इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के सत्र New Bridges to the Gulf में विदेश मंत्रालय के सचिव (सीपीवी और ओआईए) डॉ. औसाफ सईद और केरल सरकार के विशेष कार्य अधिकारी (बाहरी सहयोग) वेणु राजामोनी ने हिस्सा लिया. इस दौरान दोनों पैनेलिस्ट ने भारत और खाड़ी के देशों के बीच रिश्तों पर चर्चा की. वहीं, खाड़ी देशों में भारतीयों के रोजगार को लेकर भी इस सेशन में बातचीत हुई.
विदेश मंत्रालय के सचिव (सीपीवी और ओआईए) डॉ औसाफ सईद ने कहा कि खाड़ी वाले देश बहुत प्रतिस्पर्धी हो रहे हैं. उनके देश में रोजगार के लिए कौन से लोग आ रहे हैं, इसका चुनाव वो लोगों की स्किल्स के आधार पर कर रहे हैं. इसलिए भारत से जाने वाले लोगों का चुनाव भी इस चीज पर करेंगे कि वो कितने ज्यादा स्किल्ड हैं.
भारत और खाड़ी के देशो के संबंध और बेहतर होंगे
इसके अलावा, डॉ औसाफ सईद ने बताया कि हम अलग-अलग देशों में भारतीयों के लिए संभवनाएं तलाश रहे हैं. इसके लिए हमने यूके, इटली, डेनमार्क जैसे देशों के साथ माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट (MMPS) पर बातचीत शुरू कर दी. वहीं, जापान के साथ हमारा स्पेशलाइज्ड स्किल्ड वर्कर एग्रीमेंट है. इस एग्रीमेंट को हेल्थकेयर और खेती-किसानी को लेकर ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसके जरिए हम नए और सुरक्षित रेवेन्यू के लिए काम कर रहे हैं.
डॉ औसाफ सईद ने कहा कि व्यापार और वाणिज्य, खाद्य सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, रक्षा और अन्य के मामले में खाड़ी हमारे लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आनेवाले सालों में भारत और खाड़ी के देशो के संबंध और बेहतर होंगे.
हमारे सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध
वहीं, खाड़ी के देशों और केरल के बीच रिश्ते पर वेणु राजामोनी ने कहा कि अरब से सदियों से लोग केरल आते रहे हैं. हमारे सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध हैं. उन्होंने कहा कि केरल से सबसे ज्यादा लोग हज के लिए गल्फ जाते हैं. यह एक मुख्य कारण है कि गल्फ में भारतीयों का सम्मान और स्वागत किया जाता है, लेकिन अगर हम भविष्य की ओर देखें, तो जैसे-जैसे माइग्रेशन के ट्रेंड्स बदल रहे हैं, हमारे लिए इसे व्यापार और निवेश में बदलने की चुनौती है. वेणु राजामोनी ने कहा कि न केवल केंद्र सरकार के स्तर पर, बल्कि राज्य सरकार के स्तर पर भी दोनों देशों के बीच घनिष्ठ राजनीतिक संबंध विकसित करने की चुनौती हमारे सामने है.
हालांकि, ये निराशाजनक है कि केरल में सबसे ज्यादा टूरिस्ट गल्फ देशों की बजाय यूके और फ्रांस से आते हैं. दोनों देशों के बीच रिश्ता बनाने के लिए गल्फ देशों से और टूरिस्ट आकर्षित करने की जरूरत है. खाड़ी में रहने वाले केरल के अप्रवासी भारतीय, जो बड़े व्यवसायी बन गए हैं, उन्होंने केरल में पिछले कई सालों से बड़ा योगदान दिया है. लेकिन, हमारे पास अभी भी प्रमुख अरब निवेश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमें केरल में निवेश को बढ़ाने के लिए बहुत काम करना है, इसलिए वो केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहेंगे.
भारत आज कई खाड़ी देशों में निवेश कर रहा
विदेश मंत्रालय के सचिव (सीपीवी और ओआईए) डॉ औसाफ सईद ने कहा कि भारत आज कई खाड़ी देशों में निवेश कर रहा है और आने वाले वर्षों में यह बढ़ने वाला है. उन्होंने कहा कि मोरेसो, भारत और खाड़ी देशों के बीच खरीद-बिक्री के अलावा भी सौहार्दपूर्ण संबंध हैं. उन्होंने कहा कि हमारे रिश्ते सभी गल्फ देशों के साथ बहुत मजबूत हैं. इनमें भी, यूएई, सऊदी अरब और ओमान के साथ हमारी स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप है.
इसके अलावा, डॉ औसाफ सईद ने बताया कि सऊदी अरब बड़े पैमाने पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है. वे सऊदी अरब को सबसे बड़ा क्रिकेट लीग का ठिकाना बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हो सकता है आनेवाले सालों में साऊदी अरब में आपको आईपीएल मैच देखने को मिलें.
चीन-पाकिस्तान के गल्फ से रिश्ते
वेणु राजामोनी ने चीन-पाकिस्तान के गल्फ से रिश्तों पर कहा कि गल्फ देशों में भारतीयों की उपस्थिति पाकिस्तानी नागरिकों से ज्यादा वैल्यू की जाती है. वहीं, चीन कभी भी अरब और भारतीय लोगों के बीच के संबंध की बराबरी नहीं कर सकता है.