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मॉनसून सत्र: पीएम मोदी बोले- सदन तीर्थक्षेत्र, जहां खुले मन से संवाद हो, जरूरत पड़े तो आलोचना भी हो

संसद के मॉनसून सत्र से पहले पीएम मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा, हम सदन को संवाद का एक सक्षम माध्यम मानते हैं, तीर्थक्षेत्र मानते हैं, जहां खुले मन से संवाद होना चाहिए. जरूरत पड़े तो वाद विवाद हो, आलोचना हो, उचित विश्लेषण के आधार पर चर्चा हो ताकि ताकि नीतियों में सकारात्मक योगदान हो सके.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आज से शुरू हो रहा संसद का मॉनसून सत्र
  • PM बोले- सभी सांसद सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें

संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा, संसद का ये सत्र काफी अहम है. उन्होंने कहा, हम सदन को संवाद का एक सक्षम माध्यम मानते हैं, तीर्थक्षेत्र मानते हैं, जहां खुले मन से संवाद होना चाहिए. जरूरत पड़े तो वाद विवाद हो, आलोचना हो, उचित विश्लेषण के आधार पर चर्चा हो ताकि ताकि नीतियों में सकारात्मक योगदान हो सके. 

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पीएम मोदी ने कहा, यह समय काफी अहम है. हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. 15 अगस्त भी आने वाला है. देश के लिए आने वाले 25 साल काफी अहम हैं. जब हम स्वतंत्रता के 100 साल मनाएंगे, तब यह समय नई ऊंचाइयों को तय करने का संकल्प करने का समय होगा. हमारे देश की 25 साल की यात्रा कैसी रहे, कितनी ऊंचाइयों को हम प्राप्त करें, कैसे चलें, ये संकल्प लेने का समय है. 

इस समय राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव भी

पीएम मोदी ने कहा, ये सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसी समय राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव हो रहे हैं. आज मतदान भी हो रहा है और इसी कालखंड में देश को नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति मिलेंगे. 

सदन में गहन चर्चा होनी चाहिए, सभी के प्रयास से लोकतंत्र और सदन चलता है, सदन उत्तम निर्णय से चलता है, इसलिए सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए हम सत्र का राष्ट्रहित में इस्तेमाल करें. आजादी के लिए जिन्होंने जवानी और जीवन गंवा दिया, उनके सपनों को ध्यान में रखकर के सदन का सर्वाधिक सदुपयोग हो, यही मेरी कामना है. 

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