मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह गुरुवार को क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए. उनसे 6 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ चली. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में आगे भी सहयोग करेंगे. हालांकि परमबीर सिंह ने अपने आवास पर पहुंचने से पहले मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया का चक्कर लगाया था.
परमबीर सिंह जब मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की इकाई-11 पहुंचे तो उनके तुरंत बाद डीसीपी नीलोत्पल मिश्रा भी पहुंच गए. उन्हें संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद भारमबे से बात करने के लिए कहा गया. भरमबे ने फोन पर परमबीर सिंह को बताया कि जांच अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे. जिस पर परमबीर ने कहा कि वह सहयोग करेंगे.
परमबीर सिंह से 6 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई. उनके खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रहे यूनिट-11 के अधिकारियों ने उन्हें नोटिस दिया है. इसमें कहा गया है कि जब भी जरूरत होगी, परमबीर सिंह को पेश होना होगा.
अधिकारियों ने बताया कि परमबीर सिंह ने सभी सवालों के जवाब दिए. उन्होंने जांच में सहयोग किया. हालांकि सिंह कोई डॉक्यूमेंट लेकर नहीं आए थे. सूत्रों के मुताबिक परमबीर सिंह ने मुंबई पहुंचने के बाद न सरकार को और न ही डीजीपी को इस संबंध में कोई रिपोर्ट दी है.
जांच में शामिल होंगे परमबीर
पिछले कई दिनों से परमबीर सिंह चंडीगढ़ में रह रहे थे. उन्होंने बताया था कि मुंबई में उनकी जान को खतरा है, ऐसे में वे वहां नहीं आ सकते. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी और जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था. अब परमबीर सिंह जांच में शामिल होने के लिए मुंबई आ गए हैं. आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि वे अभी के लिए ज्यादा कुछ शेयर नहीं कर सकते हैं. लेकिन उन्हें देश की न्यायपालिका में विश्वास है. उन्हें उम्मीद है कि उन्हें न्याय दिया जाएगा.
परमबीर सिंह को बड़ी राहत दी गई
अभी के लिए कोर्ट द्वारा परमबीर सिंह को बड़ी राहत दी गई है. उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है लेकिन उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच एजेंसियों का लगातार सहयोग करना होगा. जानकारी के लिए बता दें कि 22 जुलाई को मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ने परमबीर सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों और दो अन्य लोगों के खिलाफ एक बिल्डर से कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये मांगने के आरोप में केस दर्ज किया था. आरोप के मुताबिक परमबीर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे की मिलीभगत से शिकायतकर्ता के होटल और बार के खिलाफ कार्रवाई का डर दिखाकर 11.92 लाख रुपये की उगाही की थी.