संसद सत्र के छठे दिन लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने किसान, अग्निवीर से लेकर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. पांचवे दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए चर्चा की मांग की थी. विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी थी. राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी. हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया था.
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वरिंग ने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सौ रुपये में धरना देने वाले बयान से लेकर मूसेवाला की हत्या तक, कई मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि इसी सदन की एक एक सदस्य ने कहा कि किसानों के धरने में सौ रुपये लेकर लोग जाते हैं. उन्होंने कहा कि एमएसपी इनकी कृपा से नहीं मिल रहा है. पंजाब ने देश का पेट भरने का काम किया था. कांग्रेस सांसद ने लॉरेंस बिश्नोई का भी नाम लिया और सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुद्दा भी उठाया. उन्होने साइकिल प्रोडक्शन को लेकर भी सरकार को घेरा.
संबित पात्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि डॉक्टर्स डे पर गुलामी के खिलाफ इलाज का काम हुआ है. आईपीसी और सीआरपीसी की जगह अब भारतीय न्याय संहिता ने ले ली है. आजादी के 75 साल बाद तक हम अंग्रेजों की निशानी को खींचते हुए आ रहे थे. एक नरेंद्र मोदी को आना पड़ा.
बिहार के औरंगाबाद से आरजेडी सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में बिहार के लिए कुछ भी नहीं है जबकि ये सरकार बिहार की बैसाखी पर चल रही है. हमारी मांग है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए. विशेष पैकेज दिया जाए. हमारे मुख्यमंत्रीजी की ये बहुत पुरानी मांग है. हस्ताक्षर अभियान चलाए, दिल्ली तक मार्च किए. अब तो आपकी सरकार है, आपके सहारे चल रही सरकार है फिर देर किस बात की. अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने में तनिक भी देर नहीं होनी चाहिए. उन्होंने जल संकट का जिक्र करते हुए कहा कि एक नीति बनाकर सिंचाई और पेयजल के लिए उसे राज्य सरकार को भेजने का काम करे. बिहार एक तरफ बाढ़ का प्रकोप झेलता है तो दूसरी तरफ सूखा का प्रकोप झेलता है. उत्तरी बिहार में बाढ़ तबाही मचाती है तो दूसरी तरफ दक्षिणी बिहार में सूखा रहता है. एक नीति बनाकर इसका समाधान निकालना चाहिए. बिहार में जातीय गणना कराकर लोगों को आरक्षण देने का काम महागठबंधन की सरकार ने किया था. वहां पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट कर के आरक्षण को समाप्त करा दिया गया है. सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है फिर से. हम जातिगत जनगणना कराकर एक राष्ट्रीय नीति लाने की मांग करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि आपने 10 साल में जो वादे किए और जो काम किया है, उस पर बात करने की जरूरत है.
एलजेपीआर सांसद शांभवी चौधरी ने संसद में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई. शांभवी ने कहा कि हम प्रधानमंत्रीजी से अपील करना चाहेंगे कि इसके लिए नीति आयोग में कुछ बदलाव करने हों तो वो भी करें जिससे बिहार को आगे आने का मौका मिले.
महाराष्ट्र के कल्याण से सांसद डॉक्टर श्रीकांत शिंदे ने कहा कि ये असली शिवसेना और नकली शिवसेना कर रहे थे. चुनाव जब हुए, जनता ने दिखा दिया कि कौन असली और कौन नकली शिवसेना है. इनसे दो लाख अधिक वोट हमें मिले. 13 सीटों पर इनके सामने हम लड़े और सात सीटें जीते. शिवसेना बालासाहब के रास्ते पर है और इनके नेता को हिंदुत्व का नाम लेने में भी शर्म आती है. उन्होंने कहा कि यूबीटी ने मुंबई ब्लास्ट के आरोपी इकबाल मूसा को चुनाव प्रचार में उतारा जिससे एक वर्ग विशेष के वोट इन्हें मिल सके. इसके बावजूद हमारे साथी वाइकर जी चुनकर आए.
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नए कानून स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग की. उन्होंने कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज करना या नहीं करना पुलिस के विवेक पर छोड़ने और हथकड़ी को पुलिसराज की वापसी बताते हुए कहा कि ये कानून स्टैंडिंग कमेटी को भेजे जाने चाहिए. उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि मैं सरकार को याद दिलाना चाहता हूं कि यूपीए की सरकार फूड सिक्योरिटी बिल लेकर आई थी और इनका उस समय क्या रवैया था, जो साथी उस समय संसद में रहे होंगे उनको याद होगा. आपने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था. 10 साल में 20 करोड़ नौकरियां बनती हैं, वो 20 करोड़ नौकरियां कहां हैं?
राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद गणपति सावंत ने कहा कि इलेक्शन कमिश्नर गुलाम है. उन्होंने कहा कि चुनाव में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री, दोनों ने कहा कि मार्केट में इनवेस्ट करो, चार तारीख को चौंक जाओगे. प्रॉफिट हो जाएगा. इनके कहने के बाद लोगों ने पैसे इन्वेस्ट कर दिए. चार तारीख को चार सौ पार वाले 240 पर आए और मार्केट गिर गया. एक दिन में 30 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. किसके गए, किनके कहने पर गए. 30 करोड़ का घोटाला हुआ, कौन जिम्मेदार है.
मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक ही जाति है- गरीब. सुनने में खूबसूरत लगा लेकिन ऐसा क्यों है. अनुप्रिया पटेलजी को चिट्ठी लिखनी पड़ी है. आप प्रो पीपुल लेजिस्लेचन का विश्लेषण करें तो सबसे अच्छी तस्वीर गठबंधन सरकारों में है. प्रो पीपुल लेजिस्लेचन पर आपको भी काम करना पड़ेगा. उन्होंने अग्निवीर कानून से लेकर नए कानून तक सरकार को घेरा और कहा कि क्यों उमर खालिद जैसे जवान जिन्होंने सरकार की आलोचना को देश की आलोचना बना दिया गया. मनोज झा ने इमरजेंसी को लेकर कहा कि सचमुच बहुत खराब हालात थे. इंदिराजी के एडवाइजर बहुत स्मार्ट नहीं थे. अगर आज के होते तो कहते कि 352 की जरूरत नहीं है, ऐसे ही हो जाएगा. उन्होंने चुनाव बाद लिंचिंग का जिक्र करते हुए राही मासूम रजा की कविता भी पढ़ी- मेरा नाम मुसलमानों जैसा है... मनोज झा ने 'मत भूलो कि तुम मुसलमान हो...' भी सुनाया.
