सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उन छात्रों को वापस लाने का निर्देश दिया है, जो NEET या JEE परीक्षा देना चाहते हैं. इन छात्रों को वंदे भारत मुहिम के जरिए वापस लाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश केरल के सामाजिक कार्यकर्ता की पीटिशन पर दिया, जिसमें उन्होंने दुबई या मिडिइल ईस्ट के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को NEET या JEE परीक्षा दिलाने के लिए वतन वापसी की मांग की थी.
ये याचिका केरल के एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी. इसमें दुबई और मिडिल ईस्ट में रहने वाले उन छात्रों के बारे में कहा गया था जो NEET / JEE परीक्षा देना चाहते हैं.
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता हरीस बीरन का तर्क है कि कई अभ्यर्थी दूसरे देशों में रहते हैं, उनमें से 60% जेईई लिखने की इच्छा रखते हैं. वो पहले से ही विदेशों में परीक्षा केंद्रों का चयन कर चुके हैं.
इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिकाकर्ता अधिकारियों से संपर्क कर सकता था लेकिन किसी भी प्रभावित छात्र ने प्रतिनिधि के साथ सरकार से संपर्क नहीं किया है.
SC ने केंद्र से उन छात्रों को अनुमति देने के लिए कहा जो वंदे भारत योजना के तहत भारत आने के लिए परीक्षा देना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम परीक्षा में हस्तक्षेप नहीं कर सकते.
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी पूछा कि JEE ऑनलाइन परीक्षा हो सकती है तो NEET को अगले साल से ऑनलाइन आयोजित क्यों नहीं किया जा सकता है? जब एक ही राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) दोनों परीक्षा आयोजित करती है. कोर्ट ने कहा कि इससे खाड़ी या दक्षिण पूर्व एशिया में कई छात्रों को फायदा मिलेगा जो भारत पढ़ाई के लिए आते हैं.
SC का कहना है कि आने वाले छात्रों के लिए क्वारनटीन प्रोटोकॉल में ढील नहीं दी जा सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप केरल में रहते हैं. आपका राज्य अब महामारी के कगार पर है. इतने मामले बाहर से आ रहे हैं. हम महामारी में योगदान करने वाले किसी भी आदेश को पारित नहीं कर सकते. कोर्ट ने कहा कि अभी परीक्षा के लिए 13 दिन से ज्यादा दिन शेष हैं. उन्हें तुरंत भारत आने के लिए कहें ताकि वे परीक्षा दे सकें.