ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वार को गुरुवार को एक बार फिर से खोल दिया गया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान बालासोर से सांसद प्रतापचंद्र सारंगी और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे.
राज्य की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार ने बुधवार को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वारों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. सरकार ने मंदिर से जुड़े अहम मुद्दों की देखभाल के लिए 500 करोड़ रुपये के विशेष कोष का भी ऐलान किया गया था.
एजेंसी के मुताबिक ओडिशा के मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि चुनाव के दौरान हमने कहा था कि हम सभी 4 द्वार फिर से खोलेंगे. मंदिर के सभी चार द्वार आज खुलने जा रहे हैं. मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य यहां मौजूद हैं, सीएम भी मौजूद हैं. विकास परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी घोषणा की गई है. हमने कल शपथ ली और हम आज द्वार खोल रहे हैं.
प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद मोहन चरण माझी ने मीडिया से कहा, "राज्य सरकार ने गुरुवार सुबह सभी मंत्रियों की मौजूदगी में पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार फिर से खोलने का फैसला किया है. श्रद्धालु सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे."
'श्रद्धालुओं को हो रही थी परेशानी...'
मांझी ने आगे कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को द्वार बंद होने के की वजह से परेशानी हो रही थी और हाल ही में लिए गए फैसले से उनकी यात्रा आसान हो जाएगी.
गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में भी जगन्नाथ मंदिर के सभी द्वार खोलने का वादा किया था.
यह भी पढ़ें: अयोध्या से मिली निराशा तो BJP को मिला भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद
कोविड-19 महामारी के बाद से ही बीजेडी की पिछली सरकार ने मंदिर के चारों द्वार बंद रखे थे. श्रद्धालु केवल एक द्वार से ही प्रवेश कर सकते थे और सभी द्वार खोलने की मांग की जा रही थी.
इससे पहले बुधवार को, चार बार के विधायक और क्योंझर जिले के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में एक समारोह में ओडिशा के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए.