नेपाल और चीन ने मिलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) की नई ऊंचाई का ऐलान किया है. माउंट एवरेस्ट की नई ऊंचाई अब 8848.86 मीटर है. इस सबसे ऊंची चोटी की नई ऊंचाई का ऐलान नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवली (Nepal Pradeep Gyawali) और चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया. दोनों देशों ने करीब दो साल तक सर्वे वर्क पूरा करने के बाद इस नई ऊंचाई की घोषणा की है. इस मसले पर नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि ये बेहद खास और ऐतिहासिक पल है. वहीं, चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों की दोस्ती को बेमिसाल बताया है.
आपको बता दें कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को अंग्रेजों द्वारा पहली बार 1849 में मापा गया था. तब से ही इसकी ऊंचाई को लेकर विवाद रहा है. नेपाल में साल 2015 में आए भीषण भूकंप के बाद से भी ये अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि एवरेस्ट की ऊंचाई में बदलाव हुआ है. हालांकि, अब माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को लेकर विवाद खत्म हो गया है. चीन और नेपाल ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि इसकी नई ऊंचाई अब 8848.86 मीटर है.
इस मौके पर नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भण्डारी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से लिखे गए पत्र दोनों देशों के मंत्रियों द्वारा एक दूसरे को साझा किए गए. मालूम हो कि पिछले साल चीनी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान नेपाल और चीन संयुक्त रूप से एवरेस्ट ऊंचाई की घोषणा करने के लिए सहमत हुए थे.
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गौरतलब है कि इससे पहले साल 1954 में भारत के सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर आंकी थी. लेकिन अब नेपाल-चीन के संयुक्त सर्वे में इसकी ऊंचाई 8848.86 मीटर आंकी गई है. यानि ताजा ऊंचाई पिछली ऊंचाई से 86 सेंटीमीटर ज्यादा है.
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