नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को भी जगह मिली है. एनडीए सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है. मजूमदार पहली बार मोदी कैबिनेट में शामिल हुए हैं. उन्हें शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है.
सुकांत मजूमदार को बीजेपी ने 20 सितंबर 2021 को पश्चिम बंगाल का अध्यक्ष बनाया था. उनसे पहले दिलीप घोष बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष थे. ये पहली बार था जब बीजेपी ने अपना अध्यक्ष उत्तरी बंगाल से आने वाले नेता को बनाया था.
मजूमदार लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं. 2019 में बलूरघाट सीट से पहला चुनाव जीता था. तब उन्होंने टीएमसी की अर्पिता घोष को 33,293 वोटों से हराया था. 2019 की तुलना में 2024 में उनकी जीत का अंतर थोड़ा छोटा रहा. इस बार उन्होंने टीएमसी के बिप्लब मित्रा को 10,386 वोटों से हराया है.
29 दिसंबर 1979 में जन्मे सुकांत मजूमदार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रह चुके गुरु देवी दास चौधरी उनके मेंटॉर रहे हैं. देवी दास चौधरी ने ही उन्हें संघ कार्यकर्ता के रूप में तैयार किया. मजूमदार के राजनीति में आने की वजह भी देवी दास चौधरी ही हैं.
उनके पिता सुशांत कुमार मजूमदार एक सरकारी कर्मचारी थे और उनकी मां निबेदिता मजूमदार प्राथमिक स्कूल में टीचर थीं.
सुकांत मजूमदार की स्कूली पढ़ाई दक्षिण दिनाजपुर जिले के खादिमपुर हाई स्कूल से हुई है और उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान में पीएचडी की है. मजूमदार ने चुनाव आयोग को दिए एफिडेविट में अपने पास 1.24 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने की बात बताई है. उनके खिलाफ 16 क्रिमिनल केस दर्ज हैं. उन्होंने कोयल चौधरी से शादी की है और उनकी एक बेटी है.