वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में केरल के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और भूस्खलन प्रभावित लोगों के लिए केंद्र से सहायता मांगी. उन्होंने अमित शाह से राजनीति से ऊपर उठकर राहत प्रदान करने में और अधिक आगे आने का आग्रह किया.
प्रियंका गांधी ने कहा कि वायनाड में भूस्खलन प्रभावित लोग हैं, जिनके पास कोई सहायता प्रणाली नहीं बची है, अगर केंद्र ऐसी परिस्थितियों में कदम नहीं उठा सकता है, तो यह पूरे देश और खासकर पीड़ितों के लिए बहुत बुरा संदेश देता है.
संसद भवन परिसर में अमित शाह से मुलाकात के बाद केरल के कई सांसदों के साथ पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने उन्हें वहां की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि कैसे लोग तबाह हो गए हैं क्योंकि नदी का पूरा मार्ग बदल गया है और सब कुछ बह गया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का एक फोकस क्षेत्र है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा है और लोगों के पास कोई सहायता प्रणाली नहीं बची है.
प्रियंका ने कहा कि परिवार, घर, व्यवसाय, स्कूल, सब कुछ बह गया है, ऐसे में अगर केंद्र सरकार कुछ नहीं करती है तो हम क्या कर सकते हैं? इसलिए हमने उनसे (केंद्र) अपील की है कि राजनीति को किनारे रखकर मानवीय दृष्टिकोण से वहां के लोगों की मदद की जानी चाहिए.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि मैंने उनसे यह भी कहा कि प्रधानमंत्री वहां गए थे और पीड़ितों से मिले थे और जब वे पीड़ितों से मिले तो उनमें यह उम्मीद जगी थी कि प्रधानमंत्री कुछ करेंगे, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं की गई है, जो दुखद है. प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने कहा है कि राजनीति को किनारे रखकर वहां के लोगों की यथासंभव मदद की जानी चाहिए. हमने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन दिया है. वहां, ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपने परिवार के सभी लोगों को खो दिया है. उनके पास कोई हेल्प सिस्टम नहीं है.
प्रियंका ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अगर केंद्र सरकार आगे नहीं आती है, तो इससे पूरे देश और खासकर पीड़ितों को बहुत बुरा संदेश जाएगा. उन्होंने अमित शाह से अपील की है कि हमें राजनीति से ऊपर उठकर इन लोगों के दर्द और पीड़ा को सही मायने में पहचानना चाहिए, क्योंकि उनकी पीड़ा बहुत बड़ी है.