जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की गुरुवार को मौत हो गई थी. उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है. फिलहाल बांदा मेडिकल कॉलेज में उनका पोस्टमार्टम चल रहा है. इसके बाद उनके शव को परिवार को सौंप दिया जाएगा. लेकिन इस बीच मुख्तार और उनके छोटे बेटे उमर अंसारी की आखिरी बातचीत का ऑडियो सामने आया है.
इस ऑडियो में पिता मुख्तार और बेटे उमर की बातचीत सुनी जा सकती है. ये बातचीत मंगलवार देर शाम की बताई जा रही है. बांदा मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होने के बाद मुख्तार ने बेटे अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत और छोटे बेटे उमर से फोन पर बात की थी. इस दौरान उमर अंसारी पिता का हालचाल पूछ रहा है जबकि मुख्तार बता रहा है कि 18 तारीख के बाद से उसने रोजा नहीं रखा है, एक भी जमात नहीं हुई है. लगातार बेहोश हो रहा है. यहां पढ़ें मुख्तार और उनके बेटे उमर के बीच हुई आखिरी कॉल का पूरा ब्योरा:-
उमर अंसारी: पापा, आप ठीक हैं?
मुख्तार अंसारी: हां बाबू, हम ठीक हैं.
उमर अंसारी: बस अल्लाह ने बचा लिया.. रमजान का पाक महीना चल रहा है.
मुख्तार अंसारी: बेहोशी टाइप हो जा रहे हैं. कमजोरी लग रही है.
उमर अंसारी: मैंने देखा न्यूज में आप कमजोर हो गए हैं. हम कोर्ट में हैं. मुलाकात की परमिशन करवा रहे हैं. दरोगा अंकल भी करवा रहे हैं. अगर परमिशन मिली तो मिलने आएंगे.
मुख्तार अंसारी: हम बैठ नहीं पा रहे हैं. हम उठ नहीं पा रहे हैं.
उमर अंसारी: जहर का असर दिख रहा है. सब जहर का असर है. हिम्मत कर पापा फोन कर लिया कीजिए. आपकी आवाज सुनकर अच्छा लगा.
मुख्तार अंसारी: हां बाबू, बॉडी चली जाती है... रूह रह जाती है.
उमर अंसारी: हिम्मत रखिए... अभी हज करना है... कोई और रहता तो मर गया होता अब तक.
मुख्तार अंसारी: हम खड़े नहीं हो पा रहे हैं. व्हीलचेयर के सहारे हूं.
उमर अंसारी: जल्द आप सेहतमंद होंगे.
मुख्तार अंसारी: आज आए थे तो बेहोश हो गए थे.
उमर अंसारी: वॉशरूम जा रहे हैं या नहीं आप?
मुख्तार अंसारी: दस दिन से वॉशरूम नहीं हो पा रहा है.
उमर अंसारी: मैं आपके लिए जमजम लेकर आऊंगा.. खजूर लेकर आऊंगा... फल लेकर आऊंगा.
बता दें कि बीते कई सालों से जेल में बंद 63 साल के मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात को कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई है. गुरुवार शाम करीब साढ़े 8 बजे मुख्तार की जेल में तबीयत बिगड़ी थी. मुख्तार को उल्टी की शिकायत और बेहोशी की हालत में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वॉर्ड लाया गया था. लेकिन इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत हो गई. रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना सार्वजनिक की थी.
मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस मऊ, गाजीपुर में फ्लैग मार्च कर रही है. मऊ, बांदा और गाजीपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है. मेडिकल कॉलेज और बांदा जेल के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. पांच डॉक्टरों का पैनल मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमार्टम कर रहा है. उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
मुख्तार अंसारी ने लगाया था धीमा जहर देने का आरोप
मुख्तार अंसारी ने मौत से कुछ दिनों पहले कोर्ट को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उसे जेल में धीमा जहर दिया जा रहा है. मुख्तार ने चिट्ठी में कहा था कि 19 मार्च की रात मुझे खाने में विषाक्त पदार्थ दिया गया था, जिसके बाद से मेरी तबियत खराब हो गई. मुख्तार के बेटे उमर अंसारी का कहना है कि मुझे पापा ने बताया था कि उनको धीमा जहर (Slow Poison) दिया जा रहा था. उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश है. अब मुझे न्यायपालिका पर ही भरोसा है. मुख्तार का परिवार पहले से ही प्रशासन पर उसकी हत्या की प्लानिंग का आरोप लगाता रहा है.