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संसद में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया. वोटिंग की नौबत ही नहीं आई. पीएम के भाषण के दौरान बीच में ही विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. पीएम के आधे भाषण के बाद सदन में विपक्ष की बेंच खाली रही. हालांकि, पीएम मोदी ने अपना संबोधन जारी रखा.
अपने 133 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद से ही 2024 का चुनावी एजेंडा सेट कर दिया. उन्होंने दावा किया कि तीसरा टर्म भी नरेंद्र मोदी का ही होगा और यही जनता का 'विश्वास' है.
पीएम ने कहा कि नो कॉन्फिडेंस जनता का केंद्र सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि कांग्रेस और कांग्रेस से जुड़े दलों के खिलाफ है.
ऐतिहासिक रहा पीएम मोदी का भाषण
अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब ऐतिहासिक भाषणों में दर्ज हो गया है. दरअसल, किसी भी नो कॉन्फिडेंस मोशन के वक्त किसी प्रधानमंत्री का सबसे लंबा भाषण का रिकॉर्ड भी अब नरेंद्र मोदी के नाम है. जिन्होंने गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री का दो घंटे बारह मिनट का रिकॉर्ड तोड़कर दो घंटे तेरह मिनट तक संबोधन किया. अपने लंबे भाषण में पीएम ने 9 बार इंडिया बोला, 50 बार कांग्रेस और 18 बार मणिपुर का जिक्र आया.
पीएम मोदी गुरुवार शाम 4.57 मिनट बजे सदन के भीतर पहुंचे. साथ में थी दर्जनों कागज वाली एक मोटी फाइल. इसे देखकर समझ आ गया था कि नरेंद्र मोदी अब फुल फाइनल इनिंग खेलने वाला कच्चा चिट्ठा लेकर आए हैं. इसके बाद शाम 5 बजकर 7 मिनट पर प्रधानमंत्री संबोधन के लिए खड़े होते हैं. इसके बाद 133 मिनट के अंदर उन्होंने कांग्रेस का इतिहास याद दिलाया, राहुल गांधी पर बात की, INDIA गठबंधन को निशाने पर लिया और फिर मणिपुर पर बात की. इसके साथ मोदी ने तीसरे टर्म में देश को दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनाने का दावा भी किया.
'अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है...'
एक तरह से नरेंद्र मोदी ने 2024 के चुनाव की पिच संसद से ही तैयार कर ली. मोदी ने कहा कि मैंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा था कि यह हमारे लिए फ्लोर टेस्ट नहीं है बल्कि ये उनके लिए फ्लोर टेस्ट है और परिणामस्वरूप वे (विपक्षी दल) चुनाव हार गए. मैं इसे भगवान का आशिर्वाद मानता हूं कि ईश्वर ने विपक्ष को सुझाया और वे प्रस्ताव लेकर आए.
देखिए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की पूरी कवरेज
मोदी ने कहा कि एक तरह से विपक्ष का अविश्वास हमारे लिए शुभ होता है. आज मैं देख रहा हूं कि आपने (विपक्ष) तय कर लिया है कि जनता के आशीर्वाद से NDA और BJP 2024 के चुनाव में पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़कर शानदार जीत के साथ वापस आएंगे.
इसके बाद प्रधानमंत्री ने सदन के भीतर 2024 का सबसे बड़ा कप (लोकसभा चुनाव) जीतने का सौ फीसदी भरोसा जनता के सामने रखने से पहले विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव वाली फील्डिंग पर तंज कसा. मोदी ने कहा कि फील्डिंग विपक्ष ने लगाई लेकिन चौके छक्के यहीं (सत्ता पक्ष) से लगे और विपक्ष नो बॉल नो बॉल कर रहा है. इधर सेंचुरी हो रही है, उधर से नो बॉल हो रहा है. विपक्ष के साथियों से कहूंगा कि तैयारी करके क्यों नहीं आते हो, थोड़ी मेहनत कीजिए, पांच साल दिए थे, 18 में कहा था 23 में आना लेकिन आप पांच साल में तैयारी नहीं कर पाए.
