विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सदस्यों ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के पदेन सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के लिए राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. इस प्रस्ताव को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू विपक्ष पर जमकर बरसे. संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि आज बहुत दुख के साथ खड़ा हो रहा हूं. भारतीय लोकतंत्र में 72 साल बाद एक किसान का बेटा उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचकर देश सेवा करने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति ने किस तरह से सदन की गरिमा को रखा है, यह पूरे देश ने देखा है.
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आप लोग इस सदन के सदस्य रहने के लायक नहीं हैं. आप (विपक्षी सदस्य) एक किसान के बेटे जो हाउस के चेयरमैन हैं, उनके खिलाफ सदन के बाहर जाकर आरोप लगाते हैं, अभद्र टिप्पणियां करते हैं. किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के लोग न सदन की गरिमा रखते हैं, ना चेयर का आदर करते हैं. उन्होंने कहा कि इस देश की अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने की शपथ लेकर हम आएंगे. आपका जो इंटेंशन है, उसको हम कामयाब नहीं होने देंगे.
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किरेन रिजिजू ने राज्यसभा सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की निंदा की. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और सोरोस का लिंक हम नहीं जोड़ रहे, ये दुनिया कह रही है. भारत के खिलाफ काम करने वालों के साथ आप लोग तालमेल में रहते हैं. किरेन रिजिजू ने कहा कि आप भारत विरोधियों के साथ खड़ा रहते हो और चेयरमैन के खिलाफ नोटिस देते हो. उन्होंने सभापति जगदीप धनखड़ की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा चेयरमैन मिलना मुश्किल है. पद पर रहते हुए और सदन के बाहर भी धनखड़ जी ने किसानों के लिए बात किया है.
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संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमें गर्व है, जगदीप धनखड़ जी चेयरमैन के रूप में इस कुर्सी पर आसीन हैं. आप लोग नोटिस देने का काम करेंगे तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. सोनिया गांधी और सोरोस का जो रिश्ता है, उस पर जवाब देना चाहिए और कांग्रेस को माफी मांगना चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री जब राज्यसभा में बोल रहे थे, विपक्षी सदस्य सदन को चलने दो के नारे लगा रहे थे. किरेन रिजिजू के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौ़ड़ा ने भी विपक्ष के इस कदम की आलोचना की. इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.