अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 राज्यसभा में पेश किया. उन्होंने ये बिल पेश करते हुए कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था. वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया. देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया. कई सदस्यों ने कहा कि संशोधनों के लिए जितना समय मिलना चाहिए था, नहीं मिला.
रिजिजू ने कांग्रेस पर बोला हमला
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने तय किया था कि इसे आज ही चर्चा के लिए लेना है. उन्होंने कांग्रेस की सरकार के समय गठित कमेटियों और सच्चर कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र सदन में किया. किरेन रिजिजू ने कहा कि आप जो नहीं कर सके, वह करने की हिम्मत हमने दिखाई है और ये बिल लेकर आए हैं. आप इसका समर्थन करेंगे, ऐसी उम्मीद है. उन्होंने ये भी कहा कि हम कोई नया काम नहीं कर रहे, इतिहास गवाह है कि पहले भी ऐसा हुआ है और संशोधनों का इतिहास भी गिनाया.
केंद्रीय मंत्री ने आरोपों का किया खंडन
किरेन रिजिजू ने कहा कि यहां कहा गया है कि हम जो कदम उठा रहे हैं, मुसलमानों को नुकसान होगा. ये संशोधन गैरकानूनी है, असंवैधानिक है. सभी को अपनी बात कहने का हक है. जो आरोप लगाए गए हैं, हम उसका खंडन करते हैं. मुसलमानों के धार्मिक क्रियाकलापों में किसी तरह का हस्तक्षेप कोई गैर मुस्लिम नहीं करेगा. मुतवल्ली मुस्लिम ही होता है. वक्फ क्रिएट करने वाला भी मुस्लिम ही होगा.
हमने ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव किएः किरेन रिजिजू
प्रॉपर्टी मैनेजमेंट में वक्फ बोर्ड को ताकतवर बनाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, ये सुझाव हमको चाहिए. वक्फ बोर्ड के माध्यम से अपना ट्रस्ट चलाना चाहते हैं, इजाजत है. अगर कोई अलग से चलाना चाहता है तो उसे भी अनुमति होगी. हमने ट्रांसपैरेंसी, अकाउंटेबिलिटी, एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव किए हैं. हम किसी की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के लिए नहीं हैं. मुसलमान वक्फ क्रिएट कर सकते हैं, फितरा और जकात में भी हस्तक्षेप कोई कैसे कर सकता है.
अगर कोई विवाद है तो कोर्ट का अधिकार खत्म नहीं कर सकते हैं
किरेन रिजिजू ने कहा कि थोड़ा सा अगर मिलकर काम करेंगे तो तीन-चार साल के अंदर में करोड़ों मुसलमानों की जिंदगी आबाद हो जाएगी. कोई भी प्रॉपर्टी हो, प्रूफ तो चाहिए. वक्फ बाई यूजर के नाम पर हम मुंह से कह देंगे कि ये प्रॉपर्टी हमारे इनकी है, उनकी है. सेक्शन 40 में कोई किसी प्रॉपर्टी को क्लेम करता था तो उसे वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया जाता था. इसे हमने हटा दिया. वक्फ बाई यूजर में जो सेटल केस है, उसे हम कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे. अगर कोई विवाद है तो कोर्ट का अधिकार हम खत्म नहीं कर सकते. जमीन राज्यों का विषय है, उसमें भारत सरकार कुछ नहीं कर सकती.
किरेन रिजिजू ने कहा कि अब वक्फ किसी संपत्ति पर सीधे कब्जा नहीं कर सकेगा. संपत्ति पर दावे के लिए दस्तावेज जरूरी होंगे. संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. आदिवासी इलाकों में किसी प्रॉपर्टी को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित नहीं किया जा सकेगा. ट्रिब्यूनल के लिए पांच साल का कार्यकाल निर्धारित किया गया है. राइट टू अपील का प्रावधान भी हमने किया है.
हमने राइट टू अपील का दरवाजा खोला- किरेन रिजिजू
यूपीए सरकार ने ऐसा कर दिया था कि ट्रिब्यूनल में आपकी सुनवाई नहीं हो सकी तो आप कोर्ट नहीं जा सकते. केवल रिव्यू पिटीशन में जा सकते हैं. हमने राइट टू अपील का दरवाजा खोल दिया है. हम ये मानते हैं कि ट्रिब्यूनल और कोर्ट जल्दी काम करेंगे और जल्दी न्याय मिल सकेगा. वार्षिक सहयोग जो आप बोर्ड में देते हैं, सात फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया जिससे ज्यादा पैसा आप कल्याणकारी कार्यों पर खर्च कर सकें.
लिमिटेशन एक्ट लागू किया गया है. प्राइवेट जमीन पर 12 साल, सरकारी जमीन पर 13 साल का लिमिटेशन तय किया गया है. ये बिल देश के लिए सोच-समझकर लाए हैं. इसमें हमें एक नया पैसा का लाभ नहीं मिलने वाला. ये बिल करोड़ों मुसलमानों के हित में है. हम सबके सुझाव सुनने के लिए तैयार हैं. चर्चा का स्तर ऊंचा होगा, इस उम्मीद के साथ इस बिल का समर्थन करने की अपील करता हूं.