उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने भी शिरकत की. उन्होंने कोरोना काल में उत्तर प्रदेश की कमियों और उपलब्धियों पर बात की.
कोरोना काल में जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देश भर से ऐसी भयावह तस्वीरें सामने आईं जिसने सभी को बेचैन कर दिया था. इस पर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह से सवाल किया गया कि उस वक्त सरकार से क्या गलतियां हुईं, क्या कमियां रहीं और उनसे सरकार ने क्या सबक लिया?
कोरोना की दूसरी लहर में किसी तरह की कोई कमी नहीं थी
इस सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना काल 2021 में जब ऑक्सीज़न की किल्लत हुई तो पीएम मोदी के नेतृत्व में देश भर में ऑक्सीज़न प्लांट् की मदद से सभी राज्यों को ऑक्सीज़न का आवंटन किया गया था. जिन दवाओं की कमी थी वे भी बाहर से मंगवाकर उपलब्ध करवाई गई थीं, किसी तरह की कोई कमी नहीं थी.
इस पर उन्हें याद दिलाया गया कि कमी तो थी, जिसपर उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था, जो वायरल हुआ था. तभी, साथ ही बैठे उत्तरप्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने सफाई दी कि मुख्मंत्री को सुविधाएं बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया था, किसी कमी को लेकर नहीं. तब हमारी सुविधाएं बढ़ाई गई थीं.
वैश्विक महामारी का सब पर दबाव पड़ता है
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि वैश्विक महामारी का सब पर दबाव पड़ता है, लेकिन हमने बेड, दवाएं और ऑक्सीज़न, किसी भी तरह की किल्लत होने नहीं दी. प्लेन, ट्रेन आदि के माध्यम से ऑक्सीज़न पूरी तरह से सप्लाई की गई थी. यहां तक कि लोगों को घरों में भी ऑक्सीज़न उपलब्ध कराई गई.
हमारी प्राथमिकता थी कि अस्पतालों में ऑक्सीज़न और बैड की कमी न हो, और हमने पूरा ध्यान दिया और कमी नहीं होनी दी. अब हम पूरी तरह से तैयार हैं, हालांकि यूपी में अब वैक्सिनेशन 13 करोड़ से ऊपर हो चुका है, तीसरी लहर की नौबत नहीं आएगी. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने ये माना ही नहीं कि कोरोना की दूसरी लहर के वक्त उत्तरप्रदेश में किसी भी चीज़ की कोई भी कमी थी.