मनोज झा ने कहा कि पूरे चुनाव बिहार में रहा. सीटें हमारी कम आईं लेकिन नौकरी मतलब तेजस्वी, हमने बिहार में मेयार बदल दी. उन्होंने कहा कि आप कुछ भी कह सकते हैं, आप जज भी हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुत बुरा हुआ. मंगलसूत्र, मुजरा, टोंटी तोड़ ले जाएगा. हमने चुनाव आयोग से शिकायत की और परसो हमसे मेल कर कहा गया- मोबाइल नंबर, नाम. एक सर्वे हुआ जिसमें 28 फीसदी लोगों को इलेक्शन कमीशन पर भरोसा है. इससे ज्यादा भरोसा तो लोगों का पंचायत वेब सीरीज में फुलेरा के ग्राम प्रधान पर है.
वर्धा यूनिवर्सिटी में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है. जांच कराइएगा, आप पावरफुल लोग हैं. महात्मा गांधी के नाम पर ये विश्वविद्यालय हो रहा था और महात्मा गांधी के लिए जो चीजें त्याज्य थीं, वही सारे चीजें हो रही हैं.
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि ये मैंडेट बहुत कुछ कहता है. ये मैंडेट उनके लिए कह रहा है कि व्यक्ति केंद्रित विमर्श की सीमा होती है. हमारे लिए इसमें संदेश है कि जो हमने किया वह पर्याप्त नहीं था. पिछले 10 साल में कान तरस गए थे एनडीए सुनने के लिए. पिछले एक महीने में एनडीए-एनडीए सुनने को मिल रहा. रक्षा मंत्रीजी की जबरदस्त वापसी हुई है, ये लोकतंत्र खूबसूरती है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पिछले 10 साल में इस सरकार ने 356 का इस्तेमाल करके किसी भी चुनी हुई सरकार को बर्खास्त नहीं किया है. हमारे नेता शरद पवारजी अभी संजय सिंहजी के बगल में बैठे थे, उनकी सरकार को गिराया गया था इस नियम का इस्तेमाल करके.
महुआ मोइत्रा ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की रिटायरमेंट आयु पर भी सवाल उठाए. उन्होंने सदस्यता जाने के बाद फिर से सदन में आने पर भी खुलकर बोला. महुआ ने कहा कि कृष्णानगर की जनता ने मुझे संरक्षण दिया.
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने कहा एक भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोड़ूंगा, ये मोदी की गारंटी है. जब हम नजर उठाकर देखते हैं तो ऐसा लगता है कि एक भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोड़ूंगा ये मोदी की गारंटी है और सारे भ्रष्टाचारी बीजेपी में आ जाएंगे ये पीएम की गारंटी है. उन्होंने जो राम को लाए हैं गाने का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी हैसियत है जो भगवान को लाएगा. उन्होंने एक कविता भी सुनाई, '...सरयू का पानी खौलने लग जाए तो क्या हो'. संजय सिंह ने अयोध्या से लेकर राम से जुड़ी हारी सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि आप नाराज हो गए, लेकिन कभी हार का कारण सोचे आप. आप भगवान के नाम पर श्रद्धा रखिए, उसका विस्तार कीजिए. हमें कोई आपत्ति नहीं है. इनसे सिर्फ ये कहना चाहता हूं कि आप जो दिल्ली के साथ कर रहे हैं, जो हमारे मुख्यमंत्री के साथ कर रहे हैं, इसका कोई राजनीतिक लाभ नहीं होना है. सदन में कह रहा हूं, इसे याद रखिएगा. सौ साल हो गया लेकिन दिमाग बच्चों वाला. आप सोचते हैं कि अरविंद केजरीवाल, सिसोदिया, सत्येंद्र जैन को जेल में डाल के आप पार्टी को खत्म कर देंगे तो ऐसा होने वाला नहीं है. छह महीने आपने जेल में रखा. आपको लगा कि हम सिर झुका देंगे तो मां भारती ने ऐसे अनेक बेटे जन्म दिया है जो सिर नहीं झुकाएंगे. संजय सिंह ने कहा कि अभी सवेरा है, सही रास्ते पर आ जाएंगे तो अच्छा है. अहंकार से विनाश ही मिलेगा. अहंकार छोड़ दीजिए. हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में राम मंदिर के लोकार्पण का जिक्र करते हुए कहा कि पूछना चाहता हूं कि जब रामलला का मंदिर बना तब मौजूदा राष्ट्रपति वहां क्यों नहीं थीं. अखिलेश यादव जो पांच साल मुख्यमंत्री रहे, आवास खाली किए तब उसे गंगाजल से धोया जाता है. ये रवैया है आपका दलितो-पिछड़ों के प्रति. उन्होंने कहा कि यह देश जैन-सिख-मुस्लिम, सबका है. आप इसे भारतीय जनता पार्टी ही रहने दीजिए, भारतीय झगड़ा पार्टी मत बनाइए. हिंदू धर्म इतना विशाल धर्म है कि कहता है- प्राणियों में सद्भावना हो. आप कहते हैं- प्राणियों में झगड़ा है. संजय सिंह ने एक शेर सुनाया- '...मंदिर-मस्जिद दिखाकर हमारा ध्यान बांटा जा रहा है'. 240 सीटें लेकर आप गठबंधन की सरकार चला रहे हैं, आप चलाइए. हमारा ध्यान मत भटकाइए, मुद्दे पर बात कीजिए.
महुआ मोइत्रा राहुल गांधी के संबोधन के बाद बोलने के लिए खड़ी हुईं. महुआ मोइत्रा ने बोलना शुरू किया तो पीएम मोदी सदन से जाने लगे. इस पर महुआ ने पीएम मोदी के चुनाव प्रचार करने के लिए अपने क्षेत्र में दो बार रैली करने जाने का जिक्र करते हुए कहा कि जाइए मत सर, सुन लीजिए. डरिए मत. महुआ ने कहा कि लास्ट टाइम हमें बोलने नहीं दिया गया था. एक हमें बैठाने के चक्कर में जनता ने आपके 63 सांसदों को बैठा दिया.
