Parliament Monsoon Session LIVE Updates: संसद के चालू मॉनसून सत्र के 10वें दिन राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसान एवं कृषि कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब देंगे. मंत्रालय के कामकाज पर एक दिन पहले राज्यसभा में चर्चा हुई थी. वहीं, लोकसभा में आज संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री लोकसभा में वक्तव्य देंगे. लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी.
कमलजीत सहरावत ने नजफगढ़ से जोड़ने वाले शिवाजी मार्ग के साथ मोनो रेल प्रोजेक्ट अगर हो तो बहुत अच्छा होगा. उन्होंने इलाके से बहने वाली नदी के किनारे सड़क बनाने की भी मांग की.
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योगेंद्र चंदोलिया ने मंद बुद्धि बच्चों के लिए संचालित आशा किरण संस्था में बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया और इसकी जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार फेल हो चुकी है. जेल से दिल्ली की सरकार नहीं चलाई जा सकती.
राजस्थान के महासमंद से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि गर्व है कि महाराणा प्रताप के वंश से हूं. हमारे पुरखों का इतिहास 1400 वर्षों का है. सभी 36 कौम को एक माले की तरह पिरोकर हम लेकर गए हैं. यहां जब जातियों की बात सुनते हैं तो खराब लगते हैं. धार्मिक स्थलों को धार्मिक स्थल की तरह ही रखना चाहिए, व्यवसाय नहीं करना चाहिए. बनारस हो या अयोध्या हो या बद्रीनाथ हो, मनोरंजन मत करिए. नाथद्वारा है, धर्म स्थल जैसा है, उसी तरह रखिए कि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे.
निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड की स्थिति बहुत बुरी है. सचमुच संविधान खतरे में है. सर्व शिक्षा अभियान में भारत सरकार पैसा देती है और प्राइमरी स्कूल से उच्च विद्यालय तक वो पैसा जाता है. जो मुस्लिम बाहुल्य इलाके हैं, उनमें विद्यालयों के नाम के पीछे उन्होंने बिना किसी नोटिफिकेशन के उर्दू लगा दिया है. हर जगह रविवार को छुट्टी होती है. उन स्कूलों में छुट्टी शुक्रवार को हो रही है. किसी का नोटिफिकेशन नहीं और ना ही किसी का आदेश और जबरदस्ती स्कूल के पीछे उर्दू लगा दिया गया है. तो क्या संविधान खतरे में नहीं है? इनको 355 के तहत नोटिस जारी करिए. शुक्रवार की छुट्टी रद्द करिए और संविधान को बचाइए. भारत सरकार से मेरा यही आग्रह है.
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बिहार के औरंगाबाद से सांसद अभय कुमार सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोड़ने की परिकल्पना का जिक्र करते हुए यह मांग की है कि उनके ही नाम पर बाढ़ नियंत्रण के लिए योजना शुरू की जाए.
हरेंद्र मलिक ने गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान कराने की मांग करते हुए कहा कि किसान बर्बाद हो रहा है, तबाह हो रहा है. शामली और बुढ़ाना, मलकपुर की चीनी मिलों पर सैकड़ो करोड़ का गन्ना मूल्य बकाया है. मेरी मांग है कि इसका भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए.
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से बीजेपी के सांसद राजीव भारद्वाज ने कहा कि हमारे निर्वाचन क्षेत्र के एसपीओ को जम्मू कश्मीर की तर्ज पर सरकार ने 1500 मानदेय देना शुरू किया था. 2006 में इसे बढ़ाकर 3000 किया गया. जम्मू कश्मीर के एसपीओ को 18 हजार, हरियाणा के एसपीओ को 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. लेकिन हमारे क्षेत्र के एसपीओ को महज 6000 रुपये दिए जा रहे हैं. इनके साथ ये अन्याय क्यों. इनका मानदेय बढ़ाया जाए, 520 परिवारों का प्रश्न है.
कीर्ति आजाद ने कहा कि दामोदरवैली कॉर्पोरेशन पीएसयू है, केंद्र के तहत आता है. इस पर कार्य शुरू क्यों नहीं हो सका है, जानना चाहूंगा. बालाघाट से सांसद भारती पारधी ने बालाघाट-सिवनी मार्ग पर हादसों की संख्या बढ़ने का जिक्र किया और कहा कि ये भोपाल जैसे शहरों को जोड़ता है. ये 2016 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित हो गया था लेकिन वन्यजीव अभ्यारण्यों की वजह से कार्य लंबित है. इसे ओवरब्रिज बनाकर शुरू कराया जाए.
लोकसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू हो गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब संबंधित मंत्री सोमवार को देंगे. सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है.
ओवैसी ने कहा कि पीएम ने टोंट कसा था कि मुस्लिम अधिक बच्चे पैदा करते हैं. मुसलमानों का टीएफआर रेट गिरा है. उन्होंने इससे जुड़े आंकड़े बताए और कहा कि ये नेशनल फैमिली सर्वे का आंकड़ा है. ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए हैं.
बीजेपी के सीधी सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान बोलते हुए सभापति को भाई साहब कहकर संबोधित कर दिया. संबित पात्रा ने उन्हें टोका और कहा कि गलती से आपने भाई साहब कह दिया है. उसको सही कर लीजिए, सभापति महोदय. इसके बाद राजेश मिश्रा ने अपनी गलती सुधारी. आसन पर मौजूद जगदंबिका पाल ने उनसे कहा कि जब स्पीकर आसन पर हों तो अध्यक्ष महोदय या सभापति महोदय.
यूपी के जालौन से सपा के सांसद नारायण दास अहिरवार ने जालौन, गरौंठा समेत तीन जिलों को मिलाकर एम्स स्थापित करने की मांग की. वहीं, अंडमान निकोबार सांसद ने पीपीपी मॉडल पर बने एम्स का हाल देखने के लिए अनुप्रिया पटेल से वहां का दौरा करने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसकी हालत बहुत खराब है. संत कबीरनगर के सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने कबीर दास के नाम पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की.
