टेरर फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे JKLF नेता यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन के पाकिस्तान सरकार में मंत्री बनने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है.
यासीन मलिक की पत्नी मुशाल को हाल ही में मानवाधिकार मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अनवरुल हक ककार की विशेष सलाहकार नियुक्त किया है. उमर ने कहा कि क्या हम अपने देश में मंत्रियों को नियुक्त करने के लिए पाकिस्तान से सलाह-मशवरा करते हैं? तो हम क्यों उम्मीद करते हैं कि उन्हें अपने यहां मंत्रियों को नियुक्त करने से पहले हमसे सलाह मशवरा करना चाहिए. ये उनका आंतरिक मामला है और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है.
यासीन मलिक को पिछले साल मिली थी उम्रकैद की सजा
- पिछले साल 24 मई को एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
- यासीन मलिक को ट्रायल कोर्ट ने यूएपीए की धारा 121 और धारा 17 (टेरर फंडिंग) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी. यानी, दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा मिली थी.
- इसके अलावा मलिक को पांच अलग-अलग मामलों में 10-10 साल और तीन अलग-अलग मामलों में 5-5 साल जेल की सजा सुनाई थी.
इसके अलावा यासीन मलिक 1990 में एयरफोर्स के चार जवानों की हत्या का भी दोषी है. उसने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का अपहरण भी किया था.