टोल प्लाजाओं पर टोल वसूली में अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 14 टोल कलेक्शन एजेंसियों को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है. यह कदम टोल वसूली को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा पर यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने छापा मारा था. जांच के बाद टोल वसूली में गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर NHAI ने इन एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. लेकिन एजेंसियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई.
100 करोड़ से अधिक की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जब्त
NHAI ने इन एजेंसियों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जब्त कर ली है और उसे भुनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह जुर्माना अनुबंध शर्तों के उल्लंघन के चलते लगाया गया है. ब्लैकलिस्ट की गई एजेंसियों के स्थान पर अब नई टोल वसूली एजेंसियों की नियुक्ति की जाएगी. NHAI ने स्पष्ट किया है कि टोल प्लाजाओं का संचालन बाधित नहीं होगा और नए ठेकेदारों को जल्द ही काम सौंपा जाएगा.
NHAI की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
NHAI ने कहा कि टोल वसूली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अनुशासनहीनता करने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और भविष्य में NHAI की परियोजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा. NHAI का यह कदम टोल वसूली प्रक्रिया को ईमानदार और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.