अमित शाह ने निर्देश पुस्तिका दिखाते हुए कहा कि कोई भी मंत्री या सदस्य भाषण देते समय तथ्यात्मक चीजें रखता है और कोई सदस्य इसे चैलेंज देते हैं तो आसन इसे सत्यापित करने का निर्देश दे सकता है. विपक्ष के नेता ने कई तथ्य ऐसे रखे जो सत्य नहीं है. ट्रेजरी बेंच ने ऑब्जेक्शन किए. हम आपसे सत्यापन का निर्देश देने की मांग करते हैं, हमें संरक्षण मिले. इस पर ओम बिरला ने कहा- सत्यापन करेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि देश में नफरत और भय का माहौल न हो. आप गवर्नमेंट ऑफ इंडिया हैं, हम ये स्वीकार करते हैं और बधाई देते हैं. जो कैबिनेट मंत्री हैं, वो भी संवैधानिक पद पर हैं, किसी से आप डरें नहीं.
राहुल गांधी ने ओम बिरला के स्पीकर चुने जाने का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब आप स्पीकर चुने गए थे, मैं भी आपको आसन तक लेकर गया था. राहुल गांधी ने कहा कि इस चेयर पर दो व्यक्ति बैठे हैं- एक लोकसभा के स्पीकर और दूसरे ओम बिरला. उन्होंने कहा कि आप मुझसे हाथ मिलाते समय सीधे रहते हैं, मोदीजी से हाथ मिलाते समय झुकते हैं. अमित शाह ने इसे आसन का अपमान बताया. इसके बाद ओम बिरला ने कहा कि हमारे संस्कार हैं कि बड़ों के सामने झुकना चाहिए और बराबर के लोगों से कैसे मिलना है. राहुल गांधी ने कहा कि आप सदन के कस्टोडियन हैं, आपसे बड़ा कोई नहीं है. आपको किसी के सामने नहीं झुकना चाहिए. मैं आपके सामने झुकूंगा, पूरा विपक्ष आपके सामने झुकेगा. लोकसभा में स्पीकर से बड़ा कोई नहीं होता, स्पीकर का बयान ही आखिरी होता है.
राहुल गांधी ने सरकार पर रोजगार को खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप सरकारी क्षेत्र का निजीकरण कर रहे हो. उन्होंने कहा कि यहां कांग्रेस पार्टी नहीं, विपक्ष के नेता के तौर पर हर छोटी पार्टी को रिप्रेजेंट कर रहा हूं. जब हेमंत सोरेन और केजरीवाल जेल में हैं, ये मुझे डिस्टर्ब करता है.
राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपकी पार्टी में भय है. उन्होंने कहा कि पार्टियों में लोकतंत्र होना चाहिए. यहां जो बोलना है, बोल देता है.
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि आप नियम-कायदे से नहीं बोल रहे हैं. आप खुद शिव को भगवान बताते हैं. आप बार-बार उनका नाम ले रहे हैं, तस्वीर लहरा रहे हैं. आप रूल से नहीं बोल रहे हैं. भूपेंद्र यादव ने रूल बताते हुए आपत्ति जताई और कहा कि जब कोई सदस्य स्पीकर के संज्ञान में आने के बाद भी बार-बार ऐसा कर रहा है तो आप उसे बोलने से रोक सकते हैं. विपक्ष के एक सदस्य ने भी काउंटर करते हुए रूल बताया. इस पर स्पीकर ने कहा कि माननीय प्रतिपक्ष के नेता, आपके सदस्य ने रूल बताया है आप उसकी पालना कर लें.
राहुल गांधी ने कहा कि आपने हर व्यक्ति के लिए डर का पैकेज दिया. रोजगार तो आपने खत्म कर दिया. अब नया फैशन निकला है नीट. एक प्रोफेशनल स्कीम को आपने कॅमर्शियल स्कीम में तब्दील कर दिया. गरीब मेडिकल कॉलेज नहीं जा सकता. पूरा का पूरा एग्जाम अमीर बच्चों के लिए बनाया है. हजारों करोड़ रुपये बन रहे हैं और कॅमर्शियल पेपर आपने जो बना रखे हैं, सात साल में 70 पेपर लीक हुए हैं. प्रेसिडेंट एड्रेस में न पेपर लीक की बात होगी न अग्निवीर की बात होगी. हम एक दिन के डिस्कशन की मांग की, सरकार ने बोला - नहीं, नहीं हो सकता.
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों ने ये कहा कि 16 लाख करोड़ उद्योगपतियों का कर्जा माफ हो सकता है तो हमारा भी थोड़ा सा कर दीजिए. किसान ने एमएसपी मांगा. आपने कहा क्या. आपने कहा कि आपको ये नहीं मिलेगी. इस पर सरकार की ओर से शिवराज सिंह चौहान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ये गलत बयानी कर रहे हैं. एमएसपी पर खरीद जारी है. उनकी सरकार थी तब बताएं कि एमएसपी पर कितनी खरीद होती थी. ये सत्यापित करें कि एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि एमएसपी विथ लीगल गारंटी सर, नॉट जस्ट एमएसपी.
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों के लिए हमने जो भूमि अधिग्रहण बिल तैयार किया था सही मुआवजा दिलाने के लिए, उसे आपने रद्द कर दिया. सत्ता पक्ष की ओर से ऑथेंटिकेट करने की मांग पर राहुल ने कहा कि कर देंगे ऑथेंटिकेट.उन्होंने कहा कि किसानों को डराने के लिए तीन नए कानून लाए. प्रधानमंत्रीजी ने कहा आपके फायदे के कानून हैं. सच्चाई थी कि ये अंबानी-अडानी के फायदे के कानून थे. किसान सड़क पर आ गए. आप किसानों से बात तक नहीं करते. आप गले नहीं लगते, आप उन्हें आतंकी कहते हो. आप कहते हो ये सब आतंकी हैं. इस पर अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. आप नियमों के परे जाकर उन्हें रियायत दे रहे हो, ऐसे नहीं चल सकता. राहुल गांधी ने कहा कि हमने किसानों के लिए सदन में मौन की बात की, आपने वो भी नहीं किया.
