर पर बह रही है.
केंद्रीय जल आयोग ने एक ट्वीट में बताया कि उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रायसी में सोलानी नदी 232.08 मीटर पर बह रही है. इसके जल स्तर में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है. बता दें कि सोलानी नदी का वार्निंग लेवल 231 मीटर है.
17 जुलाई को अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच सकती है यमुना
दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना जब 206 मीटर के मार्क के ऊपर बहेगी तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम किया जाएगा. CWC के मुताबिक, 17 जुलाई को पूर्वानुमान बताता है कि दिल्ली में यमुना नदी 17 जुलाई तक अपने उच्चतम स्तर 208.9 मीटर तक पहुंच सकती है.
इन नदियों में भीषण बाढ़ की स्थिति की आशंका
CWC की मानें तो अगले पांच दिनों में यमुना, गंगा, जियाभराली और देसांग नदियों में भीषण बाढ़ की स्थिति बन सकती है. इसके अलावा, बेकी, संकोश, रामगंगा, महानंदा, घाघरा, गंडक, बुरीदेहिंग, ब्रह्मपुत्र, धनसिरी, दिखौ, रंगानदी, नर्मदा, परमान, तीस्ता और तोरसा नदियों में भी भयंकर बाढ़ आने की आशंका है. वहीं, अगले पांच दिनों में गौरांग, जलढाका, नाओ देहिंग, राप्ती, कोसी, बागमती, अलकनंदा और कोपिली नदियों के सामान्य स्तर से ऊपर बहने की उम्मीद है.
13 जुलाई तक इन इलाकों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग की मानें तो 13 जुलाई तक उत्तर पूर्वी भारत और सिक्किम में बहुत भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. इसी के साथ बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि, कल यानी 13 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जा सकती है.