राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने स्थानीय पुलिस की सहायता से मंगलवार को पाकिस्तानी आईएसआई से जुड़े विशाखापत्तनम जासूसी मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें नौसेना की संवेदनशील और गोपनीय रक्षा जानकारी शामिल थी.
वेथन लक्ष्मण टंडेल और अक्षय रवि नाइक को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से पकड़ा गया, जबकि अभिलाष पी.ए. को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार किया गया. तीनों की गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक कुल गिरफ्तारियां 8 हो गई हैं.
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों (पीआईओ) के संपर्क में पाए गए. एनआईए की जांच के अनुसार, वे कारवार नौसेना बेस और कोच्चि नौसेना बेस पर भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के बारे में संवेदनशील जानकारी साझा कर रहे थे और जानकारी के बदले पीआईओ से पैसे ले रहे थे.
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एनआईए ने अब तक दो फरार पाकिस्तानी गुर्गों सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. यह मामला मूल रूप से जनवरी 2021 में काउंटर इंटेलिजेंस सेल, आंध्र प्रदेश द्वारा आईपीसी की धारा 120 बी और 121 ए, यूए(पी) अधिनियम की धारा 17 और 18 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया था.
एनआईए की जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी नागरिक मीर बलज खान, गिरफ्तार आरोपी आकाश सोलंकी के साथ, भारत विरोधी साजिश के तहत भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील महत्वपूर्ण जानकारी लीक करने से संबंधित जासूसी रैकेट में शामिल था. मीर बलज और सोलंकी के अलावा एनआईए ने इस मामले में एक और फरार पीआईओ, अल्वेन, मनमोहन सुरेंद्र पांडा और अमन सलीम शेख के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.