राहुल गांधी ने कहा कि इनकम टैक्स, ईडी सब स्मॉल बिजनेस ऑनर्स के पीछे पड़े रहते हैं जिससे अरबपतियों का रास्ता साफ हो. मैं गुजरात गया था, टेक्सटाइल इंडस्ट्री वालों ने बताया कि अरबपतियों का रास्ता साफ करने के लिए जीएसटी लाया गया. इस पर किसी ने कहा कि गुजरात भी जाते हैं क्या. राहुल गांधी ने कहा कि जाता रहता हूं. उन्होंने ये भी कहा कि इस बार गुजरात में आपको हराएंगे. लिख के ले लो आपको इस बार गुजरात में हराएंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर इनके लिए एग्जिस्ट ही नहीं करता. उन्होंने एक राहत शिविर में जाने का जिक्र करते हुए कहा कि पता नहीं क्या ट्यूनिंग हो गई इनकी भगवान से. रात आठ बजे भगवान का मैसेज आया होगा, मोदीजी नोटबंदी कर दीजिए. डायरेक्ट ऊपर से आया मैसेज खटाक. खटाखट खटाखट ऑर्डर आते हैं. इस पर स्पीकर ने कहा कि पीएम नेता सदन होते हैं, हमें इनका सम्मान करना चाहिए. राहुल ने कहा कि मैं सम्मान करता हूं, ये मैं नहीं कह रहा, इनके शब्द हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के लिए पहली बार किसी राज्य से स्टेटहुड छिना गया. जम्मू कश्मीर से राज्य का दर्जा छिना गया. उन्होंने मणिपुर का मुद्दा उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए ये एग्जिस्ट ही नहीं करता. हम मणिपुर गए और प्रधानमंत्री से यह अपील की कि मणिपुर को बचाइए. उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया. इस पर किसी ने जवाब के लिए कहा. फिर राहुल गांधी ने कहा कि इस पर जवाब नहीं आएगा.
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ये सेना की स्कीम है. सेना जानती है कि ये स्कीम सेना की नहीं, पीएम का ब्रेन चाइल्ड है. इस पर राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और राहुल गांधी के बयान को एक्सपंज करने की मांग की. राहुल गांधी ने कहा कि इनको अच्छी लगती है, रखिए. हमारी सरकार आएगी हम हटा देंगे. अग्निवीर जवानों के खिलाफ, सेना के खिलाफ है.
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को गलत बयानी करके सदन को गुमराह नहीं करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि सरहद पर अगर कोई अग्निवीर मारा जाता है, उसे एक करोड़ रुपये मिलता है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई क्या है, ये अग्निवीर जानता है. अमित शाह ने इस पर कहा कि इसका सत्यापन किया जाना चाहिए और अगर वह साबित नहीं करते हैं तो सदन और देश से इसकी माफी मांगनी चाहिए. इस पर राहुल गांधी ने अग्निवीर को लेकर जानकारी सदन पटल पर रखने की बात कही.
राहुल गांधी ने एक अग्निवीर की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंंद्र मोदी उसे शहीद नहीं कहते. उसके परिजनों को पेंशन नहीं मिलेगी. आम जवान को पेंशन मिलेगी, सरकार उसकी मदद करेगी लेकिन अग्निवीर को जवान नहीं कहा जा सकता. अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर है. राहुल गांधी ने कहा कि आप जवान और जवान के बीच में फूट डालते हो और फिर अपने आपको देशभक्त कहते हो. ये कैसे देशभक्त हैं. फिल्म स्टार जैसी फोटो थी उसकी. मैं सोच रहा था देखो.
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक महिला मेरे पास आई और कहा मुझे मार रहा है. मैंने उससे पूछा- कौन मार रहा है. उसने कहा मेरा पति मार रहा है. मैंने पूछा क्यों- तब उसने कहा सुबह खाना नहीं दे पाई. मैंने पूछा क्यों- कहा महंगाई के कारण. मैंने पूछा- क्या करूं, उसने कहा कि ये याद रखिए कि महंगाई के कारण रोज सुबह कई महिलाएं मार खा रही हैं.
पीएम मोदी खड़े हुए और कहा कि मुझे लोकतंत्र ने सिखाया है कि विपक्ष के नेता को गंभीरता से लेना चाहिए. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि ये जो मैंने अयोध्या पर बोला है, अनुराग ठाकुरजी अयोध्या की बात कर रहे थे, उस पर की है.
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि आप नीतियों पर बोलिए ना. किसी पर व्यक्तिगत आक्षेप करना उचित है क्या. अगर आपकी पार्टी इसे उचित मानती है तो मुझे कुछ नहीं कहना.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदीजी अयोध्या के लोगों की छोड़ो, बीजेपी वालों को डराते हैं. राजनाथ और गडकरी जी इनके सामने नमस्ते तक नहीं करते.
राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या ने बीजेपी को मैसेज दिया. अवधेश पासी की ओर संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि ये मैसेज आपके सामने बैठे हुए हैं. मैंने कल कॉफी पीते हुए इनसे पूछा कि हुआ क्या. आपको कब पता लगा कि आप अयोध्या में जीत रहे हो. इन्होंने कहा कि पहले दिन से पता था. अयोध्या में एयरपोर्ट बना, जमीन छिनी गई और आज तक मुआवजा नहीं मिला है. जो भी छोटे-छोटे दुकानदार थे, छोटी-छोटी बिल्डिंग्स थी, सबको गिरा दिया गया और उन लोगों को सड़क पर कर दिया गया. अयोध्या के इनोग्रेशन में अयोध्या की जनता को बहुत दुख हुआ. अंबानी जी थे, अडानी जी थे, लेकिन अयोध्या का कोई नहीं था. अयोध्या की जनता के दिल में नरेंद्र मोदीजी ने भय. उनकी जमीन ले ली, घर गिरा दिए लेकिन इनोग्रेशन तो छोड़ो उसके बाहर तक नहीं जाने दिया. इन्होंने मुझे एक और बात बोली कि दो बार नरेंद्र मोदी ने टेस्ट किया कि क्या मैं अयोध्या में लड़ जाऊं. सर्वेयर्स ने कहा कि अयोध्या में मत जाना, वहां की जनता हरा देगी इसीलिए पीएम वाराणसी गए और वहां से बचकर निकले.
