भारतीय रेलवे यात्री सुविधाओं में लगातार विस्तार कर रहा है. रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. नए ट्रेन लॉन्च किए जा रहे हैं. ट्रेन के कोचेस को अपग्रेड किया जा रहा है. रेल लाइनों का इलेक्ट्रिकरण किया जा रहा है. प्लेटफार्म्स को हाईटेक बनाया जा रहा है. इसी कड़ी में रेलवे ने गोंडा-गोरखपुर लूप लाइन पर स्थित बलरामपुर स्टेशन को अपग्रेड करने का फैसला लिया है. इसके लिए 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
बलरामपुर जंक्शन पर बहाल की जाएगी यह सुविधाएं
बलरामपुर स्टेशन पर नई सुविधाओं के साथ ही पुरानी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा. मुख्य प्रवेश द्वार के सर्कुलेटिंग एरिया के विकास तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति को शामिल करते हुए स्टेशन का सौंदर्यीकरण, ’’प्लेटफार्म सरफेस’’ का अपग्रेडेशन, ’स्टेशन फसाड’ तथा स्टेशन परिसर में उन्नत लाईटिंग, कोच गाइडेंस सिस्टम, ट्रेन डिस्पले बोर्ड, डिजिटल घड़ियां, सोलर प्लांट, वाटर कूलर, एयर कंडीशनर तथा विभिन्न यात्री सुविधाओं से संबंधित ग्लोसाइन बोर्ड, एल.ई.डी. स्टेशन नाम पट्टिकाओं, स्टेशन पर स्थित यात्री प्रतीक्षालय और शौचालयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. रेलवे ने इन सभी कार्याे का टेंडर खोल दिया है.
रोजाना 1900 यात्रियों का आवागमन
गोण्डा-गोरखपुर लूप लाइन रेलखण्ड पर स्थित बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1900 यात्रियों का आवागमन होता है.स्टेशन पर यात्रियों के आवागमन हेतु 10 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस ट्रेने और 03 जोड़ी सवारी गाड़ियों की सुविधा है. यह स्टेशन यात्री सुविधा ग्रेड एनएसजी-5, ब्राड गेज लाइन का स्टेशन हैं. यहां से 18 किलोमीटर पश्चिम में त्रावस्ती जिले में सहेठ-महेठ ग्राम है. यह बौद्धों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान माना जाता है.प्राचीन काल में यह कौशल देश की दूसरी राजधानी थी. भगवान राम के पुत्र लव ने इसे अपनी राजधानी बनाया था. श्रावस्ती जिले में बौद्ध व जैन दोनो सम्प्रदायों के तीर्थ स्थान है.
जानिए किस योजना के अंतर्गत हो रहा है आधुनिकीकरण
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेल मंत्रालय ने स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के नाम से एक नई नीति तैयार की है. इसके तहत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है. इस विकास योजना के अन्तर्गत स्टेशनों को शहर के मुख्य स्थान के रूप में विकसित किए जाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है.