दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को राव आईएएस स्टडी सर्कल (Rau'S IAS Study Circle) की उस बिल्डिंग में फिर से क्लासेज शुरू करने की याचिका खारिज कर दी, जिसके बेसमेंट में गत 27 जुलाई को बारिश का पानी घुसने से यूपीएससी की तैयारी कर रहे 3 स्टूडेंट्स की डूबकर मौत हो गई थी. राव आईएएस कोचिंग के सीईओ अभिषेक गुप्ता की ओर से यह याचिका अदालत में दाखिल की गई थी.
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अभिषेक गुप्ता ने यह कहते हुए बिल्डिंग को एक्सेस करने की अनुमति मांगी थी कि वह चाहते हैं कि कोचिंग चले ताकि छात्र पढ़ाई जारी रख सकें. हालांकि, सीबीआई ने यह कहते हुए उनकी दलील का विरोध किया था कि हादसे के वक्त बेसमेंट का उपयोग लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था, जबकि इसका उपयोग स्टोरेज के लिए किया जाना चाहिए था. क्योंकि फायर डिपार्टमेंट और एमसीडी ने बिल्डिंग मालिकों को बेसमेंट का उपयोग स्टोरेज के लिए करने की अनुमति दी थी.
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साथ ही राउज एवेन्यू कोर्ट ने एसयूवी के संबंध में जांच के लिए सीबीआई को और समय दिया. बता दें कि वह एसयूवी अब भी सीबीआई के पास है. अदालत एसयूवी मालिक मनोज कथूरिया की याचिका पर विचार कर रही थी, जिन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी. कथूरिया ने कोर्ट से अपनी एसयूवी को सीबीआई की कस्टडी से छोड़ने का निर्देश देने की मांग की थी.
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सीबीआई ने एसयूवी के निरीक्षण के संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट दायर की और कहा कि आईआईटी-दिल्ली के विशेषज्ञों की एक टीम ने वाहन और बिल्डिंग के गेट का निरीक्षण किया है. अभी मोटर वाहन निरीक्षक द्वारा इसकी जांच की जानी बाकी है. कोर्ट एसयूवी मालिक मनोज कथूरिया की अर्जी पर 4 सितंबर को दोबारा सुनवाई करेगा. दिल्ली पुलिस ने मनोज कथूरिया पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जलभराव के बीच अपनी गाड़ी तेज रफ्तार में निकाली, जिससे पानी में वेव बना और कोचिंग सेंटर का गेट टूट गया और कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बाढ़ आ गई.