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कल होने वाली नीति आयोग की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा, विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद ये नेता होंगे शामिल

दिल्ली में 27 जुलाई को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस मीटिंग में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. वहीं, गैर-बीजेपी शासित राज्यों और विपक्षी दलों ने इस मीटिंग का बहिष्कार किया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली में 27 जुलाई को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक होने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 'विकसित भारत@2047' दस्तावेज पर चर्चा की जाएगी. साथ ही 27 से 29 दिसंबर, 2023 के दौरान आयोजित मुख्य सचिवों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर चर्चा की जाएगी. नीति आयोग की बैठक में पेयजल की पहुंच, मात्रा और गुणवत्ता, बिजली की गुणवत्ता, एफिशिएंसी और विश्वसनीयता, स्वास्थ्य की पहुंच, सामर्थ्य और देखभाल की गुणवत्ता, स्कूली शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता और भूमि और संपत्ति की पहुंच, डिजिटलीकरण, रजिस्ट्रेशन और म्यूटेशन के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.

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कई नेता नहीं होंगे शामिल
इस मीटिंग में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. वहीं, गैर-बीजेपी शासित राज्यों और विपक्षी दलों ने इस मीटिंग का बहिष्कार किया है. लेकिन इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल होने की उम्मीद है. ममता ने यह भी दावा किया है कि उनके साथ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी नीति आयोग की बैठक का हिस्सा बनेंगे. ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं लेकिन उनके अलावा ब्लॉक की सभी पार्टियां मीटिंग का बहिष्कार कर रही हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के सीएम भगवंत मान, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित कई नेताओं मीटिंग में नहीं शामिल होने का फैसला लिया है.

कोलकाता में ममता बनर्जी ने कहा, मैंने पहले ही फैसला कर लिया है कि मैं जाऊंगी (नीति आयोग की बैठक में). लेकिन उनका (केंद्र) रवैया अलग है. उन्होंने हमसे कहा है कि हमें लिखकर भेजें कि किस तरह से बंगाल को बजट से वंचित किया गया है. हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं.

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ममता का कहना था कि यह भेदभाव पसंद नहीं है. बजट में केंद्र सरकार ने भेदभाव किया है. इसीलिए मैंने अपनी आवाज उठाने के लिए नीति आयोग की बैठक में जाने का फैसला किया है और कुछ समय के लिए वहां बैठक में रहूंगी. अगर वे हमें कुछ कहने की इजाजत देंगे तो हम अपनी बात रखेंगे. इस बैठक में हेमंत सोरेन भी शामिल होने वाले हैं. हम अपनी चिंताएं बताने की कोशिश करेंगे.

दरअसल, इंडिया ब्लॉक में शामिल विपक्षी दलों ने ऐलान किया है कि वो शनिवार को होने वाली नीति आयोग की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक का बहिष्कार करने का दावा किया है. इसमें पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. इससे पहले कांग्रेस ने भी कहा था कि पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री 27 जुलाई को होने वाली मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे.

'बहिष्कार की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है'
नीति आयोग की बैठक में विपक्ष के शामिल न होने पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य पार्टियां निजी हित को प्राथमिकता दे रही हैं. बहिष्कार की यह राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है और वह भी नीति आयोग जैसे मंच का, जो गैर-राजनीतिक है.' 

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'विपक्ष ने एक बार फिर भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में अपनी घटिया सोच दिखाई है. कुछ राजनीतिक दल इस बैठक का बहिष्कार करने के बारे में सोच रहे हैं. इससे पता चलता है कि उनकी व्यक्तिगत राजनीति देश पर किस तरह हावी है. कभी-कभी मुझे लगता है कि वे जनसेवा से ज्यादा महत्व प्रचार को देते हैं.'

वेणुगोपाल ने कहा, 'इस सरकार का रवैया पूरी तरह से संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है. हम ऐसे कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे जो पूरी तरह से इस शासन के सच्चे, भेदभावपूर्ण रंगों को छिपाने के लिए बनाया गया है.'

भगवंत मान भी करेंगे बहिष्कार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी 27 जुलाई को होने वाली नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करेंगे. इससे पहले कांग्रेस ने भी बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए कहा था कि उसके मुख्यमंत्री 27 जुलाई को होने वाली मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे.

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