राहुल गांधी ने कहा कि माइक दीजिए सर. उन्होंने ये सवाल किया कि माइक का कंट्रोल किसके पास है सर. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन में एक व्यवस्था होती है. जब आसन की ओर से किसी व्यक्ति को बोलने के लिए कहा जाता है तब उसका माइक शुरू किया जाता है. आपका माइक बंद नहीं किया जाता. राहुल ने कहा कि मेरे भाषण के बीच में माइक ऑफ हो जाता है, मैं क्या करूं.
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू डर नहीं फैला सकता. उन्होंने शिवजी की तस्वीर लहराई और साथ ही ये कहा कि बीजेपी डर फैला रही है. राहुल गांधी ने कहा कि अयोध्या से शुरू करता हूं. राहुल के इतना कहने पर अमित शाह खड़े हुए और कहा कि नियम इन पर लागू नहीं होता क्या. ये पूरी बीजेपी को हिंसा फैलाने वाला बता रहे हैं. हाउस ऑर्डर में नहीं है. सदन ऐसे नहीं चलेगा.
स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि अभी बोलने दीजिए. हम सीरियस मैटर बाद में देखेंगे.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि संविधान कहता है कि कोई भी व्यक्ति किसी धर्म को जोड़कर हिंसावादी नहीं कह सकता है. ये देश संविधान से चलता है. इनको माफी मांगनी चाहिए. ये संविधान की बात करते हैं.
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अभय की बात करने का कोई हक नहीं है. इन्होंने इमरजेंसी के दौरान पूरे देश को भयभीत करा. इनको सदन में माफी मांगनी चाहिए.
राहुल गांधी के बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. पीएम मोदी अपनी चेयर पर उठकर खड़े हुए और इसे गंभीर बात बताया. पीएम मोदी ने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गंभीर बात है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी पूरा हिंदू समाज नहीं है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा, उन्हें इसकी माफी मांगनी चाहिए. इस धर्म पर करोड़ों लोग गर्व से हिंदू कहते हैं. मैं उनको गुजारिश करता हूं कि इस्लाम में अभय मुद्रा पर एक बार वो इस्लामिक विद्वानों की राय वो ले लें.
मोदीजी ने अपने भाषण में एक दिन कहा कि हिंदुस्तान ने कभी किसी पर हमला नहीं किया. इसका कारण है. हिंदुस्तान अहिंसा का देश है, यह डरता नहीं है. हमारे महापुरुषों ने यह संदेश दिया- डरो मत, डराओ मत. शिवजी कहते हैं- डरो मत, डराओ मत और त्रिशूल को जमीन में गाड़ देते हैं. दूसरी तरफ जो लोग अपने आपको हिंदू कहते हैं वो 24 घंटे हिंसा-हिंसा-हिंसा, नफरत-नफरत-नफरत. आप हिंदू हो ही नहीं. हिंदू धर्म में साफ लिखा है सच का साथ देना चाहिए.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुझपर फर्जी मुकदमे लगा दिए गए हैं. मुझसे ईडी ने पूछताछ की, अफसर भी हैरान थे. इंडिया ब्ल़क के नेताओं को जेल में रखा है. ओबीसी-एससी-एसटी की बात करने वालों पर मुकदमे किए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने भगवान शिव की अभय मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अभय मुद्रा में है. उन्होंने अलग-अलग धर्मों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें भी अभय मुद्रा दिखाई देती है.
राहुल गांधी ने भगवान शिव को अपने लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनसे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष की प्रेरणा मिली. उनके बाएं हाथ में त्रिशूल का मतलब अहिंसा है. हमने सच की रक्षा की है बिना किसी हिंसा के. बीजेपी को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए सिर्फ सत्ता मायने रखती है.
राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान भगवान शंकर की तस्वीर लहराई. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने उनको टोकते हुए नियम पुस्तिका निकाल ली. राहुल गांधी ने कहा कि सदन में हम शिवजी की तस्वीर भी नहीं दिखा सकते, आप मुझे रोक रहे हैं. मेरे पास और भी तस्वीरें थीं जिन्हें दिखाना चाहते थे और बताना चाहते थे कि शिवजी ने किस तरह से रक्षा की.
लोकसभा में राहुल गांधी बोल रहे हैं. राहुल गांधी ने लोकसभा में जय संविधान के साथ अपनी स्पीच शुरू की और कहा कि अच्छा लग रहा है कि हर दो-तीन मिनट पर बीजेपी के लोग संविधान-संविधान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने देश के लोगों के साथ मिलकर इसकी रक्षा की है. पूरा विपक्ष आइडिया ऑफ इंडिया को बचा रहा है.
राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजकर 15 मिनट तक के लिए स्थगित हो गई है.
खड़गे ने अटल बिहारी वाजपेयी का बयान कोट किया और साथ ही संघ को लेकर नेहरू का लेटर भी पढ़कर सुनाया. इस पर सभापति ने कहा- ये भी बता दें कि वाजपेयी जी किस संगठन के थे. खड़गे ने इस पर कहा कि जनसंघ. उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी होते तो इस तरह की जहरीली बातें नहीं आतीं. खड़गे की स्पीच के बाद सुधांशु त्रिवेदी खड़े हुए. उन्होंने कहा कि मैंने जवाहरलाल नेहरू को लेकर कोई भी जहरीली बात नहीं कही. मैंने केवल कांग्रेस के ही चार नेताओं को कोट किया.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भर्तियों का मुद्दा उठाया. इस पर सभापति धनखड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को जवाब देने के लिए कहा. अश्विनी वैष्णव ने नौकरियों के आंकड़े बताए. खड़गे ने महंगाई का मुद्दा उठाया और 2014 के चुनाव में बीजेपी का चुनावी नारा याद दिलाया- घटेगी महंगाई, बढ़ेगी कमाई. उन्होंने सरकार को काम करने की नसीहत दी और महात्मा गांधी का एक वक्तव्य कोट किया.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रेल का मुद्दा उठाया. इस पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कुछ कहा. इस पर खड़गे ने उनसे कहा कि तुम्हारे पिताजी को रिसीव करने गया था, वे चार बार गुलबर्गा आए. तब रेल ही थी. तुम्हारी इज्जत करता हूं तुम्हारे पिताजी की वजह से.
सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खड़गे को टोकते हुए लंच ब्रेक रद्द किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि देखिए आपका फ्लो नहीं तोड़ा. इस पर खड़गे ने कहा कि साहब आप कभी दिल ही निकाल लेते हैं तो कभी भेजा निकाल लेते हैं.
खड़गे ने सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किसने किया था? उन्होंने एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि आप बनाइए, विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार के साथ हैं. उन्होंने मणिपुर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक के सांसद मणिपुर गए. सरकार उनके अनुभव सुन सकती थी, लेकिन सरकार अभिभाषण में लगी रही. खड़गे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के मणिपुर पर बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार संघ किसी विषय पर सच बोल रहा है. मेरी आप नहीं सुनते, उनकी तो सुन लीजिए. इस पर धनखड़ ने उन्हें टोका. सभापति ने कहा कि कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा. धनखड़ ने गोवलकर से देवरस तक संघ प्रमुखों के नाम गिनाए और कहा कि इनके नाम इसीलिए याद हैं क्योंकि ये समाज को खत्म करने में लगे हुए हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे की स्पीच के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य हंगामा कर रहे हैं. खड़गे ने कहा कि इन घटनाओं का जिक्र इसलिए किया जिससे देश समझ पाए कि 21वीं सदी की एक सच्चाई ये भी है. जातीय जनगणना की मांग उठाते हुए खड़गे ने कहा कि ये अगर हो गया तो अलग-अलग समुदाय की दशा का आकलन हो सकता है और चुनौतियों को काबू में लाने की कोशिश हो सकती है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के संघ को लेकर बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे एक्सपंज करने की मांग की. सभापति ने इस पर कहा कि इसे ऑलरेडी हटा दिया गया है. खड़गे ने सदन में अग्निवीर योजना को समाप्त करने की मांग की. इस पर सभापति धनखड़ ने गिनाना शुरू किया कि किसान का बेटा आज क्या-क्या कर रहा है. खड़गे ने इस पर कहा- ये हमारी वजह से. धनखड़ ने दलितों के खिलाफ अपराध के आंकड़े गिनाए और कहा कि ये असली लोग हैं जो भेदभाव झेलते आ रहे हैं. जब तक छुआछूत है, मेरे विचार यही रहेंगे. खड़गे ने मध्य प्रदेश में आदिवासी के मुंह में पेशाब किए जाने के साथ ही दलित-आदिवासी के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं गिनाईं .
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं पर संघ और बीजेपी के लोगों ने कब्जा कर लिया है. इस पर आपत्ति जताते हुए सभापति धनखड़ ने कहा कि आपके इस बयान को एक्सपंज करता हूं और इसका कारण भी बताता हूं. सभापति ने कहा कि क्या किसी संस्था का सदस्य होना अपराध है? अगर कोई संघ का सदस्य है तो वह कोई अपराध है क्या. दुनिया में सबसे ज्यादा उनमें योग्यता देख सकते हैं आप. नथिंग विल गो ऑन रिकॉर्ड. खड़गे ने कहा कि ये मनुवादी है. ये खतरनाक है. इस पर सभापति ने कहा- नथिंग विल गो ऑन रिकॉर्ड.
खड़गे ने कहा कि पटना से पेपर लीक की खबरें आईं, शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक मानने से इनकार कर दिया. फजीहत हुई तो मानना पड़ा. हरियाणा में एक बीजेपी नेता का नाम आ रहा है. यूपी में एनडीए के एक नेता का नाम आ रहा है. कोटा में कई कोचिंग हैं तो कहीं उसका प्रेशर तो नहीं है. साहब आप जांच कीजिए जरा अपनी ओर से. इस पर सभापति ने कहा कि आप तो चर्चा कर रहे हैं. खड़गे ने कहा कि आप ऑथेंटिकेट बोलते हैं न, ऑथेंटिक चर्चा कीजिए. धनखड़ ने कहा कि आपका बयान ऑथेंटिक नहीं है. खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए रूल बनाने की मांग की. इस पर सभापति ने कहा कि ये विचार ज्यादा क्रांतिकारी है, इस पर विचार होना चाहिए. खड़गे ने इस पर कहा कि ये हमारा विचार है.
खड़गे ने कहा कि आपने हमारी कई सरकारों को तोड़ा. आपने इंडिया गठबंधन के दो मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बेल देकर हाईकोर्ट ने कहा कि प्राइमाफेशिया सबूत नहीं है. दिल्ली के मुख्यमंत्री छूटकर आए, आपने फिर से डाला. आपके पास कई तरीके हैं सताने के. आप हमारी 10 साल की सरकार को गाली देते थे. मोदी साहब कहते थे खिचड़ी सरकार है. देश की छवि खराब हुई. कहते थे मिलीजुली सरकारों ने 30 साल खराब किए. अब जनता ने आपको गठबंधन की सरकार पर ला दिया है. अब एनडीए की सरकार बोल रहे हो, बीजेपी की सरकार भी नहीं बोलते थे. कहते थे ये मोदी की सरकार. पीएम ने ढेरों सभाओं में कहा- 10 साल तो बस ट्रेलर था, असली पिक्चर बाकी है. पिछले एक महीने में इसका अंदाजा लगा है. नीट पेपर लीक से लेकर रद्द परीक्षाओं, राम मंदिर लीक, बिहार में पांच पुल टूटने, ट्रेन हादसों का जिक्र किया और विपक्ष के नेता ने कहा कि 20 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गए. सात साल में 70 पेपर लीक हुए और दो करोड़ नौजवानों का भविष्य बर्बाद हुआ है. आप दुरुस्त करो, आपको कौन रोका है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इनका उपयोग वसूली के लिए किया गया. खड़गे ने सभापति से कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप सच्चाई का साथ देंगे. इस पर सभापति ने कहा कि मैं तो हमेशा ही सच्चाई का साथ देता हूं. सभापति ने कहा कि सदन के नेता इंटरवेंशन करना चाहते हैं. इस पर खड़गे ने कहा कि मेरा फ्लो टूट जाएगा. सदन के नेता जेपी नड्डा ने सभापति को लेकर विपक्ष के नेता के बयान पर आपत्ति जताई. खड़गे ने कहा कि मैं यहां किसी का अपमान करने के लिए सदन में नहीं आया हूं. सभापति धनखड़ ने भी इस तरह के आरोपों पर दुख जताया. खड़गे ने इस पर कहा कि आपको दुख पहुंचा तो ठीक है, आई रिग्रेट.
