राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इसी महीने राजधानी के अलीपुर इलाके की पेंट फैक्ट्री में लगी आग के मद्देनजर दिल्ली सरकार और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है. अलीपुर पेंट फैक्ट्री में लगी आग में 11 लोगों की मौत हो गई थी.
एनएचआरसी ने फैक्ट्री अधिनियम के तहत सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने वाली अवैध रूप से चल रही सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे करने का निर्देश दिया है. ये वो औद्योगिक इकाइयां हैं, जो खतरनाक रसायन और अन्य ज्वलनशील पदार्थ बनाती हैं. इस संबंध में दिल्ली सरकार को छह हफ्तों के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है.
आयोग ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह आग लगने की कोई एकलौती घटना नहीं है, जहां फैक्ट्री मालिकों और प्रशासन की लापरवाही की वजह से निर्दोष कामगारों की मौत हुई है. प्रशसान ने इस तरह की पहले हुई घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया.
अलीपुर पेंट फैक्ट्री में कैसे लगी थी आग?
अलीपुर मार्केट की एक पेंट फैक्ट्री में 15 फरवरी की शाम को भीषण आग लग गई थी. बेहद संकरे इलाके में स्थित इस पेंट फैक्ट्री में हादसे के वक्त मजदूर काम कर रहे थे, जो आग लगने के बाद बाहर नहीं निकल पाए. आसपास की दुकानें और कुछ घर भी आग की चपेट में आ गए थे. फैक्ट्री का संचालन सोनीपत के रहने वाले अखिल जैन पुत्र अशोक जैन द्वारा किया जा रहा था. इस आग में 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हुए थे.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज इलाके का दौरा कर पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया था. केजरीवाल ने कहा था कि जिन लोगों की मौत हुई है, उन सभी के परिवारजनों को दिल्ली सरकार की तरफ से 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा जो लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, उनकों दो-दो लाख रुपये और मामूली रूप से झुलसे लोगों को 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे.