संसद के चालू मॉनसून सत्र के नौवें दिन आज लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चर्चा का जवाब दिया. लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हो रही है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर भी चर्चा और वोटिंग होगी. राज्यसभा में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हो रही है.
2014-15 में यूनिवर्सिटी की संख्या 760 थी जिसमें 54 फीसदी इजाफा हुआ है. उच्च शिक्षण संस्थानों में काफी वृद्धि हुई है. आदिवासी शिक्षा के बारे में राजस्थान के मित्र उल्लेख कर रहे थे. प्रधानमंत्री जी ने पीएम जनमन स्कीम लाई. आज हमने तय किया है कि 500 हॉस्टल जिलों में बनाया जाएगा जिसमें 119 हॉस्टल का शुरू हो गया है.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ये युवाओं का देश है. भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी है जिस समय हम नई शिक्षा नीति लेकर आए हैं. कोठारी कमीशन से लेकर हर कमीशन ने सिफारिश की है कि अच्छा होता कि हम शिक्षा पर जीडीपी के 6 फीसदी तक खर्च करते. इसे स्वीकार करता हूं. 2013-14 में 3.8 के मुकाबले 2020-21 का जो एक्चुअल डेटा है, 4 फीसदी से अधिक खर्च रहा है. 13-14 में राज्य और केंद्र, दोनों को मिलाकर करीब-करीब चार लाख करोड़ रुपये खर्च होता था. इसी बजट में एक लाख 20 करोड़ रुपये खर्चा हो रहा है.
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि बंटवारे के बाद बिहार में नेतरहाट, सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, स्कूलों की स्थापना पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने मोतिहारी विश्वविद्यालय के वीसी के कदाचार की की जांच कराए जाने की मांग की और कहा कि बीपीएससी, यूपीएससी की परीक्षाओं के नतीजे परीक्षा कराए जाने के 15 दिनों के भीतर घोषित कर दिए जाएं.
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एडवोकेट चंद्रशेखर ने शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान यूपी और राजस्थान के कॉलेज-विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ बहाल करने की मांग उठाई. उन्होंने खेल-कूद को बढ़ावा देने के साथ ही विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्कूलों में शिक्षा दी जाए. एससी-एसटी के छात्रों को विदेश में शिक्षा का प्रबंध किया जाए. घूमंतु जातियों के छात्रों के लिए मोबाइल स्कूल चलाया जाए. आप शिक्षा की बात कर रहे हैं, राजनीतिक कारणों से रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी, आजम साहब को जेल में बंद कर दिए और कितना अत्याचार हो रहा है. शिक्षा बाजारीकरण रोका जाए और सबका ध्यान रखा जाए. ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों पर ध्यान दीजिए. नहीं करेंगे तो विरोध करना पड़ेगा जो ठीक नहीं है. इससे पहले आप काम करो.
असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों के स्कूल ड्रॉपआउट रेशियो के आंकड़े बताए और कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि मुसलमानों को शिक्षा का अधिकार है या नहीं. स्कूलों में दाखिले के लिहाज से मुस्लिम लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या अधिक है. उन्होंने नवोदय विद्यालय के साथ ही केंद्रीय विद्यालयों के लिए आवंटित बजट का जिक्र किया और इन विद्यालयों में रिक्तियों का सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आप इसके लिए बाबर को जिम्मेदार ठहराएंगे? उन्होंने जामिया यूनिवर्सिटी में परमानेंट वीसी नहीं होने, पद के लिए योग्यता पूरी नहीं करने वाले रजिस्ट्रार को लेकर भी सवाल उठाए.
फौजिया खान ने विकास और विकसित भारत और विश्वगुरु बनने के रास्ते की ओर बढ़ते-बढ़ते हमारे अन्नदाता की पीड़ा नहीं दिख रही है. उन्होंने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इसे रोकने में विफल रही है. किसानों की ये पीड़ा आपको क्यों नहीं दिख रही है. फौजिया खान ने महाराष्ट्र में फसल बर्बादी के आंकड़े बताए और कहा कि महाराष्ट्र प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य है. देश के कुल उत्पादन का 43 फीसदी प्याज महाराष्ट्र में होता है. प्याज पर अब 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगा दिया गया है. किसान इतना मजबूर है कि उसे उत्पादन लागत भी मिलने से रहा. निर्यात शुल्क की वजह से व्यापारी भी प्रभावित हैं. नागपुर के संतरा उत्पादक भी इसी तरह की समस्याओं से परेशान हैं. ड्रोन दीदी योजना की एक बात नहीं समझ पा रही हूं. एक तरफ हम टेक्नोलॉजी का उपयोग कर केमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग कर रहे हैं. दूसरी तरफ प्राकृतिक खेती की बात कर रहे हैं. हमारी प्राथमिकता केमिकल फॉर्मिंग है या नेचुरल फार्मिंग, मंत्रीजी स्पष्ट करें.