यूपी के आंवला से सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बदहाल हैं कि आम आदमी के लिए इलाज कराना मुश्किल हो रहा है. हमारे यहां एक मेडिकल कॉलेज बनाया गया और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी उद्घाटन में गए थे. केवल कुछ हिस्से में ओपीडी चल रहा है, बाकी पूरा बंद पड़ा है. केंद्र सरकार, राज्य सरकार पे ही शासन करती है. राज्यों पर केंद्र अंकुश लगाए. डॉक्टर दो-दो हजार फीस ले रहे हैं, इस पर भी कोई व्यवस्था बनाई जाए, नियमावली बनाई जाए.
पंजाब के फिरोजपुर से कांग्रेस के सांसद शेर सिंह घुबाया ने पीजीआई का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि 2012 में 500 करोड़ दिया गया था इसके लिए लेकिन 12 साल से काम नहीं हो पाया जो अब शुरू हुआ है. उन्होंने कैंसर अस्पताल के निर्माण की मांग उठाई.
ओडिशा के नबरंगपुर से बीजेपी के सांसद बलभद्र मांझी ने कहा कि हेल्थ इज वेल्थ सभी कहते हैं, मेरा हेल्थ और वेल्थ सबकुछ बिगड़ गया. कंपंसेशन की दुर्व्यवस्था को सुधार दें. सौ किलोमीटर जाना पड़ता है जहां जाते-जाते गंभीर मरीज दम तोड़ देते हैं. लिखित में स्वास्थ्य मंत्री को देने की परमिशन चाहता हूं जिसे वे ग्रहण करेंगे.
एडवोकेट चंद्रशेखर ने कहा कि नगीना के नैटोर में एम्स की मांग की. उन्होंने नगीना के अस्पतालों में डॉक्टर्स और सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि क्षेत्र के लोगों को बहुत परेशानी होती है. रात में कोई डॉक्टर नहीं मिलता. जिला स्तर पर भी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं जिसकी वजह से लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाते हैं और लूट का शिकार होते हैं. दवाओं के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं. जो जनता के पैसे से सुख-सुविधा ले रहे हैं, चाहे वो नेता हों, अभिनेता हों या क्लास वन के अफसर, उनके बच्चों का इलाज जब तक सरकारी अस्पतालों में नहीं होगा, सुविधा नहीं होगी. एम्स जैसे अस्पतालों में हमारे लेटर्स नहीं माने जाएं तो क्या फायदा लेटर लिखने का.
पप्पू यादव ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज आम आदमी का फंडामेंटल राइट भी है. फंडामेंटल राइट पर भी इतनी जीएसटी लगाएंगे, गडकरी साहब ने लिखा भी है. जेनरिक दवाई और आयुर्वेदिक दवाएं नहीं के बराबर रहती हैं. डॉक्टर बगैर कमीशन के दवाई लिख ही नहीं सकता, एमआर हैं. 69 हजार अस्पताल हैं, 39 हजार प्राइवेट हैं. किसी भी अस्पताल में एमआरआई वगैरह नहीं होते हैं. हमारी दवाई तो नेपाल नहीं ले रहा है. नेपाल कह रहा है कि ये जहर है. जो दवाई विश्व ने नकार दिया. इस पर आसन से जगदंबिका पाल ने उन्हें टोका और कहा कि अपने देश की दवाओं को लेकर आप इस तरह से नहीं बोल सकते हैं. पप्पू यादव ने कहा कि डॉक्टर एक महीने में तीन बार बुलाता है और एक हजार, पांच सौ से कम नहीं लेता. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का रूल क्या कहता है. डॉक्टर कहता है कि जांच जहां कह रहा हूं, वहां कराओ. जांच में गलत तरीके से लिखकर दे देते हैं. डॉक्टर दवाई बेचने के लिए ये करते हैं. कोई किसी डॉक्टर का नाम लिख लिया और नर्सिंग होम कोई और चलाएगा. कम से कम अल्ट्रासाउंड, एमआरआई का रेट तय हो अन्यथा जितना भी बजट ले आइए, कुछ नहीं बोने वाला. उन्होंने पूर्णिया में कैंसर अस्पताल, सहरसा में एम्स की मांग की.
मनोज तिवारी ने कहा कि 80 हजार 517 करोड़ था, अब वह 90 हजार करोड़ से अधिक का बजट है. ये स्वास्थ्य को लेकर सरकार की गंभीरता बताता है. स्टंट की कीमत घटाकर 26 हजार कर दी गई थी जिसकी वजह से लोग अब हृदय रोग का इलाज कराने में सक्षम हो रहे हैं. जन औषधि केंद्र खुल जाने से जो दवा 600 में मिलती थी, वह 60 रुपये में मिल जाती है. कैंसर पीड़ितों की आंखों में खुशी के आंसू लाए हैं. कैंसर की तीन महत्वपूर्ण दवाएं जिनमें अधिक खर्च होता था, तीनों को कस्टम ड्यूटी से बाहर किया गया है. पिछले चार साल से एम्स की गवर्निंग बॉडी का मेंबर हूं. दो सुझाव देना चाहता हूं, एम्स में जितने लोग आते हैं उनका इलाज तो शुरू हो जाता है लेकिन बेड की समस्या है. जो लेकर आते हैं, वह लोग सड़कों पर सोते हैं. मेरी प्रार्थना है कि दिल्ली में डीडीए की मार्फत जगह दिलाएं और बिहार-झारखंड के लिए एक ऐसा भवन बने कि जो मरीज आएं, उन्हें वहीं पर डॉक्टर देख लें कि इन्हें कहां भेजना है. हम जमीन दिलाने में भी मदद करेंगे. एम्स इसे करने में उत्सुक होगा, विश्वास है. दिल्ली की सरकार से न स्कूल संभल रहे हैं और ना कॉलेज संभल रहे हैं. हम प्रार्थना कर रहे हैं कि यूसीएमएस को दिल्ली सरकार में न जाने दिया जाए.
यूपी की खीरी सीट से सपा सांसद उत्कर्ष वर्मा मधुर ने कहा कि स्वास्थ्य का बजट बहुत कम है. दवा-पढ़ाई मुफ्त हो हमारी पार्टी का नारा है. अपने इलाके की समस्याएं गिनाते हुए उन्होंने कहा कि स्टाफ की, डॉक्टर्स की कमी है. स्वास्थ्य बजट बढ़ाया जाए. इसे कम से कम जीडीपी का ढाई प्रतिशत होना चाहिए. सपा सांसद ने आयुष्मान को लेकर सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देकर भी सरकार को घेरा.
सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही 5 अगस्त, सोमवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है.
जेपी नड्डा ने नीट को समाप्त कर मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया राज्यों के क्राइटेरिया से करने को लेकर आए संकल्प पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा कि जब हम नीट की बात करते हैं तब ये एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस में एडमिशन को देखता है. ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे विद्यार्थियों के साथ बहुत अन्याय हो गया है, राज्यों के अधिकार का हनन हुआ हो, किसी क्षेत्र के विद्यार्थियों को अधिक एडमिशन मिल गया हो. हम भूल जाते हैं कि सही में मेडिकल एजुकेशन की स्थिति क्या हुई थी. मेडिकल एजुकेशन एक बिजनेस का अड्डा बन गया था. जब नीट ला रहा था, पोस्ट ग्रेजुएट की एक-एक सीट आठ-आठ करोड़ में बिकती थी. रेडियोलॉजी जैसे डिपार्टमेंट में जाना हो तो 12-13 करोड़ लगते थे. ये खुला व्यापार बन गया था. बच्चों का क्या होता था, एक एग्जाम देने भुवनेश्वर, एक एग्जाम देने के लिए चेन्नई, एक एग्जाम देने के लिए मुंबई जाते थे. भयंकर करप्शन. ये दुर्गति थी मेडिकल एजुकेशन के सिस्टम की. एडमिशन लिस्ट आधे से 45 मिनट के लिए लगाई और हटाई जाती थीं और कहा जाता था कि छात्र नहीं आए इसलिए हम इसे अब अपने हिसाब से देखेंगे. पीएम मोदी ने इनिशिएट किया तब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू किया गया. आज नीट के कारण आपको हमारे 154 शहरों में जो परीक्षाएं होती थीं, 500 से ज्यादा शहरों में परीक्षाएं हो रही हैं. एक ही शहर में जो सेंटर होते थे, वह 2546 से यात्रा शुरू की थी. आज 4 हजार से ज्यादा सेंटर हैं. ये नीट के इम्पैक्ट की वजह से हुआ है. सोशल कैटेगरी की दृष्टि से देखें तो इसमें 65 फीसदी इजाफा हुआ. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में 102 फीसदी का इजाफा हुआ है. एसटी में 93.5 फीसदी, एससी 78.8 फीसदी और ओबीसी का 65 परसेंट रिप्रेजेंटेशन बढ़ा है. ओबीसी कैटेगरी को हमारी सरकार के दौरान जोड़ा गया. एनटीए में हमलोगों ने पहली बार मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ में टेस्ट शुरू किया. आज 13 भाषाओं में ये हो रही है. इसका फायदा ये हुआ कि आज सरकारी स्कूल का पढ़ा बच्चा मेडिकल एजुकेशन में आ रहा है. ये पहले एक ही सेक्शन ऑफ सोसाइटी को रिप्रेजेंट करता था. आज दूर-दराज के इलाकों के बच्चे मेडिकल एजुकेशन में इसलिए आ रहे हैं क्योंकि उनकी अपनी भाषा में परीक्षा हो रही है. अधिकतर परफेक्ट स्कोरर बच्चे केरल, यूपी, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र से आते हैं. रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म, हम मोदीजी के राज में हैं. आज हमारा कोई बच्चा साउथ में दौड़कर के नहीं जा रहा है. आज हम तय करते हैं कि कौन सा बच्चा कहां पढ़ेगा. शरीर के अंदर कई किस्म की परेशानियां गाहे-बगाहे लगती हैं. कभी हम एंटीबॉयोटिक ले लेते हैं, कभी इंजेक्शन, कभी ऑपरेशन करा लेते हैं. शरीर को नहीं मार देते. ये बहुत बड़ा रोबस्ट सिस्टम है. तरीके से तय किया गया सिस्टम है. हम अपने किए कार्यों को सेकंड ग्रेड का मान लेते हैं. अमेरिका और दूसरे देश कर दें तो पहले ग्रेड का हो जाता है. इतने बड़े देश को सिस्टम से चलाना कोई आसान काम नहीं है. नीट को हम अंडरमाइन ना करें. गांव के लोगों को मेडिकल एजुकेशन में लाने का बड़ा अच्छा माध्यम है. इसकी स्पिरिट को डैमेज ना करें.
मनोज झा ने कहा कि हम एक अद्भुत मुल्क हैं. हमारे यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी में अलग-अलग बोर्ड्स के बच्चों के मार्क्स को लेकर कुछ समस्या थी. अब क्या हुआ कि सीयूईटी आ गई. सीयूईटी कोचिंग का पितामह. एक पीड़ित पक्ष हूं सर, मेरा भी रेजॉल्यूशन नंबर दो पर था जातिगत जनगणना पर. हवा खा गया. फी स्ट्रक्चर की बात करते हुए मनोज झा ने कहा कि सीबीएसई टिल्टेड ये पूरी पद्धति है. राज्यों के बोर्ड की पद्धति का ध्यान ये परीक्षाएं नहीं रखती हैं. मंत्रीजी थे, चले गए. उनसे ज्यादा शिकायत मैं करता नहीं हूं क्योंकि वो अपने पोर्टफोलियों पर नहीं बोलते है, दूसरों पर बहुत बोलते हैं. इन विषयों पर जब सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया जा रहा था, सुप्रीम कोर्ट ने बहुत बातें कही हैं. आप केवल चेरी पिकिंग मत कीजिए. आज के दिन में टेक्नोलॉजी जो है, पटना में कोई पेपर लीक होगा न तो उसे हवाई जहाज का टिकट लेकर गुजरात नहीं पहुंचना है. सेकंड में पहुंचेगा. इतना कहना चाहूंगा कि एनटीए को अरब सागर में या बंगाल की खाड़ी में फेकिए, चॉइस इज योर्स.
