केरल में नोरोवायरस के बढ़ते मामलों ने राज्य सरकार को चिंता में डाल दिया है. पहले तो सिर्फ दो ही मामले सामने आए थे, अब एर्णाकुलम में एक साथ 19 छात्र नोरोवायरस से संक्रमित हो गए हैं. इतने सारे स्टूडेंट को इस वायरस से संक्रमित होना स्कूल प्रशासन को परेशान कर गया है. सावधानी बरतते हुए पहली से पांचवी कक्षा तक के लिए ऑनलाइ मोड में क्लास शुरू कर दी गई हैं. राज्य सरकार अपने स्तर पर और भी कई कदम उठाने जा रही है.
नोरोवायरस के क्या लक्षण
जानकारी के लिए बता दें कि केरल में नोरोवायरस का पहला मामला नवंबर 2021 में सामने आया था. तब वायनाड में एक वेटरनरी कॉलेज के 13 छात्र इस वायरस से संक्रमित मिले थे. उल्टियां और दस्त इस वायरस का मुख्य लक्षण हैं. नोरोवायरस से कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में कई बार संक्रमित हो सकता है. क्योंकि इसके कई सारे प्रकार होते हैं. उल्टी, दस्त, पेट दर्द और जी मिचलाना इसके प्रमुख लक्षण हैं. कई बार मरीज को बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है. इस वायरस से संक्रमित होने पर पेट या आंतों में जलन हो सकती है. संक्रमित होने के 12 से 48 घंटे बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं. एक से तीन दिन में इससे राहत भी मिलने लगती है.
कैसे फैलता है, क्या समाधान?
यहां ये समझना जरूरी है कि नोरोवायरस खराब खाना, पानी से फैल सकता है. वहीं आसपास अगर गंदगी ज्यादा है, सीवेज की सफाई नहीं होती है, तब भी नोरोवायरस फैलने का खतरा रहता है. नोरोवायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर बताते हैं कि अगर कोई नोरोवायरस से संक्रमित हो जाता है तो उन्हें दिन में ज्यादा पानी पीना चाहिए. इसका कारण ये रहता है कि इस वायरस से संक्रमित शख्स में डिहाईड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है. ये भी बताया गया है कि छोटे बच्चों में ये वायरस ज्यादा घातक रूप ले सकता है. वहीं अगर कोई पहले से किसी बीमारी से पीड़ित है, उनमें लक्षण ज्यादा दिख सकते हैं.