सपा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि हमारी मांग है कि तालाब पुनर्जीवित करें, बारिश के पानी को रोकने की कोशिश करें. अच्छे बीज उचित दाम पर मिलें. आलू सस्ता हो जाए तो बीज की कीमत के बराबर नहीं होता. हमारा मक्का रखा हुआ है, कोई खरीद ही नहीं रहा.
लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद प्रोफेसर सौगत रॉय ने कहा कि आपने आईआईटी, आईआईएम खोल तो दिए लेकिन क्वालिटी मेंटेन नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि ये बता दीजिए कि इनमें से कोई एक संस्थान विश्व के टॉप संस्थानों में हो. सौगत रॉय ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं की नियुक्तियों में आरएसएस का दखल खत्म होना चाहिए. विश्व भारती के वीसी विद्युत चक्रवर्ती के बयान का जिक्र भी उन्होंने किया.
यह भी पढ़ें: '...ये देश की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी मुनाफा योजना', संसद में किस स्कीम पर बोले सुरजेवाला?
यह भी पढ़ें: वंदे भारत स्लीपर और वंदे मेट्रो ट्रेन कब तक चलेगी? रेल मंत्री ने संसद में बताई प्रगति
पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल ने मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान की मामा वाली इमेज का जिक्र करते हुए कहा कि हम उम्मीद करेंगे कि आप किसानों के भी मामा बन उनका संरक्षण करें. उन्होंने एमएसपी के दायरे में 23 फसलों के होने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें और फसलों को भी शामिल किया जाना चाहिए. अशोक मित्तल ने एमएसपी की लीगल गारंटी लागू करने की भी मांग की.
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण समाप्त करने के पाप का आरोप लगाया. उन्होंने कांग्रेस की सरकारों के समय पेपर लीक की घटनाएं गिनाईं और कहा कि यहां इतने युवा सांसद बैठे हैं, पूछिए इनसे की नई शिक्षा नीति आने में 34 साल क्यों लग गए. हमने 2014 में वादा किया था और सत्ता में आए तो सीना ठोककर लाए. 34 साल तक ये मौन थे. संबित पात्रा ने यूपीए सरकार के मुकाबले एनडीए सरकार में अलग-अलग मोर्चे पर हुए काम के आंकड़े भी गिनाए.
यूपी से बीजेपी के सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि यूपीए सरकार के समय कृषि को लेकर जो कमेटी थी, उसमें स्वामीनाथन जी के साथ था. कमेटी ने रिपोर्ट दी थी कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू की जाए. इसे सरकार ने नकार दिया था. स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश को मोदी सरकार ने लागू करने का काम किया. किसान नेताओं को कभी सम्मान नहीं मिला. नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का काम किया.
सुरजेवाला ने कहा कि 2020-21 में कृषि का बजट कुल बजट के 4 परसेंट से ज्यादा था. आज आधा रह गया है. पांच साल में मोदी सरकार ने खेती के विभाग का एक लाख करोड़ बजट सरेंडर कर दिया. उन्होंने साल दर साल कृषि के बजट के आंकड़े गिनाए और कहा कि एक लाख करोड़ सरेंडर करते हैं और किसान के कल्याण की बात भी करते हैं. कुसुम नका बड़ा ढोल पीटा गया लेकिन आपने किसान की राह में कांटे बिछा दिए. पीएम कुसुम के तहत 1 लाख 61 हजार 640 पंप सैंक्शन किए और लगाए 2600. सोलर पंप भी केवल 22 फीसदी लगाए. 10 हजार मेगावाट सोलर कैपेसिटी लगाने की बात कहते हैं, लगाई 256 मेगावाट. ये किसान के साथ क्रूर मजाक है. एग्री इंफ्रा फंड को लेकर वित्त मंत्री ने बड़ी बातें की. एक लाख करोड़ के इस फंड का ढोल पीटा और वित्त मंत्री ने कहा कि 35 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट सैंक्शन किए हैं. इसमें जारी किए हैं केवल पांच हजार करोड़.