जया बच्चन ने कहा कि मैं जया अमिताभ बच्चन आपसे पूछना चाहती हूं कि आपको आज लंच ब्रेक मिला. इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने ना में जवाब दिया. इस पर जया बच्चन ने कहा कि नहीं मिला. तभी आज बार-बार जयराम रमेशजी का नाम ले रहे हैं. उनका नाम लिए बगैर आपका खाना हजम ही नहीं होता. इस पर सभापति ने कहा कि अब एक चीज बताऊं, लाइटर नोट में बताऊं, मैंने लंच रिसेस में लंच नहीं लिया लेकिन उसके बाद मैंने लंच जयराम रमेशजी के साथ लिया. और आज ही लिया. इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे. सभापति ने इसके बाद कहा कि ये पहला मौका है शायद कि मैं आपका भी फैन हूं और अमिताभ जी का भी. इस पर जया बच्चन ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया. जया बच्चन ने खड़े होकर कुछ कहा. सभापति ने इस पर कहा कि नहीं, मुझे ऐसा कोई कपल मिला नहीं शायद. जया बच्चन ने कहा कि ओह, तभी मैं कहूं. सभापति ने कहा कि सीरियस इश्यू पर काफी कॉन्सिस्टेंट पर्सन हूं और मेरा अतीत इसे प्रमाणित करता है.
शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि ऐसा करने वाले बहुत बड़े लोग हैं. खुद गुजरात से आता हूं, शिक्षा मंत्री रहा हूं. गुजरात की परंपरा रही है कि कोई भी मंत्री किसी प्राइवेट इंस्टीट्यूट के किसी कार्यक्रम में नहीं जाता. क्योंकि अगर वह संस्था कुछ गलत करता है तो उसको हम कैसे रोक पाएंगे. उन्होंने एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के उस इंस्टीट्यूट के एक ब्रांच का उद्घाटन करने जाने का जिक्र किया और कहा कि दूसरा एक सदस्य जो जेल में है, वह वहां की सत्ताधारी पार्टी की माइनॉरिटी सेल का अध्यक्ष है. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि नीट की परीक्षा को नीट होना चाहिए. टैलेंट को बैक सीट पर नहीं होना चाहिए.
कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि नीट पेपर लीक कोई आम पेपरलीक नहीं है. जब लोग पैसे देकर डॉक्टर बनेंगे, वह इंसान की जिंदगी से खिलवाड़ करेंगे. इस पर ट्रेजरी बेंच की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देकर आपत्ति जताई गई. इस पर गोहिल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद माना है कि पेपर लीक हुआ है. इतने लोगों की परीक्षा रद्द कर देना ठीक नहीं है. मंत्रीजी पढ़ लीजिए पहले. उन्होंने कहा कि जब कुछ नहीं हुआ है, तब सीबीआई जांच क्यों कर रहे हो. शक्ति सिंह गोहिल ने गुजरात के गोधरा में धांधली को लेकर कहा कि ये ऑथेंटिकेशन हमने चेयरमैन साहब को पहले से ही भेजकर रखा है. नीट परीक्षा में धांधली कैसे हुई, इसमें पूरा लिखा है. इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अपने चैंबर से डिबेट देख रहा था. सदस्य ने मेरा जिक्र किया है. अंतिम चार मिनट में जो कुछ भी बोला गया है, उसे डिलीट किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बहुत सदस्य मुझे कम्युनिकेशन भेजते हैं और उसके मुझ तक पहुंचने से पहले ही ट्वीट कर देते हैं. इस अप्रोच के खिलाफ हूं कि आपने चेयरमैन को क्या भेजा है. हाउस में कोई सदस्य ये नहीं कह सकता कि मैं ऑथेंटिकेट करता हूं. जब चेयरमैन कहे तभी आप ऑथेंटिकेट कर सकते हैं. जो मुद्दा उठा है, वह प्रभावशाली तरीके से उठा है. जयराम रमेश ने तीन कम्युनिकेशन मुझे भेजे, जिस पर तीन सदस्यों के हस्ताक्षर हैं. एक दिन पहले मैंने इसे रेफर किए बिना बोलने के लिए कहा. शक्ति सिंह गोहिल ने इसके बाद गोधरा में किस तरह से धांधली हुई, ये बताया और कहा कि छात्रों से कहा गया कि आपको जितना आता है, उतने ही टिक करो और बाकी छोड़ दो. जो पार्सल कूरियर के थ्रू जाना था, उसको हाईवे के रास्ते भेजा गया और रोककर पेपर निकाला गया. कलेक्टर ने कहा कि हां, ये सही प्रूफ है.
बीजेपी सांसद डॉक्टर अनिल सुखदेवराव बोंडे ने नीट को लेकर प्राइवेट मेंबर्स रेजॉल्यूशन पर चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने इस रेजॉल्यूशन का विरोध करते हुए कहा कि ये संघीय ढांचे के खिलाफ है. मैं खुद एक डॉक्टर हूं. हमलोग जब एडमिशन लिए थे, तब 12वीं के अंक पर ही दाखिला हो गया था. लेकिन प्राइवेट कॉलेज भी जब आ गए तब समस्या शुरू हुई. उन्होंने एनटीए की ओर से कराई गई परीक्षाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इस परीक्षा के तंत्र में भी सुधार कर सकते हैं, एनटीए की संरचना और कार्यप्रमाणी में सुधार के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है. सरकार ने जब कुछ गड़बड़ी की जानकारी मिली, उसे लेकर तत्काल एक्शन लिया है. जांच हुई, सीबीआई को सौंपने का आश्वासन मंत्रालय ने दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जजों की टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि शिक्षा कॉन्क्रीट लिस्ट में है. ये यूपीए सरकार में भी इसी लिस्ट में था.
