मुंबई (Mumbai) की एक स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और एनसीपी (अजित पवार) नेता छगन भुजबल, उनके बेटे, भतीजे पंकज और समीर भुजबल को छुट्टियों पर विदेश जाने की छूट दे दी है. भुजबल परिवार की तैयारी जुलाई के महीने में पारिवारिक यात्रा के दौरान यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात और शेंगेन देशों की यात्रा करने की है. भुजबल परिवार महाराष्ट्र सदन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अभियोजन का सामना कर रहा है.
हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा शुरू किए गए इस मामले में मुंबई सेशन कोर्ट ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है.
अवकाश के लिए दायर की गई थी याचिका
भुजबल ने 24 मई को अपने वकील सुदर्शन खवासे के जरिए पारिवारिक अवकाश यात्रा के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि परिवार कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही वीजा और अन्य औपचारिकताओं के लिए जाएगा. इसके लिए अस्थायी अवधि के लिए पासपोर्ट वापस करने की भी मांग की गई थी क्योंकि जमानत की शर्त के तहत भुजबल का पासपोर्ट ईडी के पास जमा है.
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भुजबल के अलावा, मामले में एक अन्य आरोपी नीलेश शाहू ने भी जुलाई महीने में भुजबल के साथ उन्हीं देशों की यात्रा के लिए यही आवेदन किया था, जिसको यात्रा की अनुमति मिल गई है. ईडी ने जहां परिवार की यात्रा की योजना का विरोध किया था, वहीं स्पेशल कोर्ट ने भुजबल को निर्देश दिया कि वे जाने से पहले जांच एजेंसी को यात्रा का प्रोग्राम उपलब्ध कराएं, ताकि वे छुट्टी पर जा सकें.
ED वापस करेगी भुजबल का पासपोर्ट
कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को भुजबल का पासपोर्ट उन्हें सौंपने का निर्देश दिया. भुजबल और शाहू में से प्रत्येक को भारत छोड़ने से पहले इस न्यायालय की रजिस्ट्री में दो लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है. स्पेशल जज राहुल रोकड़े ने साफ किया कि अगर भुजबल ने विदेश यात्रा के लिए पहले कोई राशि जमानत के रूप में जमा की है और अगर वे इसे वापस नहीं लेते हैं, तो इसे मौजूदा यात्रा के लिए जमानत के रूप में जमा की गई राशि के रूप में उपयोग किया जा सकता है.
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कोर्ट ने भुजबल को संपर्क करने के उद्देश्य से ईडी मुंबई ऑफिस को मोबाइल नंबर देने का भी निर्देश दिया. इसके अलावा उन्हें भारत वापस आने के बाद ईडी के पास पासपोर्ट जमा करने और इसकी सूचना देने का निर्देश दिया गया है.