'देश को बनाएं दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था'
आगे प्रधानमंत्री ने पहले तो अलग-अलग एजेंसियों के हवाले से दुनिया में बढ़ी देश की ताकत का हिसाब रखा. फिर कहा कि विपक्ष सरकार की साख पर दाग नहीं लगा पाएगा. पीएम ने उदाहरण देकर बताया-
- नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पांच साल में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
- IMF की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अति गरीबी को खत्म किया
- IMF ने भारत की सीधे खाते में पैसा पहुंचाने वाली डीबीटी स्कीम और दूसरी योजनाओं को लॉजिस्टिकल मार्वल कहा
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जल जीवन मिशन से देश के चार लाखों की जान बचने का दावा किया
- स्वस्थ भारत मिशन के तहत 3 लाख नागरिकों की जान की रक्षा हुई, इसके लिए भी WHO का हवाला दिया.
इन आंकड़ों के साथ ही प्रधानमंत्री ने संसद से भी दावा किया कि 2024 में मोदी सरकार ही बनेगी. मोदी ने कहा कि मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि हमारी सरकार के अगले टर्म में, तीसरे टर्म में भारत दुनिया की तीसरी टॉप अर्थव्यवस्था बनाएंगे. पीएम ने आगे कहा कि 2028 में आप जब अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे, तब ये देश पहले तीन (अर्थव्यवस्था) में होगा.
'इस बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है...'
इसके बाद प्रधानमंत्री ने 2024 में उनके सामने जुटे विपक्ष के गठबंधन I.N.D.I.A. की कमजोर नब्ज दबाई. ये नब्ज है नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष का चेहरा ना होने की. पीएम ने कहा, 'ये इंडिया गठबंधन नहीं, घमंडिया गठबंधन. इसकी बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है. हर कोई पीएम बनना चाहता है. इस गठबंधन ने ये भी नहीं सोचा कि किस राज्य में आपका किससे कैसा कनेक्शन है.'
फिर प्रधानमंत्री ने सदन से ही मतदाताओं तक इस संदेश को पहुंचाने की कोशिश की है कि आज बीजेपी के सामने एकजुट होने वाले आगे बिखर जाएंगे. मोदी ने कहा, 'अभी हालत (विपक्ष में हैं) ये है इसलिए हाथों में हाथ हैं. जहां हालात बदले, फिर छुरियां भी निकलेंगी.'
मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं ने बेंगलुरु में मिलजुलकर करीब डेढ़ दो दशक पुराने यूपीए का क्रिया-कर्म किया है, उसका अंतिम संस्कार किया है और इसका जश्न भी मनाया. खंडहर पर नया प्लास्टर लगाने का जश्न. फेल मशीन पर पेंट करने का जश्न। खटारा गाड़ी को इलेक्ट्रिक व्हीकल बताने का जश्न. मोदी ने आगे कहा कि मजेदार ये है कि मजमा खत्म होने से पहले ही उसका
क्रेडिट लेने के लिए सिर फुटौव्वल शुरू हो गई.
पीएम ने आगे परिवारवाद, वंशवाद पर भी टिप्पणी की. उन्होंने दोहराया कि गरीब का बेटा पीएम बन गया ये बात कांग्रेस को हजम नहीं होती. उन्होंने कहा, 'कभी कांग्रेस नेताओं के जन्मदिन पर हवाई जहाज में केक काटे जाते हैं, लेकिन अब उस हवाई जहाज में गरीब के लिए वैक्सीन जाता है. एक जमान था कि ड्राईक्लीन के लिए कपड़े हवाई जहाज से आते है. आज हवाई चप्पल वाला गरीब हवाई जहाज में उड़ रहा है. कभी छुट्टी मनाने, मौज मस्ती के लिए नौसेना के युद्धपोत को मंगवा लेते थे. लेकिन अब उन जहाजों में दूर फंसे भारतीय को लाया जाता है.'
मोदी ने कहा कि गरीब का बेटा यहां (पीएम की कुर्सी पर) कैसे बैठा है ये बात कांग्रेस को सोने नहीं देती. मोदी बोले कि देश की जनता भी आपको सोने नहीं देगी, 2024 में भी आपको सोने नहीं देगी.