किरेन रिजिजू ने कहा कि परिस्थितियों को यहां थोड़ा गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. सदस्यों के अधिकार को कोई नकार नहीं रहा. रेजॉल्यूशन लाना सदस्य का अधिकार है. सदस्य ने केवल इतना कहा है कि अगर वे इसे लाना ही चाहते हैं तो डिजीजन करा लें. इस पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया. आसन से उपसभापति हरिवंश ने कहा कि हम नियम और प्रक्रिया से ही चलेंगे. रेजॉल्यूशन वो मूव करेंगे और इसे लेकर वो ब्रीफली ब्रीफ करेंगे. इसके बाद सदन का ओपिनियन हम लेंगे. तमिलनाडु से डीएमके सांसद एम मोहम्मद अब्दुल्ला ने रेजॉल्यूशन पेश किया.
शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि एनटीए ऑथेंटिक ऑर्गेनाइजेशन है. उन्होंने एनटीए की ओर से कराई गई परीक्षाओं के आंकड़े भी रखे. घनश्याम तिवाड़ी ने रंगराजन केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का जिक्र किया और कहा कि इसके जरिए ही नीट की परीक्षा एनटीए कराती है. इस विषय में पांच बार ये सर्वोच्च न्यायालय में गए हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही नीट ये परीक्षाएं हो रही हैं. एक कमेटी बना दी गई है. ऐसे हालात में अगर ये होता है तो इसके लिए मैं समझता हूं कि डिवीजन कराया जाना चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर मेंबर प्रॉसीड करना चाहते हैं तो इसको डिवीजन में रख दीजिए. हम कार्यपालिका और न्यायपालिका एक-दूसरे को इज्जत देते हैं, चैलेंज नहीं करते हैं. ऐसे समय में इस विषय पर फिर से चर्चा करना हमारी परंपरा के मुताबिक ठीक नहीं रहेगा. शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि सभापति के ऑर्डर के बाद अगर ये एक बार लिस्ट ऑफ बिजनेस में आ गया है तब इसको रोकना उचित नहीं है. हमारे चेयरमैन साहब की ही बात है कि ज्यूडिशियरी से ऊपर ये सदन है. इसमें जो धांधलियां हुई हैं, उसकी चर्चा करने से सरकार को भी मदद मिलेगी. मेंबर के अधिकार के ऊपर रोक नहीं लगनी चाहिए.
नीट और एनटीए को हटाकर राज्यों के क्राइटेरिया के हिसाब से मेडिकल में एडमिशन को लेकर एम मोहम्मद अब्दुल्ला ने राज्यसभा में संकल्प पेश किया. इस पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में गाइडलाइंस दी थीं जिसके बाद नीट परीक्षा एनटीए की ओर से कराई जा रही है. सुप्रीम कोर्ट का हालिया निर्णय भी रिकॉर्ड पर है. सरकार हाईलेवल कमेटी बना चुकी है. इस सदन में भी काफी चर्चा हो चुकी है. इस प्राइवेट संकल्प पर चर्चा होना सुप्रीम कोर्टा की स्पिरिट के खिलाफ होगा. सदस्य से निवेदन करूंगा कि इसे वापस ले लें. इस पर जॉन ब्रिटास ने आपत्ति जताई और कहा कि पिछले शुक्रवार को मेरा बिल एलाउ नहीं किया गया. यदि ऐसा किया गया तो ये सदस्य के साथ अन्याय होगा.
सपा सांसद राजीव राय ने पूर्वांचल में आर्सेनिक की समस्या उठाया. उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान कैसे हो. उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और अन्य सड़कों पर हादसों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें तड़पकर लोग मर जाते हैं. ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल भी होने चाहिए. प्रधानमंत्रीजी को पता नहीं सच बताया जाता है या नहीं, जितने भी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन उन्होंने किया है, उनकी जांच करा दी जाए कि कितनी फैकल्टी और स्टाफ हैं. ब्लेम गेम से बाहर निकलकर आप स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए. आप अपने दोनों इंजनों को लड़ाना बंद कीजिए. उत्तर प्रदेश को, पूर्वी उत्तर प्रदेश को स्पेशल पैकेज दीजिए स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाकर.
शिवराज सिंह चौहान का कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर जवाब बीच में ही रुक गया है. अब वे सोमवार को अपना जवाब पूरा करेंगे. नेता सदन जेपी नड्डा ने प्राइवेट मेंबर्स बिल का हवाला देते हुए ये प्रस्ताव रखा जिसे सभापति ने स्वीकार कर लिया. अब प्राइवेट मेंबर्स बिल की कार्यवाही शुरू हो गई है.
शिवराज ने कहा कि छोटे किसानों को उनकी फसल का अच्छा दाम मिले और वे फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी उतर जाएं, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. 2004 में, 2009 में कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा कि हम किसान को डायरेक्ट सहायता देने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. कभी एक पैसा नहीं दिया. मोदीजी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू की. ये वास्तव में किसान, उनके भाव का सम्मान था. इस योजना के तहत 3 लाख 24 करोड़ रुपया अब तक किसानों के खाते में डाला जा चुका है.
