बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली गई शिक्षक बहाली भर्ती परीक्षा के बाद रिजल्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद गुरुवार (02 नवंबर) को सीएम नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. इस परीक्षा में 1,20,336 नए शिक्षक बहाल हुए हैं. इनमें से 25 हजार शिक्षक गांधी मैदान पहुंचेंगे. वहीं अन्य को उनके जिले में ही नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे.
इस शिक्षक बहाली पर लगातार घोटाले का आरोप लग रहा है. वहीं, दूसरी ओर इसे लेकर क्रेडिट की जंग भी जारी है. टीचर भर्ती पर आरजेडी के साथ छिड़े क्रेडिट वॉर के बीच आज नीतीश कुमार पटना में खुद appointment letters बाटेंगे और इस दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे. वह हाल ही में जापान दौरे से लौटे हैं.
बता दें कि, जापान दौरे से वापस लौटे डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शिक्षक बहाली को लेकर हो रही क्रेडिट पॉलिटिक्स पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि, 'इन सब बातों का कोई मतलब नहीं है, बीजेपी विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है. महागठबंधन की सरकार ने वादा किया था और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमने उसे पूरा किया है. कभी क्रेडिट की बात होगी तो कभी पोस्टर में फोटो की, क्या फर्क पड़ता है? मैं कल गांधी मैदान के मंच पर कार्यक्रम में रहूंगा.
बता दें कि जेडीयू ने खुद ही TEACHER RECRUITMENT का श्रेय नीतिश कुमार को दिया था. जेडीयू की ओर से कहा गया कि, 'बिहार में लगातार रोजगार मिल रहा है, जबसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने हैं उस वक़्त से लगातार रोजगार दिया जा रहा है लेकिन इस बार बड़े पैमाने पर रोजगार दिया जा रहा है. जो चर्चा का विषय है, और इसका श्रेय नीतीश कुमार को जाता है.
बता दें कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद कोटा के मंत्री आलोक मेहता से कहा था कि इस पूरे काम के लिए राजद खुद क्रेडिट न ले, बल्कि यह कहे कि बिहार सरकार ने यह काम किया है. लेकिन इसके कुछ ही मिनट के अंदर राजद की तरफ से एक ट्वीट किया गया था जहां पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को प्रमुखता देते हुए दिखाने की कोशिश की गई है कि 120000 शिक्षकों की नियुक्ति तेजस्वी यादव के वायदे का नतीजा है. सोशल मीडिया पर राजद की तरफ से जारी एक पोस्ट में तेजस्वी यादव को प्रमुखता दी गई थी और नीतीश कुमार की तस्वीर को केवल कोने में छोटी सी जगह दी गई थी.