पाकिस्तान में कई सालों की राजनीतिक अस्थिरता के बाद नई सरकार का गठन हो गया है. शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है. नई कैबिनेट के गठन के बाद पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता और अर्थशास्त्री मुहम्मद इशाक डार को नया विदेश मंत्री बनाया गया है. ऐसे में आर्थिक संकट में डूबे पाकिस्तान के विदेशी संंबंधों को संभालने की जिम्मेदारी एक तरह से डार पर ही है. लेकिन ये इशाक डार हैं कौन?
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को 19 मंत्रियों को अपनी कैबिनेट में शामिल किया था. इनमें मुहम्मद इशाक डार भी हैं. डार एथनिक कश्मीरी हैं. वह चार्टर्ड अकाउंटेंट भी रह चुके हैं. उन्हें नवाज शरीफ का विश्वासपात्र माना जाता है. वह पाकिस्तान की पूर्व की सरकारों में कई बार वित्त मंत्री भी रह चुके हैं.
डार एथनिक कश्मीर हैं. एथनिक कश्मीरी उन्हें कहा जाता है, जिनके पूर्वज काफी लंबे समय से कश्मीर घाटी में रहते रहे हो. इस तरह से ये कश्मीर के मूल निवासी हैं.
विदेशी मामलों का ज्यादा अनुभव नहीं
मुहम्मद इशाक डार को विदेशी मामलों का ज्यादा अनुभव नहीं है. लेकिन पड़ोसी मुल्कों भारत और अफगानिस्तान से लगातार खराब हो रहे रिश्तों को सुधारने की जिम्मेदारी उन्हें की सौंपी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री का पद्भार संभालते ही उन्हें भारत और अफगानिस्तान सहित कई देशों के साथ पाकिस्तान के संबंधों और बाहरी चुनौतियों से अवगत कराया गया.
सूत्रों के मुताबिक, डार को बताया गया कि मौजूदा स्थिति में भारत लगातार पाकिस्तान को अलग-थलग करना चाह रहा है और इसके लिए दबाव बना रहा है. इस स्ट्रैटेजी को देखें तो ऐसे में दोनों मुल्कों के बीच संबंधों में सुधार की कम ही गुंजाइश है.
बता दें कि अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के संबंध बिगड़ गए थे. दोनों मुल्कों के बीच व्यापारिक संबंध भी टूट गए थे. इससे पाकिस्तान पर बहुत असर पड़ा था क्योंकि पाकिस्तान सस्ते दाम पर भारत से कई जरूरी सामान आयात करता रहा है.
कश्मीर को लेकर क्या सोचते हैं डार?
कश्मीर को लेकर इशाक डार का रुख एक देश के तौर पर कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के रुख से अलग नहीं है. पांच फरवरी को कश्मीर सॉलिडेरिटी डे के मौके पर डार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि पाकिस्तान अपने कश्मीरी भाइयों के अधिकारों को लेकर उन्के साथ नैतिक और कूटनीतिक रूप से खड़ा है.
भारत ने कई मौकों पर पाकिस्तान को बताया है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा. भारत कह चुका है कि वह आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में ही पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंधों की इच्छा रखता है.
डार के सामने क्या होंगी चुनौतियां
पाकिस्तान के विदेश मंत्री के तौर पर इशाक डार को अपने कार्यकाल में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. भारत के साथ बिगड़ते संबंधों के अलावा अफगानिस्तान के साथ उनके मुल्क के संबंध गले की फांस बन सकते हैं. पाकिस्तान एक तरह से अफगानिस्तान पर आतंकवाद का आरोप लगाता रहा है. अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद से पाकिस्तान में आतंकी हमले बढ़े हैं. हालांकि, तालिबान इससे इनकार करता है.
इसके अलावा ईरान के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक नहीं है. ईरान और पाकिस्तान ने हाल ही में एक दूसरे पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसे लेकर काफी विवाद भी खड़ा हुआ था.