शिवराज ने फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि कल कई देश इसे लेकर जानकारी लेने आए थे जिन्हें अपने यहां ये योजना लागू करनी है. किसानों ने अन्न के भंडार भर दिए. उत्पादन बढ़ा. उसे रखने की जगह नहीं थी. जब शरद जी कृषि मंत्री थे, मैं मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री था. मैं पीडीएस के लिए आया था. उन्होंने उत्पादन को लेकर पूछा. तब ज्यादा नहीं होता था. कांग्रेस के समय जितना उत्पादन होता था, हमारे समय में पांच गुना ज्यादा बढ़ा. हमारे सामने रखने की समस्या आई. कांग्रेस के समय में वेयर हाउस या रखने की कोई व्यवस्था हुई नहीं थी और औने-पौने दाम पर बेचना पड़ता था. मोदी सरकार में एग्री इंफ्रा फंड बना और किसान का उत्पाद रखने के लिए बेहतर व्यवस्था पर ध्यान दिया गया. सुरजेवालाजी पता नहीं कौन से साल के आंकड़े पढ़ रहे थे. 26 जुलाई 2024 तक 40 हजार 80 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए. 76 हजार करोड़ से अधिक का इन्वेस्टमेंट हो चुका है. उन्होंने छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयों से लेकर कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के आंकड़े गिनाए और कहा कि किसान को ठीक दाम मिले, इसके लिए नवाचारों की भी जरूरत है. इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है इनाम, इसे बनाया गया. 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में मंडियों को इनाम जारी किया गया है. उन्होंने किसान, वायापारी के पंजीकरण से लेकर व्यापार तक के आंकड़े गिनाए और कहा कि इससे किसान को बहुत लाभ हुआ है.
शिवराज ने कहा कि इनके नेता गए थे मध्य प्रदेश और राजस्थान. कहा था कि 10 दिन में कर्जा माफ नहीं तो सीएम को हटा देंगे. एकबार जिता दिया था लोगों ने, इनकी सरकारें दोबारा लौटके नहीं आईं. क्रेडिट और कर्जा माफी, कांग्रेस की सरकारें थीं तब क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था नहीं थी. वाजपेयीजी ने किसान की व्यथा को समझा और उन्हें कम ब्याज दर पर कर्जा मिलना शुरू हुआ. छोटे किसान, जिन्हें साहूकार से ऊंची दरों पर कर्जा लेना पड़ता, भारी ब्याज चुकाना पड़ता था. आज उन्हें सात परसेंट, समय पर चुकाएं तो तीन परसेंट और छूट दी जाती है यानि चार परसेंट पर कर्जा दिया जा रहा है. नरेंद्र मोदी की सरकार में 25 लाख करोड़ की क्रेडिट दी जा रही है. अभी भी अभियान चल रहा है कि जो छूट गया है वो आओ, किसान क्रेडिट कार्ड बनवाओ और कम दरों पर कर्जा ले जाओ. एक लाख 44 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी केवल ब्याज में दी गई. कर्जा माफी करके ढोल पीटते हैं. उससे ज्यादा तो हम केवल ब्याज में चुकाते हैं. कांग्रेस ने कभी भी फसल बीमा नहीं दिया. इनके समय में एक गांव की फसल खराब हो जाए तो वो ये प्रार्थना करे कि पूरे गांव की फसल खराब हो जाए तब क्लेम मिलेगा. ये केवल बैंकों के लोन का बीमा. धोखे से क्लेम मिल भी जाए तो बैंक अपना लोन काट लेता था.
शिवराज ने कहा कि सस्ता खाद मिले, किसान को बेहतर दाम मिले, इसके लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं. सस्ता खाद मोदी सरकार देती रहेगी, आश्वस्त करता हूं. पानी पर कई सदस्यों ने चिंता जाहिर की थी. सूक्ष्म सिंचाई योजना लाई गई ड्रिप, स्प्रिंकल के माध्यम से. नहर में बहता पानी वाष्पीकरण भी हो जाता है. पिछली सरकार को पानी का महत्व नहीं मालूम था. इस योजना में सरकार ने 23-24 तक 14-15 तक 21 हजार 615 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्होंने मसूर से लेकर चना और तुअर की खरीद तक के आंकड़े गिनाए और कहा कि दलहन में आत्मनिर्भर बनना है और आयात पर निर्भरता समाप्त करना है. सरकार ने फैसला किया है कि एमएसपी पर पूरी की पूरी खरीदी जाएगी, जितना भी किसान उत्पादन करेंगे. सुरजेवालाजी कह रहे थे कि पैदा इतना हुआ और खरीदी इतनी. एमएसपी काहें की होती है. एमएसपी के नीचे दाम मिले तो किसान एमएसपी पर बेचेगा. ठीक मिलेगा तो वो एमएसपी पर बेचने आएगा. मध्य प्रदेश में शरबती गेहूं की कीमत है चार हजार, पांच हजार प्रति क्विंटल. क्या वो भी एमएसपी पर ही बिकवाएंगे. हरियाणा का बासमती चावल भी विदेशों में धूम मचा रहा है. गांव में परंपरा है कि कई बार किसान मजदूरों को पैसे नहीं देते, अनाज ही दे देते हैं. पता नहीं उनको खेती से मतलब है कि नहीं है और आंकड़े पढ़ दिए. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि एमएसपी पर किसान को विवशता में बेचना पड़ेगा. मार्केट जब सपोर्ट नहीं करेगा तब उसे एमएसपी पर बेचना पड़ता है. इसीलिए मुझे कहना पड़ा था कि किसान का क समझने की आवश्यकता है. एमएसपी निरंतर ऊपर चढ़ना चाहिए. इस पर आप काम करेंगे. शिवराज ने कहा कि किसान हमारे लिए वोटबैंक नहीं, भगवान है. यह मानकर ही हम व्यवहार करेंगे. धान की खेती हो या गेहूं की, जब आवश्यकता हुई, सरकार ने की है. उन्होंने धान खरीद के वर्षवार आंकड़े भी गिनाए और कहा कि एक-एक आंकड़ा रख सकता हूं. आप तो खरीदते ही नहीं थे. दलहन कितना खरीदा गया, ये सरकार है जिसने खरीदा. जब किसान को जरूरत पड़ी, हम पीछे नहीं हटे. न तो पीछे हटे हैं, ना किसान कल्याण में पीछे हटेंगे. मूल्य ठीक मिले, इसके लिए मोदी सरकार संकल्पबद्ध है.
