लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश होने से पहले सियासी माहौल गरमाया हुआ है. सरकार बिल पास कराने के लिए आत्मविश्वास से भरी है, जबकि विपक्ष इसे रोकने की रणनीति बना रहा है. मुस्लिम नेताओं ने बिल को संविधान विरोधी बताया है और इसका विरोध किया है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने सभी सेक्युलर राजनीतिक दलों, जिनमें बीजेपी की सहयोगी पार्टियां और सांसदों से अपील की है कि वो वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में मतदान न करें.
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ बिल पर मांगा समर्थन
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने सभी सेक्युलर राजनीतिक दलों, BJP के सहयोगियों और सांसदों से वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध करने की अपील की है. बोर्ड का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में गहरी हस्तक्षेप करेगा और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को कमजोर करेगा. एआईएमपीएलबी ने अपने बयान में साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी परिस्थिति में इस बिल के पक्ष में वोट न दिया जाए.
बीजेपी के मुस्लिम नेता इसे मुसलमानों के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि विपक्ष के मुस्लिम नेता इसे मुसलमानों के हक मारने वाला कह रहे हैं. मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों में भी इस बिल को लेकर एक राय नहीं है. कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे खतरनाक बता रहे हैं.
यह भी पढ़ें: वक्फ संशोधन बिल आज लोकसभा में होगा पेश, विपक्ष हुआ एकजुट, सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण करने का लगाया आरोप
एक पक्ष ऐसा है जो बिल के समर्थन में कसीदे पड़ रहा है. दूसरा पक्ष बिल की खामियां गिना रहा है, उसे मुसलमानों के लिए खतरनाक बता रहा है. सियासी जमात अपने-अपने हिसाब से दिल का समर्थन और विरोध कर रहे हैं. दिल्ली में जनता मुस्लिम अंजुमन ने वक्त बिल के समर्थन में एक टी शर्ट जारी की है. टी शर्ट में बिल का समर्थन करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया गया है.
वक्फ बिल के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर आज (बुधवार) को बहस और वोटिंग होगी. नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी की पार्टियों ने बिल के समर्थन की घोषणा की है. विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है, जबकि मोदी सरकार को बहुमत मिलने की संभावना है.
यह भी पढ़ें: वक्फ विधेयक पर NDA एकजुट, विपक्ष का प्लान फेल! आज लोकसभा में पेश होगा बिल, सभी दलों ने कसी कमर
मोदी सरकार के प्रस्तावित कानून को लेकर मंगलवार को विपक्ष ने बैठक की. विपक्ष ने इस विधेयक को विभाजनकारी और असंवैधानिक बताया है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सभी विपक्षी दल इस विधेयक का एकजुटता से विरोध कर रहे हैं.