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विधायकों के खिलाफ अयोग्यता पर कदम उठाने में देरी, स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई NCP

जयंत पाटिल ने अपनी अर्जी में लिखा है कि दो महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक स्पीकर ने संबंधित विधायकों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब भी नहीं किया है. अयोग्यता की अर्जी दो जुलाई को दो गई जबकि रिमाइंडर और रिप्रेजेंटेशन पांच सितंबर और सात सितंबर को दिया गया था.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र विधान सभा में स्पीकर की ओर से विधायकों की अयोग्यता के मामले को जान बूझ कर लटकाए रखने के मामले में एनसीपी एमएलए जयंत पाटिल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. एनसीपी के विधायक पाटिल ने अपनी याचिका में निर्वाचन आयोग में चल रहे मामले का भी जिक्र किया है.

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9 जुलाई को दी गई अर्जी पर नहीं हुई कार्रवाई
उन्होंने कहा है कि बागी विधायकों ने आयोग में अर्जी लगाई है जिस पर नोटिस जारी हुआ है. उधर विधान सभा में स्पीकर ने अनुशासन हीनता के आरोपी विधायकों की अयोग्यता पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए दाखिल शरद पवार गुट की ओर से नौ जुलाई को दी गई अर्जी पर कोई भी कार्यवाही पूरी नहीं की है.

दो महीने हो गए, स्पीकर ने नहीं किया विधायकों को तलब
जयंत पाटिल ने अपनी अर्जी में लिखा है कि दो महीने से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक स्पीकर ने संबंधित विधायकों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब भी नहीं किया है. अयोग्यता की अर्जी दो जुलाई को दो गई जबकि रिमाइंडर और रिप्रेजेंटेशन पांच सितंबर और सात सितंबर को दिया गया था. पाटिल ने कहा कि उन्होंने स्पीकर से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात करके भी इस मामले पर शीघ्र निर्णय करने का आग्रह किया था. उम्मीद है सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा.

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एनसीपी का कहना है कि स्पीकर ने "एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपने संवैधानिक कर्तव्य की पूरी तरह से अवहेलना करते हुए अयोग्यता याचिकाओं पर विचार करने में देरी की है, जो याचिकाकर्ता के राजनीतिक दल (एनसीपी) के हितों और आम जनता के हितों के लिए हानिकारक है." एनसीपी से संबंधित अपराधी विधायकों, जिनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की गईं हैं, ने एक साथ, यानी 30.06.2023 को प्रतीक आदेश के पैरा 15 के तहत चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया है.

चुनाव आयोग ने की तेजी से कार्रवाई
चुनाव आयोग ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की है. हालांकि वह 14.09.2023 को ही इस नतीजे पर (गलती से) पर पहुंच गया था कि एनसीपी में दो गुट हैं, उसने पहले ही पैरा 15 याचिका पर अंतिम बहस के लिए 06.10.2023 की तारीख तय कर दी है. दूसरी ओर, स्पीकर अयोग्यता की कार्यवाही में कोई कदम उठाने में विफल रहे हैं. जयंत पाटिल की याचिका पर सुनवाई 9 अक्टूबर (सोमवार) को होगी.

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