कल हमारे मित्र बजट की बात कर रहे थे. 2013-14 में कृषि का बजट 27664 करोड़ रुपये था. ये बढ़कर आज एक लाख 32 हजार करोड़ है. इसमें फर्टिलाइजर, सहकारिता, डेयरी, फिशरीज इन सबको जोड़ दिया जाए तो इसमें 1 लाख 46 हजार 55 करोड़ और जुड़ेगा. जलशक्ति मंत्रालय अलग है जो सिंचाई के प्रबंध में लगा है. उत्पादन बढ़ाना है तो पहली प्राथमिकता सूखे खेतों में पानी पहुंचाने की. बिना पानी के खेती नहीं होगी. कांग्रेस की सरकारों ने कभी उतनी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. अटल बिहारी वाजपेयी ने रिवर लिंकिंग की बात की. इसे सबसे पहले साकार नरेंद्र मोदी ने गुजरात में किया और हमने मध्य प्रदेश में कई नदियों को जीवित करने का काम किया. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जब रिवर लिंकिंग की बात आई और ये कहा गया कि क्या नर्मदा जी को क्षिप्रा जी से जोड़ा जा सकता है, उन्होंने कहा नहीं, ये संभव नहीं है. हमने तय किया कि करके दिखाएंगे और किया. आज केन-बेतवा को जोड़ने की भी मंजूरी दे दी गई है. बाणसागर जैसे अनेकों बांध वर्षों तक पूरे नहीं हुए क्योंकि खेती और किसान प्राथमिकता नहीं था. प्रधानमंत्री सिंचाई योजना पर भी काम चल रहा है और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर भी काम चल रहा है. उन्होंने उत्पादन में वृद्धि के आंकड़े भी गिनाए और यूपीए सरकार के आंकड़े भी बताए. शिवराज ने कहा कि एक पैकेट यूरिया आज किसान को मात्र 266 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. 2100 रुपये सरकार सब्सिडी दे रही है. डीएपी पर भी सब्सिडी का आंकड़ा गिनाते हुए शिवराज ने कहा कि मैं वर्षवार बता सकता हूं. फर्टिलाइजर की सब्सिडी में बजट के प्रावधान के अलावा भी पैसा देना पड़ता है तो सरकार देती है. अभी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण घूमकर आना पड़ा, कीमत बढ़ रही थी. हमने बढ़ी कीमत का भार किसान पर नहीं पड़ने दिया और स्पेशल पैकेज दिया.
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस को क्यों शकुनी और चक्रव्यूह याद आते हैं. जब हम महाभारत काल में जाते हैं, तब हमें तो कन्हैया याद आते हैं. अनीति और अधर्म किसने किया, ठगी किसने की. कांग्रेस के डीएनए में ही किसान विरोध है. प्रारंभ से ही कांग्रेस की प्राथमिकताएं गलत रही हैं. हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, मैं उनका आदर करता हूं. वह रूस से एक मॉडल देखकर आए और कहा कि इसे लागू करो. चौधरी चरण सिंह ने कहा कि ये गलत है. 17 साल प्रधानमंत्री रहे लेकिन क्या हुआ, अमेरिका से सड़ा हुआ लाल गेहूं भारत को खाने पर मजबूर किया गया. इंदिराजी के जमाने में जबरदस्ती लेवी वसूली का काम किया जाता था. भारत आत्मनिर्भर नहीं हुआ. राजीवजी ने भी बात जरूर की एग्रीकल्चर प्राइस पॉलिसी की, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. नरसिम्हा राव जी की सरकार में भी कृषि से जुड़े उद्योगों की भी डी-लाइसेंसिंग नहीं की. 2004 से 2014 की क्या बात करूं, उस समय घोटालों के देश में जाने जाते थे. भारत की राजनीति में, राजनीतिक क्षितिज पर एक दैदीप्यमान सूर्य का उदय हुआ जिसने पूरे देश को विश्व से भर दिया- नरेंद्र मोदी. मोदी सरकार ने कृषि की प्राथमिकताएं बदल दीं. हमारी छह प्राथमिकताएं हैं- उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत घटाना, ठीक दाम देना, कृषि का विविधीकरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी धरती सुरक्षित रहे इसके लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास. ये सरकार खेती का रोडमैप बनाकर काम कर रही है.
लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कामकाज को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. बिहार के कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. इसके लिए कदम उठाया जाए. डॉक्टर्स को लेकर कहा जाता था कि धरती पर भगवान का कोई रूप है तो वह डॉक्टर है. आज ये प्रोफेशन का रूप ले चुका है. सोच में काफी परिवर्तन आया है. दवाइयों का हाल भी छिपा हुआ नहीं है. लाइफ सेविंग ड्रग महंगे हो गए हैं जो आम आदमी की पहुंच से बाहर है. आज इंडिया का हंगर इंडेक्स चिंता का विषय है. वैसी हालत में मेडिकल सुविधाएं लोगों तक पहुंचाना बहुत बड़ा काम है. कोविड के प्रभाव ने स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान देने की सार्वभौमिक जरूरत को उजागर किया है. हमने देखा कि कोरोना आने पर जिस स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहि था, वह नहीं था जिसकी वजह से तमाम लोगों की जानें गई थीं. पर्दा डालने की कोशिशें भी हुईं. न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबारों ने आर्टिकल भी छापा था.
जब राजनीति विभाजित होती है तब पत्रकारों का काम बड़ा मुश्किल होता है. मेरा सवाल है कि क्या सरकार का पत्रकारों के कल्याण के लिए कोई प्लान है. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री मुरुगन ने कहा कि किसी एक्सीडेंट में घायल होने पर मेडिकल सहायता प्रदान की जाती है. कोरोनाकाल में भी हमने सहयोग किया था.
टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पर 18 फीसदी जीएसटी को तत्काल हटाए जाने की मांग की.
