
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लग गई थी. ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. अब धीरे-धीरे सामान्य होते हालात के बीच प्रशासन ने भगवान जगन्नाथ के मंदिर के द्वार आम श्रद्धालुओं के लिए भी खोल दिए हैं. जगन्नाथ मंदिर में 23 अगस्त यानी आज से श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा रहा है.
कोरोना को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन भी जारी किए हैं. चार महीने बाद जब मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले तो पहले ही दिन प्रभु जगन्नाथ के साथ भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. भगवान जगन्नाथ के मंदिर में उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया जिनके पास वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके होने का सर्टिफिकेट था या 96 घंटे के अंदर की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट थी.
जगन्नाथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को वोटर कार्ड या आधार कार्ड दिखाना पड़ा और इस दौरान मास्क भी अनिवार्य रहा. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से किसी भी प्रतिमा को न छूने, मंदिर में भोग, माला या पूजा का कोई भी सामान न ले जाने के लिए कहा है. साथ ही मंदिर प्रशासन ने मंदिर में भक्तों की ओर से दीप जलाए जाने पर भी रोक लगा दिया है. अगर कोई भक्त कतार में किसी भी प्रकार की पूजा सामग्री या अन्य सामान लेकर खड़ा है तो उसे सिंहद्वार के पास रखे कंटेनर में रखना होगा.
पान-गुटखा के सेवन पर 500 रुपये जुर्माना
मंदिर परिसर में पान या गुटखा खाने पर, थूकने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. मंदिर प्रशासन ने भक्तों के प्लास्टिक बैग लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. प्लास्टिक बैग के लिए सौ रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है. जगन्नाथ मंदिर में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खोलने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, पुरी में साप्ताहिक लॉकडाउन होने के कारण श्रद्धालुओं को शनिवार और रविवार के दिन मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.