नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी एक रिपोर्ट में देश के स्कूलों में बने शौचालयों को लेकर बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार, देश के 15 बड़े राज्यों में 75 फीसदी स्कूलों में बने शौचालय ऐसे हैं जो सफाई के पैमाने पर फिट नहीं बैठते हैं. इस रिपोर्ट के बाद अब कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधा है.
संसद में पेश की गई CAG की रिपोर्ट के अनुसार, हर 2326 शौचालय में से 1812 में पानी की व्यवस्था नहीं है, 1812 शौचालयों में से 715 की सफाई ही नहीं होती है. ऐसे में सरकारी स्कूलों के 75 फीसदी शौचालयों में सफाई, साबुन, पानी की व्यवस्था ठीक तरीके से नहीं है.
Another survey published a few days ago came to the same conclusion regarding toilets ‘built’ under different Swachch Bharat schemes
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) September 24, 2020
If 40 per cent of toilets are non-existent or non-functional, how can India be declared ODF (Open Defecation Free)?
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने लिखा कि CAG की रिपोर्ट के अनुसार, चालीस फीसदी से अधिक सरकारी स्कूलों में बने शौचालय काम ही नहीं करते हैं. इससे पहले भी स्वच्छ भारत स्कीम के तहत बने शौचालयों को लेकर ऐसी ही रिपोर्ट आई थी. अब जब अगर चालीस फीसदी शौचालय काम ही नहीं कर रहे हैं तो फिर देश खुले में शौच से मुक्त कैसे हो गया?
आपको बता दें कि CAG की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर अपनी रिपोर्ट साझा की गई है. केंद्र सरकार के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को जोर शोर से चलाया जा रहा है. इसी के तहत स्वच्छ विद्यालय अभियान को 2014 में लॉन्च किया गया था, जिसके तहत शिक्षा मंत्रालय हर सरकारी स्कूलों में शौचालय बनवा रहा था.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तीस फीसदी से अधिक शौचालयों का उपयोग इसलिए नहीं होता है क्योंकि पानी या सफाई की सुविधा नहीं है. ऐसे में वहां कोई प्रगति नहीं है. इनमें से कई शौचालय ऐसे स्कूलों में भी बने हैं जहां लड़कियां भी पढ़ती हैं.