भारत की युवा आबादी डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में 99 फीसदी अनफिट है. क्या ऐसा है, पप्पू यादव के इस सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि ये रिपोर्ट फिट-अनफिट की नहीं है. रिपोर्ट है कि 99 फीसदी लोग सफिशिएंट फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं. उनके मुताबिक सफिशिएंट फिजिकल एक्टिविटी का जो मानक है, आप भी और हम भी, बहुत से सदस्य इनसफिशिएंट में ही आते होंगे.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब भी कोई सदस्य खड़े होकर अपनी बात रखता है, तब एक सदस्य टोका-टोकी करते हैं. इसे एक्सपंज किया जाए. इस पर आसन पर मौजूद उपसभापति हरिवंश ने कहा कि विपक्ष के नेता की बात बिल्कुल सही है. हर सदस्य इस बात का ध्यान रखें. कोई भी टोका-टाकी ना करे.
निशिकांत दुबे ने देवघर एम्स में इमरजेंसी के साथ ओपीडी की फैसिलिटी चालू होने को लेकर सवाल किया. जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि एम्स को लेकर हमारी परिकल्पना है कि देश के कोने कोने से लोग दिल्ली न आएं और दिल्ली की ही तरह वहां सेवा हो. इसीलिए 17 से अधिक एम्स देश के हर क्षेत्र में खोलने का प्रयास किया है. एक-एक एम्स 1200 से 2000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला एम्स दुनिया के बेस्ट हेल्थकेयर सेंटर्स में हैं. एम्स 1950 में आ गया था लेकिन रिकॉग्नॉइजेशन न1970-80 के दशक में जाकर हुई. इंस्टीट्यूशन तुरंत नहीं बन जाते. आप जिला अस्पताल खोलना चाहते हैं या एम्स. जब हम कैटेगरी उठाकर देखते हैं. हमने नियुक्ति के लिए इंटरव्यू किया. रिजल्ट कैसे आते हैं- नॉट फाउंड फिट. हम दोबारा इंटरव्यू करते हैं लेकिन समझौता नहीं करते. हमने टार्गेटा सेट किया है कि 10 से 12 साल में देश में हर एम्स में विश्वस्तरीय फैसिलिटी उपलब्ध कराएं. पहले डॉक्टर बोलता था- वी हैव नॉट फैसिलिटी. आज परिस्थिति बदली है.
ए राजा ने मदुरै एम्स को लेकर सवाल किया. जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसमें तकनीकी कारणों से विलंब हो रहा है. हम इसे स्वीकार करते हैं. आश्वस्त करता हूं कि इसे जल्द शुरू कराया जाएगा.
टीडीपी सांसद प्रभाकर रेड्डी ने आयुष्मान भारत के कवरेज को बढ़ाने को लेकर सवाल किया. इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि ये सवाल आभा आईडी को लेकर है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सारे पेशेंट और हेल्थ रिकॉर्ड एक मंच पर आ सकें और उनको हम टेकल कर सकें. टीडीपी सांसद ने इसके तहत एकत्रित डेटा के प्रोटेक्शन को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ये डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का पालन करता है. पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड को लेकर किसी तरह का खतरा नहीं है.
बीजेपी की राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत ने अंधऊ हवाई पट्टी से व्यावसायिक उड़ानें शुरू कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे गाजीपुर के साथ ही मऊ, बलिया के लोगों को भी लाभ होगा.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि कई प्राइवेट सेक्टर्स के हॉस्पिटल इस योजना के तहत नहीं आना चाहते. वह कहते हैं कि साहब क्लेम समय पर नहीं मिलता. ऐसे अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत लाने के लिए सरकार क्या कर रही है. इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने दिया. अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि इम्पैनल्ड हॉस्पिटल्स की संख्या बढ़ाते रहते हैं. हम उनके एसोसिएशन के साथ भी संपर्क में रहते हैं. हम लगातार आयोजन कर उनको इस संबंध में जानकारी देते रहते हैं. उनको ट्रेन करते हैं, अवेयर करते हैं. जो पैकेजेज हैं, उनकी जानकारी देते हैं. राज्यों को भी हमने ये छूट दे रखी है कि वे अपने हिसाब से भी अस्पतालों को जोड़ सकते हैं. इसमें बहुत प्रोग्रेस हुई है. जब ये योजना लॉन्च हुई थी, इम्पैनल्ड अस्पतालों की संख्या आठ हजार थी. आज ये बढ़कर 29 हजार से अधिक हो चुकी है.
प्रमोद तिवारी ने कहा कि बादल फटने की घटनाओं के संबंध में पता करने के लिए बहुत ही ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है. उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और उत्तराखंड में बिगड़े हालात की वजह से केदारनाथ यात्रा रोक तीर्थयात्रियों को निकाले जाने का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दोनों राज्य सरकारों को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराए. पिछली बार जब हिमाचल में भीषण बाढ़ की विनाशलीला हुई थी, सरकार ने पर्याप्त सहयोग नहीं किया था.
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जनऔषधि केंद्रों के जरिए मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराई जा रही है. इसके जरिए मरीजों को लगभग 28 हजार करोड़ का लाभ हुआ है. सरकार का लक्ष्य जनऔषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25000 तक करने का लक्ष्य है. फतेहपुरी सीकरी के बीजेपी सांसद ने कहा कि डॉक्टर्स के लिए जेनरिक नाम, साल्ट से दवाएं लिखने का निर्देश है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. इसके लिए सरकार की क्या व्यवस्था है. इसके जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि इसे लेकर आईएमए के साथ हमेशा बात होती है. जेनरिक दवाएं ही डॉक्टर्स लिखें, इसकी व्यवस्था कर दी गई है. कीर्ति आजाद ने 1500 करोड़ का गबन करने वाली कंपनियों पर एक्शन को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि इन्होंने किसी स्पेसिफिक केस की बात की है. अगर ये लिखित में देंगे तो जरूर कार्रवाई करेंगे.
राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही चल रही है.
लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है.
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कार्यवाही शुरू होते ही अनिल सुखदेव राव बोंडे और महेंद्र भट्ट को जन्मदिन की बधाई दी.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी.
लोकसभा में आज संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री लोकसभा में वक्तव्य देंगे. लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी. वहीं, राज्यसभा में आज कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब देंगे.