बीजेपी की सरकार ने कृषि और किसान कल्याण को शकुनी के चौपड़ का मोहरा बना लिया. किसानों को इस चक्रव्यूह से मुक्ति दिलाई जाएगी. 10 साल में केवल मुहावरे गढ़े गए, लेकिन किसान को मिला क्या. लाठियों की मार, दुत्कार. दिखावे के लिए किसानों की आरती तो उतारते हैं लेकिन उनके रास्ते में कील-कांटे और नस्तर बिछवाते हैं. उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तिया भी '...देवता मिलेंगे खेतों में, खलिहानों में' सुनाईं. सुरजेवाला ने पीएम के किसानों की आय दोगुनी करने के वादे की याद दिलाई और कहा कि ये ऐसे सब्जबाग दिखाते हैं. एनएसएसओ की 2021 की रिपोर्ट लेकर आया हूं. किसान रोज का 27 रुपया कमाता है. इनकी एग्रीकल्चर को लेकर कमेटी की रिपोर्ट है जिसने स्वीकार किया है कि किसान की आय दोगुनी होने की जगह कम हो गई है.
मनोज झा ने कहा कि सरकार भी बोल नहीं रही है. इनकी एक बात मुझे बड़ी अच्छी लगती है. एक अच्छा सा नाम रखो, जब वह ठीक न हो तो धीरे-धीरे नाम लेना कर दो. इन्होंने संसद में गणतंत्र मंडप बनाया. गणतंत्र का कोई मंडप नहीं होना चाहिए. कल एक तस्वीर आई, बड़े नासमझ लोग हैं. ये विशुद्ध भारतीयता की तस्वीर है. छत से पानी टपक रहा है, बाल्टी में भरा जा रहा है. गांधीजी का चश्मा स्वच्छता अभियान के उस पर टांग दिया गया. उसको पहनना था लेकिन गांधी का चश्मा विरोधाभास है, कैसे पहने. गांवों का ध्यान रखे बिना शहरीकरण नहीं हो सकता. शहरीकरण होता है तो मजदूर लगातार चाहिए. जब बिल्डिंग बनाकर देता है, उसके बाद वह मजदूर आपको बड़ा भारी लगने लगता है. वह जहां रहता है, उसे स्लम कहते हैं और आप नजरों से दूर कर देते हैं. हड़प्पा के समय में सुना है बड़ा अच्छा ड्रेनेज सिस्टम हुआ करता था. सर टाइम मशीन हो तो वापस चला जाऊं.
विपक्ष ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णो की स्पीच के बीच जमकर हंगामा किया. वैष्णो की स्पीच के बीच विपक्षी सदस्य वेल में आकर 'रेल मंत्री हाय-हाय' और 'रेल मंत्री वापस जाओ-वापस जाओ' के नारे लगा रहे हैं. विपक्ष के हंगामे के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णो का संबोधन जारी रहा. लोकसभा से रेलवे की अनुदान मांगें पारित हो गई हैं.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं. रेल मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के बाद रेलवे की जो पहली परीक्षा हुई, उसमें दो करोड़ से अधिक छात्र थे. दो महीने लंबी परीक्षा चली, कई शहरों में हुई और एक भी शिकायत नहीं मिली. हमने रेलवे में भर्ती के लिए कैलेंडर भी 2024 से जारी कर दिया है. उन्होंने मेंटेनेंस पर ध्यान देने के लिए कार्यप्रणाली में बदलाव की जानकारी दी और कहा कि रोलिंग बैक सिस्टम से हर हफ्ते के हिसाब से प्लानिंग करके 26 हफ्ते में काम इतना पहुंचा है जिसका लाभ हमें दशकों तक मिलेगा. लोको पायलट का विषय कई माननीय सदस्यों ने उठाया. वे रेल परिवार के बहुत महत्वपूर्ण सदस्य हैं. उनके लिए हमने स्टेप्स लिए हैं, वे गिनाएंगे. लोको पायलट जब ट्रेन चलाकर आते हैं, रनिंग रूम में... इसी दौरान विपक्ष की ओर से किसी ने कोई टिप्पणी कर दी. इस पर भड़के अश्विनी वैष्णो ने कहा कि हम रील बनाने वाले लोग नहीं हैं, हम काम करने वाले लोग हैं. ये क्या तरीका है. ऐसे हाउस नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि लोको पायलट का सारा कार्यकाल 2005 में बनाए गए रुल्स के हिसाब से ही तय होता है. उसी के हिसाब से रनिंग टाइम और रेस्ट टाइम तय होता है. 2016 में इन रुल्स में बदलाव करके और अधिक सुविधाएं दी गईं. 558 और रनिंग रूम्स को एयर कंडीशंड किया गया. लोको की कैब में बहुत वाइब्रेशन और हीट होता है. उसे एयरकंडिशंड करके लाया गया है. जो आज लोको पायलट के साथ सिम्पैथी दिखाकर रील्स बनाने में व्यस्त हैं, उनके समय में सुविधाएं जीरो थीं. अश्विनी वैष्णो ने केरल, तमिलनाडु से लेकर राज्यों से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी गिनाए और राज्य सरकारों के सहयोग से अपील की.