scorecardresearch
 

ओडिशा में चक्रवात 'दाना' के कहर के बीच रिलीफ कैंप में गुड न्यूज! 1600 गर्भवती महिलाओं ने दिया बच्चों को जन्म

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा, "बालासोर जिले में सबसे ज्यादा लोगों को निकाला गया, जहां 172,916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, उसके बाद मयूरभंज में 100,000 लोगों को निकाला गया."

Advertisement
X
चक्रवात दाना (फाइल फोटो)
चक्रवात दाना (फाइल फोटो)

ओडिशा (Odisha) के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को कहा कि चक्रवात दाना की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट की गईं 4,431 गर्भवती महिलाओं में से 1,600 ने बच्चे को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 5,84,888 लोगों को खतरे वाली जगह से निकाला गया है. यह तादाद और ज्यादा बढ़ भी सकती है.  माझी ने बताया, "ये लोग 6,008 चक्रवात आश्रयों में रह रहे हैं, जहां उन्हें भोजन, दवा, पानी और अन्य जरूरत की चीजें दी जा रही हैं. 

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालासोर जिले में सबसे ज्यादा लोगों को निकाला गया, जहां 172,916 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, उसके बाद मयूरभंज में 100,000 लोगों को निकाला गया. इसके अलावा, भद्रक से 75 हजार लोगों को, जाजपुर से 58 हजार लोगों को और केंद्रपाड़ा से 46 हजार लोगों को निकाला गया. उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार ने शुरू में 10 लाख लोगों को निकालने का टारगेट रखा था और चक्रवात दाना के बदलते प्रक्षेपवक्र के आधार पर लक्ष्य को समायोजित किया गया था.

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने हाई रिस्क वाले इलाकों से सभी लोगों को सफलतापूर्वक निकाल लिया है."

सरकारी विभाग ने क्या बताया?

माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को राज्य की तैयारियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि केंद्र ओडिशा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट है. इससे पहले दिन में कटक जिले से निकाली गई एक महिला ने नियाली अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. इस जन्म की घोषणा राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क (I&PR) विभाग ने की, जिसमें बताया गया कि मां उन 4,431 गर्भवती महिलाओं में शामिल थी, जिन्हें चक्रवात आश्रयों में ले जाया गया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चक्रवात 'दाना' ने ओडिशा और बंगाल में किस कदर मचाई तबाही, देखें तस्वीरें

विभाग ने कहा कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं. चक्रवाती तूफान दाना के लिए चल रही तैयारियों के बीच अधिकारियों ने नियाली अस्पताल में बच्चे का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया. सुरक्षित निकाली गई महिला साई स्वप्ना बेहरा और उसका नवजात शिशु स्वस्थ हैं. आपदा प्रतिक्रिया दल सभी के लिए सुरक्षा और चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए जमीन पर मौजूद हैं.

Live TV

Advertisement
Advertisement