इस तरह अविश्वास प्रस्ताव की बहस के तीसरे और आखिरी दिन को 2024 में अपने तीसरे कार्यकाल के लिए जनता के बीच माहौल बनाना वाला बना दिया. अब देखना होगा कि मॉनसून सत्र के आखिरी दिन विपक्षी दल पीएम के बयान और अविश्वास प्रस्ताव के गिरने पर क्या प्रतिक्रिया देंगे.
मणिपुर पर क्या बोले पीएम मोदी?
मोदी के भाषण के बीच विपक्षी नेताओं ने सदन से वॉकआउट किया. उनका कहना था कि मोदी मणिपुर पर नहीं बोल रहे हैं. इसके बाद मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में जिनका भरोसा नहीं होता है वो सुनाने को तैयार होते हैं लेकिन सुनने को तैयार नहीं होते. वे झूठ फैलाकर भाग जाते हैं.
इसके बाद मोदी ने मणिपुर पर बात की. वह बोले कि अगर विपक्ष ने गृह मंत्री की चर्चा पर सहमति जताई होती तो लंबी चर्चा हो सकती थी. मोदी ने कहा कि विपक्षी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव पर सभी विषयों पर बोले, हमारा भी दायित्व बनता है कि देश के विश्वास को प्रकट करें और सब चीजों के बारे में बताएं.
'नॉर्थ ईस्ट हमारे जिगर का टुकड़ा है...' जानें लोकसभा में मणिपुर पर क्या बोले पीएम मोदी
मोदी ने कहा कि अगर सिर्फ मणिपुर पर चर्चा की बात थी गृहमंत्री ने पत्र लिखकर कहा था लेकिन विपक्ष का इरादा चर्चा का नहीं था. इनके पेट में दर्द था लेकिन फोड़ सिर रहे थे.
पीएम ने कहा कि मणिपुर में एक अदालत का फैसला आया. उसके पक्ष-विपक्ष में परिस्थिति बनी और हिंसा का दौर शुरू हुआ. कई लोगों ने अपनों को खोया, महिलाओं के साथ अपराध हुआ. दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार काम कर रही है. देश भरोसा रखे, मणिपुर में शांति का सूरज जरूर उगेगा. मणिपुर के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ है, हम आपके साथ हैं.
'नॉर्थ ईस्ट हमारे जिगर का टुकड़ा'
विपक्षी दलों ने कहा था कि मोदी ने नॉर्थ ईस्ट को देश का हिस्सा नहीं माना. इसपर पलटवार करते हुए मोदी ने तीन घटनाओं का जिक्र किया.
मोदी ने कहा कि पांच मार्च 1966, कांग्रेस ने मिजोरम में असहाय नागरिकों पर अपनी वायुसेना से हमला करवाया था. क्या मिजोरम के लोग भारत के नागरिक नहीं थे, निर्दोष नागरिकों पर कांग्रेस ने हमला करवाया था. आज भी पांच मार्च को पूरा मिजोरम शोक मनाता है. कांग्रेस ने इस सच को छिपाया, कभी घाव भरने की कोशिश नहीं की. इस वक्त इंदिरा गांधी पीएम थीं. अकाल तख्त पर हमला सबको याद है, लेकिन ऐसे हमले पहले ही शुरू हो गए थे.
दूसरी घटना 1962 की है. वह खौफनाक प्रसारण याद है. देश पर चीन का हमला हो रहा था. लोगों को मदद की आस थी. ऐसी विकट घड़ी में पंडित नेहरू ने कहा था कि my heart goes out to the people of Assam. नेहरू ने वहां के लोगों को भाग्य पर जीने के लिए छोड़ दिया था.
मोदी आगे बोले कि जो लोग अपने आप को लोहिया का वारिस करते हैं. लोहिया ने नेहरू पर आरोप लगाते हुए कहा था कि नेहरू जान बूझकर नॉर्थ ईस्ट का विकास नहीं कर रहे. उस जगह को हर तरह के विकास से वंचित रखा गया है.
मोदी ने आगे कहा कि जहां पर एक-दो लोकसभा सीट होती थीं उनकी तरफ कांग्रेस का ध्यान नहीं रहा. लेकिन हमारे लिए नॉर्थ ईस्ट जिगर का टुकड़ा है. मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट, मणिपुर की मौजूदा स्थिति की वजह कांग्रेस है.