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OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी, धर्म, जाति से जुड़े कमेंट पर होगी रोक

सूत्रों के मुताबिक, ओटीटी गाइडलाइन्स में उल्लेख होगा कि कोई भी कंटेट धार्मिक/क्षेत्र/जाति को आहत करने वाला नहीं होना चाहिए. ओटीटी न्यूज कंटेट की निगरानी सरकार द्वारा की जाएगी. इस बाबत सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक तौर पर डिटेल गाइडलाइन्स जारी की जाएगी. 

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प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र
स्टोरी हाइलाइट्स
  • OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी
  • OTT कंटेंट को लेकर जल्द जारी होगी गाइडलाइन्स
  • केंद्र जल्द करेगा आधिकारिक घोषणा

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को लेकर हाल के दिनों काफी विवाद हुआ. कई वेबसीरीज पर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई. इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई और मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा. ऐसे में अब केंद्र ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और उसके कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी में है.ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेट को नियंत्रण में लाने के लिए गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी.

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सूत्रों के मुताबिक, ओटीटी गाइडलाइन्स में उल्लेख होगा कि कोई भी कंटेट धार्मिक/क्षेत्र/जाति को आहत करने वाला नहीं होना चाहिए. ओटीटी न्यूज कंटेट की निगरानी सरकार द्वारा की जाएगी. इस बाबत सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक तौर पर डिटेल गाइडलाइन्स जारी की जाएगी. 

दरअसल, मिर्जापुर, तांडव समेत कई सारी वेब सीरीज को लेकर किए गए विरोध के बाद केंद्र सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाने का फैसला ले लिया है. इसके लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेट को नियंत्रण में लाने के लिए जल्द ही गाइडलाइन्स जारी होगी. विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जा रहे कंटेट को लेकर सेल्फ गाइडलाइन्स जारी होगी.

हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुए कुछ सीरीयल्स को लेकर हमें कई सारी शिकायतें मिली हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्में और सीरियल्स प्रेस काउंसिल एक्ट, केबल टेलीव‍िजन नेटवर्क एक्ट और सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स के दायरे में नहीं आते हैं. हम इस पर जल्द ही कुछ नई गाइडलाइन्स लेकर आएंगे. 

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सूत्रों की मानें तो इससे पहले सरकार चाहती थी कि ओटीटी के तमाम प्लेयर्स, खुद ही एक सेल्फ रेगुलेशन बनाएं. ताकि वहां दिखाई जाने वाली फिल्म या वेब सीरीज पर नजर रखी जा सके. लेकिन अब तक ओटीटी प्लेयर्स की तरफ से ऐसी कोई पहल नहीं हुई है. ऐसे में अब सरकार खुद ही गाइडलाइन्स लाने जा रही है. 
 
बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई कुछ वेब सीरीज पर यूपी के लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, शाहजहांपुर समेत मध्यप्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी लोगों ने आपत्ति जताई थी और इसके कथानक को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी.

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