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विदेश मंत्रालय ने कहा- चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में नहीं आई कोई गिरावट

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने अपने लिखित प्रश्न में पूछा था कि क्या हमारे पड़ोसी मुल्कों नेपाल, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यांमार के साथ हाल के दिनों में भारत के संबंध बिगड़े हैं?

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विदेश मंत्री एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सौगत रॉय के सवाल पर विदेश मंत्रालय का जवाब
  • अन्य पड़ोसी मुल्कों के साथ भी बेहतर हैं संबंध
  • पड़ोसी मुल्कों के साथ कई क्षेत्रों में साझेदारी

विदेश मंत्रालय ने संसद में बताया है कि हाल के दिनों में चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में कोई गिरावट नहीं आई है. लोकसभा में विदेश मंत्रालय की ओर से एक सवाल के जवाब में यह बात कही गई.

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तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने लोकसभा में भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर प्रश्न पूछा था. इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने लिखित उत्तर पेश करते हुए कहा है कि चीन के साथ भारत के संबंध बहुत खराब नहीं हुए हैं. विदेश मंत्रालय का यह जवाब इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि हाल के महीनों में पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के साथ भारतीय फौज की झड़प हो चुकी है. कई दशक बाद सरहद पर हिंसक झड़प सामने आई है. इसके बावजूद विदेश मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया है कि चीन के साथ भारत के संबंधों में कोई गिरावट नहीं आई है.

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने अपने लिखित प्रश्न में पूछा था कि क्या हमारे पड़ोसी मुल्कों नेपाल, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यांमार के साथ हाल के दिनों में भारत के संबंध बिगड़े हैं? अगर ऐसा है तो इसका कारण बताया जाए. सवाल में यह भी पूछा गया कि उपरोक्त देशों के साथ क्या चीन के संबंध पहले से बेहतर हुए हैं? अगर ऐसा है तो इसका विवरण पेश किया जाए. सरकार यह भी बताए कि पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंध बेहतर करने के लिए कैसे कदम उठाए जा रहे हैं?

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इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ बेहतर संबंधों को शीर्ष प्राथमिकता देता है. भारत अपने पड़ोसी मुल्कों का सक्रिय राजनीतिक और आर्थिक साझीदार है. इन देशों के साथ भारत विकास की कई परियोजनाएं चला रहा है. भारत का पड़ोसी देशों के साथ शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और निवेश के क्षेत्र में भी गहरा संबंध है.

इसी मुद्दे पर दो और सांसदों कौशलेंद्र कुमार और राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी सवाल पूछे. क्या भारत हालिया तनाव को देखते हुए चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता को जारी रखे हुए है, अगर ऐसा है तो इसका विवरण दिया जाए. क्या सरकार तनाव कम करने के लिए चीन के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दे रही है? इस पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में कई दौर की वार्ता हो चुकी है और यह अब भी जारी है. सरहद पर तनाव कम करने के लिए दोनों पक्ष बातचीत पर राजी हैं और इसे आगे बढ़ाया जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक का भी जिक्र किया.

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