संसद का मॉनसून सत्र (Parliament Monsoon Session) पूरी तरह से हंगामे में धुल गया और बुधवार को सत्र खत्म भी हो गया. अब संसद से बाहर सड़क पर विपक्षी पार्टियां इस मसले पर एकजुटता दिखा रही हैं. गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष की करीब 15 पार्टियों ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला.
संसद परिसर में मौजूद गांधी स्टैच्यू के पास से ये मार्च निकाला गया और मॉनसून सत्र को वक्त से पहले खत्म करने, चर्चा ना करने का विरोध किया जा रहा है.
साझा मार्च के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने राज्यसभा चेयरमैन वैंकेया नायडू से भी मुलाकात की, इनमें शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा, रामगोपाल यादव शामिल रहे.
राज्यसभा चेयरमैन से मुलाकात करने के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि हमने बीते दिन जो सदन में हुआ, उसको लेकर शिकायत की है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्शल किस तरह सदन में घुसे और उन्होंने किसके कहने पर महिला सांसदों के साथ बदतमीजी हुई.
'लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकार'
साझा मार्च के बाद विपक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि देश के 60 फीसदी लोगों की आवाज दबाई जा रही है, राज्यसभा में सांसदों के साथ बदसलूकी की गई. हमने सरकार से पेगासस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही, हमने किसानों, महंगाई का मुद्दा उठाया. राहुल ने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है.
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्यसभा में बीते दिन मार्शल लॉ लगाया गया, ऐसा लग रहा था कि हम पाकिस्तान की सीमा पर खड़े थे. सरकार हर दिन लोकतंत्र की हत्या कर रही है, हम इस सरकार के खिलाफ लड़ते रहेंगे.
विपक्ष ने लगाया संसद में बदसलूकी का आरोप
दरअसल, राज्यसभा में बीते दिन महिला सांसदों के साथ बदसलूकी होने का आरोप लगा. विपक्ष द्वारा आरोप लगाया गया कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा बदतमीजी की गई, विपक्ष के नेताओं का कहना है कि संसद के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ.
विपक्षी पार्टियों के साझा मार्च से पहले सभी नेताओं ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक की. इसमें राहुल गांधी, संजय राउत समेत अन्य नेता शामिल हुए.
राज्यसभा में हंगामे पर सरकार-विपक्ष में आर-पार
मंगलवार को विपक्ष द्वारा राज्यसभा में जमकर हंगामा किया गया था, कई नेता टेबल पर चढ़कर पर्चे उड़ा रहे थे. जिसके बाद बुधवार को राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने सदन में इसकी निंदा की थी. लेकिन बुधवार को ही विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्शल द्वारा सांसदों के साथ बदतमीजी की गई.
शिवसेना सांसद संजय राउत के मुताबिक, जब राज्यसभा में बिल पास हो रहा था, तब मार्शल को बुलाया गया. क्या हमें डराना चाहते हैं? विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है, 20 अगस्त को सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों से बात करेंगी. उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में शामिल होंगे.
दूसरी ओर सरकार की ओर से आरोप लगाया गया है कि विपक्षी सांसदों ने सदन में गलत व्यवहार किया है, ऐसे में ऐसा करने वाले सांसदों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए. बता दें कि पेगासस जासूसी मामले को लेकर लोकसभा, राज्यसभा में मॉनसून सत्र के दौरान हंगामा होता रहा. इसी वजह से पूरा सत्र बिना किसी बड़ी चर्चा के धुल गया.