खड़ने ने शायराना अंदाज में कहा कि सच बोलने वाले अक्सर बहुत ही कम बोलते हैं, झूठ बोलने वाले निरंतर, हरदम बोलते हैं.. एक सच के बाद और सच की जरूरत नहीं होती, एक झूठ के बाद सैकड़ों झूठ आदतन बोलते हैं... प्रधानमंत्री मोदीजी की अमृतवाणी है, इसे मैंने यहां रखा. यदि आपको दुख हुआ या उनको दुख हुआ तो क्षमा चाहता हूं. राष्ट्रपति ने ऐसे बयानों पर चिंता प्रकट नहीं की. चुनाव आयोग का बयान भी खड़गे ने याद दिलाया और कहा कि पीएम ने 421 बार मंदिर-मस्जिद और दूसरे धर्मों की बात की. 224 बार पाकिस्तान, माइनॉरिटी की बातें की. कांग्रेस का मेनिफेस्टो धर्म विशेष से जोड़ दिया. 75 साल में विभिन्न दलों के प्रधानमंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया, ऐसा कभी नहीं देखा. हमने 117 शिकायतें चुनाव आयोग को दीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.ये चीजें जो हुई हैं, हमने शिकायत किया, उस पर कोई एक्शन नहीं. चुनाव के दौरान कांग्रेस के खाते सीज कर दिए, इनकम टैक्स के नोटिस आए. आप लेबल प्ले ग्राउंड चुनाव बोलते हैं और चुनाव आने पर विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज कर देते हैं. जहां हमारे खाते फ्रीज हुए, वहीं सत्ताधारी दल के चंदा दो धंधा लो, वो गिन गिनकर इलेक्टोरल बॉन्ड से इलीगल तरीके से हजारों करोड़ कमाए पार्टी के लिए.
सभापति जगदीप धनखड़ ने मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा अनुरोध है आपसे, कृपा करके... सभापति खड़गे से बोल ही रहे थे कि प्रमोद तिवारी ने कुछ कहा. इस पर सभापति धनखड़ भड़क गए. सभापति ने प्रमोद तिवारी को चेतावनी देते हुए कहा कि आई टूक स्टॉन्ग एक्शन. उन्होंने कहा कि यहां माइक बंद होता है क्या. जब मैं बोलता हूं तो माइक किसी का चालू नहीं रहता. ये जानते हैं आप. आपका इतना लंबा अनुभव है, आप ज्यादा जानते हैं.
सभापति धनखड़ ने कहा कि आप अपनी बात रखिए, चैंबर में बात करते हैं. इस पर खड़गे ने कहा कि मुझे चैंबर में कोई काम नहीं है आपसे. खड़गे ने पीएम के संपत्ति बांटने वाले बयान समेत पीएम के चुनावी संबोधनों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को इंसल्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने कहा कि अगर इनको अपने वोटबैंक के सामने मुजरा करना है तो करें. इस पर सदन में हंगामा हो गया.
विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा कि सत्ता आती है जाती है, लेकिन सत्ता के लालच में बात बात पर झूठ बोलने की बात नहीं होनी चाहिए जैसा मोदीजी ने किया है. उनके दो से ज्यादा भाषण हैं जिसमें उन्होंने क्या क्या कहा है, ये है मेरे पास. मोदीजी के तीन बयान कोट करना चाहूंगा और उम्मीद है कि आप प्रॉसीडिंग में बनाए रखेंगे. इस पर सभापति ने कहा कि आप जो अनुरोध कर रहे हैं कि भाषणों को बनाए रखेंगे, ऑथेंटिकेट कर दीजिए कि कब दिया और कहां दिया. कोई इश्यू नहीं है. इस पर विपक्ष की ओर से शक्ति सिंह ने कहा कि सब झूठ बोलते हैं उसको नहीं बोलते हैं ऑथेंटिकेट करने के लिए. इस पर सभापति धनखड़ ने नाराजगी जताई और विपक्ष के नेता से उनको कंट्रोल करने के लिए कहा. खड़गे ने कहा कि आप हमेशा ऑथेंटिकेट करने के लिए कहते हो, इसीलिए पूरी कटिंग लाया हूं. इस पर खड़गे ने कहा कि आप ऑथेंटिकेट करना बोले न. सभापति ने विपक्ष के नेता से बैठने के लिए कहा. इस पर खड़गे ने कहा- साहब मुझे उठने-बैठने में दिक्कत है. सभापति ने कहा कि न्यूज पेपर ऑथेंटिकेट नहीं करता, प्राइमरी मटेरियल. इस पर पी चिदंबरम ने सवाल किया कि पीएम मोदी देश के किसी इलाके में पीएम कोई स्पीच करते हैं, तो कोई सदस्य किस तरह ऑथेंटिकेट कर सकता है, बताइए. इस पर सभापति धनखड़ ने कहा कि वीडियो क्लिप के जरिए कर सकते हैं.
हम किसानों की बात करते हैं तो मोदी जी भैंस खोल ले जाने की बात करते हैं. हम बीजेपी के बांटने की बात करते हैं तो मोदीजी औरंगजेब की बात करने लगते हैं, हम पेपरलीक की बात करते हैं तो मोदीजी मंगलसूत्र की बात करने लगते हैं. हम रोजगार की बात करते हैं तो मोदीजी मन की बात करने लगते हैं. इतिहास को लेकर निर्णय लेने में जनता सक्षम है. असत्य बोलना, लोगों को बांटना, ये सब काम पहली बार हुआ है. ये काम पहले किसी प्रधानमंत्री ने किया नहीं. खड़गे ने विदेशी मीडिया की कवरेज का भी उल्लेख किया और कहा कि हम नहीं, विश्वगुरु को लेकर दुनिया के लोग बोल रहे हैं. पीएम ने चुनाव में जो बातें रखीं, वो नफरत की बातें थीं.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को स्लोगन देने में माहिर बताते हुए कहा कि विपक्ष 10 साल से कह रहा है कि स्लोगन मत दीजिए, काम कीजिए. मैं पूछता हूं साहब मणिपुर जल रहा है, आप एक दिन तो जाकर आएं. आप तो 14 देशों को गए, इलेक्शन में सैकड़ों भाषण किए, मणिपुर क्यों नहीं गए. कुछ लोगों का साथ दिया, कुछ का विकास किया, गरीबों का सत्यानाश किया. 2024 का चुनाव अहंकार तोड़ने वाला चुनाव था. पिछली सरकार के 17 मंत्री हार गए, किसानों को जीप से रौंदने वाले मंत्री को जनता ने ही रौंद दिया और खत्म हो गए. एक शायर ने कहा है- कभी घमंड मत करना, तकदीर बदलती रहती है... शीशा वही रहता है, तस्वीर बदलती रहती है. हमको घमंडी बोलते रहते थे, अरे घमंड तो टूट गया आपका. आज आपको चार सौ पार का नारा नहीं लगाना पड़ेगा. दो सौ पार में हैं और वह भी बड़ी मुश्किल से आए.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि किसी भी तरीके से किसी भी मूर्ति का अपमान नहीं किया गया, सम्मान किया गया है. देश की जनता उनके दर्शन कर सकती है. मिसलीड नहीं करना चाहिए. खड़गे ने इस पर कहा कि जो तय हुआ था, वहीं बिठाते. आप ऐसा कर देते हो कि किसी को हम क्रिटिसाइज करें तो अलग कर देते हो. उनको ये कमेटी के बारे में मालूम नहीं है. कौन कौन से मेंबर हैं, आप देखिएगा.