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव लोकसभा में विपक्ष पर भड़क गए. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ये कभी फौज को नीचा दिखाते हैं, कभी रेलवे को नीचा दिखाने का काम करते हैं. झूठ की ये राजनीति नहीं चलेगी. रेल मंत्री ने कहा रेलवे के 12 लाख कर्मचारियों के लिए मेजें थपथपाईं और कहा कि रेलवे में वो ताकत है जो बड़े से बड़े चैलेंज का सामना कर सकते हैं.
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी 60 के दशक में थे, अध्यक्ष आए तो जहां थे वहां खड़े ही रह गए. लोगों ने कहा कि भाई खड़े क्यों रह गए. तब व्यवस्था दी गई कि जब अध्यक्ष आएंगे, सभी लोग खड़े हो जाएंगे.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए उम्र सीमा कम करने की मांग की है. राघव चड्ढा ने कहा कि आजादी के बाद पहली लोकसभा में 26 फीसदी सदस्य 40 साल से कम उम्र के थे. जानना चाहता हूं कि क्या हमारे सांसद भी उतने ही जवान हैं. उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए उम्र सीमा 26 साल से घटाकर 21 साल करने की मांग की.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में मूंग की खरीद का मुद्दा उठाया और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ही किसान मंत्री हैं. कल शाम को जब हमने ये सवाल पुटअप किया, तब एक दिन के लिए उन्होंने पोर्टल खोलने के लिए कहा है. हजारों करोड़ का घोटाला बीजेपी की सरकार कर रही है. ये व्यापारियों को सस्ते दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए किसानों को मजबूर करने का खेल है.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन के सदस्य अयोध्या रामी रेड्डी को जन्मदिन की बधाई दी.
बिहार से बीजेपी के सांसद शंभू शरण ने क्रेडिट कार्ड बंद कराने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड मिल तो आसानी से जाता है लेकिन इसे बंद कराना बड़ा कठिन है. बैंक की प्रत्येक शाखा में क्रेडिट कार्ड को लेकर एक डेस्क हो जिससे ग्राहक आसानी से वहां जाकर जारी करा सके, बंद करा सके.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद दिग्विजय सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की ओर से रुलिंग बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए. दिग्विजय सिंह ने इस रुलिंग पर पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज करते हुए कहा कि संघ संवैधानिक बॉडी कैसे हो सकता है. इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि ये पॉइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है. आप जितना भी बोलेंगे, कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि आप आसन की रुलिंग को चैलेंज नहीं कर सकते.
लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही है. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित सवाल लिए जा रहे हैं.
जापान के सांसदों का एक डेलिगेशन वहां की संसद के स्पीकर की अगुवाई में भारत दौरे पर है. जापानी सांसदों का डेलिगेशन संसद की कार्यवाही देखने राज्यसभा पहुंचा है. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने जापानी सांसदों के डेलिगेशन का स्वागत किया.
लोकसभा में आज द डिजास्टर मैनेजमेंट (अमेंडमेंट) बिल 2024 भी पेश किया जाना है. राज्यसभा में आवास और शहरी मामले, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा होनी है.
संसद के चालू मॉनसून सत्र का आज नौवां दिन है. सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया था. सातवें दिन वित्त मंत्री ने लोकसभा में और आठवे दिन राज्यसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब दिया था.