खड़गे ने मूर्तियां जहां थीं, उसी जगह रखने की अपील करते हुए कहा कि उनका अपमान मत करो. अगर अपमान करेंगे तो 50 करोड़ एससी-एसटी, दलित-वंचित, अल्पसंख्यकों का अपमान होगा. मूर्तियों के लिए एक कमेटी होती है जिसमें विपक्ष के नेता भी होते हैं. मीटिंग के बाद होता है. न मीटिंग हुई न कुछ. सब हो गया.
एक माननीय सदस्य कहता है चेयरमैन को कि ये कोई तरीका है. कल्पना कर सकते हो. विपक्ष का नेता बैठ जाता है लेकिन एक सदस्य उठ जाता है. शक्ति सिंह, आपको नेम कर सकता हूं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इसी राज्यसभा में प्रधानमंत्री ने छाती ठोककर विपक्ष को ललकारते हुए कहा था- एक अकेला सब पर भारी. लेकिन यह पूछना चाहता हूं, एक अकेले पर आज कितने लोग भारी हैं. चुनावी नतीजे ने दिखा दिया है कि देश का संविधान और जनता सबपर भारी है. लोकतंत्र में अहंकारी नारों को जगह नहीं है और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, संविधान निर्माता बाबा साहब, छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्तियां अपनी जगह से हटाकर पीछे कोने में रखा गया. ऐसे लोगों ो आप पीछे हटाकर कोई देखे नहीं, ऐसा कर दो. हमने मूर्तियां बैठाने के लिए लड़ाई लड़ी. इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने खड़गे को रोका.
संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा जारी है. लोकसभा में सत्ता पक्ष की ओर से अनुराग ठाकुर ने चर्चा की शुरुआत की. वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बोल रहे हैं.
राजनाथ सिंह ने विपक्ष की मांग पर संसदीय परंपरा की याद दिलाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद हम किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि आप जिस विषय पर चाहें, चर्चा कर लीजिएगा. राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथजी के सुझाव पर तैयार हूं. धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद एक दिन नीट मुद्दे पर चर्चा कर लेते हैं. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राजनाथजी का तो बस सुझाव है, निर्णय आसन को लेना हैय
हम चाहते थे कि एक दिन नीट पर चर्चा हो. दो करोड़ युवाओं को नुकसान हुआ है. पिछले सात साल में 70 बार पर्चा लीक हुआ है. बहुत जरूरी मुद्दा है. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आसन ने व्यवस्था दे दी है. आप अभिभाषण पर चर्चा में बोलिएगा.
स्पीकर ओम बिरला ने सदन के बाहर माइक बंद करने के आरोप पर चिंता जताई और कहा कि माइक का कंट्रोल आसन की व्यवस्था के अनुसार चलता है. सभी दल के सदस्य बैठते हैं. आसन की मर्यादा रही है. आप जब भी सभापति के आसन पर बैठें, आक्षेप नहीं करेंगे तो सही रहेगा. आसन पर सुरेश जी भी बैठते हैं, कंट्रोल है क्या... सुरेश जी कह रहे हैं कि नहीं है.. आप सुरेश जी की बात नहीं मानते.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कुछ सदस्यों की ओर से हमें स्थगन प्रस्ताव के नोटिस प्राप्त हुए हैं. इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. स्पीकर ने कहा कि आसन ने व्यवस्था दे दी है और आसन की व्यवस्था अंतिम होती है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद सदस्यता की शपथ के समय तीसरी अनुसूची के अनुरूप हो. इसमें कोई अतिरिक्त शब्द जोड़ना इसका उल्लंघन है. इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए संसदीय समिति का गठन किया जाएगा. स्पीकर ने समिति के लिए सदस्यों के नाम का ऐलान करते हुए ये भी उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की घटना का दोहराव नहीं होगा.
लोकसभा में भारतीय क्रिकेट टीम की टी-20 विश्वकप जीत की गूंज सुनाई दी. स्पीकर ओम बिरला ने बारबाडोस में मिली जीत का जिक्र करते हुए कप्तान रोहित शर्मा को बधाई दी.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन ने एक हादसे में ईरानी राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया. स्पीकर ने तंजानिया के राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया और साथ ही टोरंटो से वैंकुवर जा रहे एयर इंडिया के दो विमानों को आतंकियों की ओर से निशाना बनाए जाने की घटना का भी जिक्र किया. सदन में मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई.
संसद के चालू सत्र के छठे दिन आज लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेंगे. राहुल गांधी दोपहर सवा 12 बजे बोलने वाले हैं.
संसद के दोनों सदनों में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी है. जया बच्चन आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगी.
बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा संसद भवन पहुंच गए हैं. थोड़ी देर में संसद के चालू सत्र के छठे दिन की कार्यवाही शुरू होनी है.
जांच एजेंसी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए विपक्षी गठबंधन के सासंदों ने संसद भवन के गेट पर प्रदर्शन किया.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर और केसी वेणुगोपाल ने NEET परीक्षा के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया.