संसद पर कलर स्प्रे से हमला करने वाले चारों आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. पुलिस ने 15 दिन की रिमांड मांगी थी. फिर पटियाला हाउस कोर्ट की तरफ से सात दिन की रिमांड मंजूर की गई. साथ ही कहा गया कि रिमांड को जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है.
अभियोजन पक्ष ने गिरफ्तार किए गए चार लोगों पर UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है. कहा गया है कि चारों ने डर पैदा करने की कोशिश की.
अब तक पांच गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार
बता दें कि लोकसभा में घुसने वाले दोनों लोगों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन के रूप में हुई है. सागर ने बीजेपी से मैसूर के लोकसभा सांसद प्रताप सिम्हा के पास पर लोकसभा में एंट्री की थी. वहीं संसद के बाहर से पकड़े गए लोगों की पहचान नीलम देवी और अमोल शिंदे के रूप में हुई है. पांचवे आरोपी का नाम विशाल है जिसे पकड़ा गया है. चारों आरोपी गुरुग्राम में इसी के घर रुके थे.
अब तक मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा ललित झा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. चारों आरोपियों के फोन भी पुलिस को रिकवर करने हैं. लोकसभा के अंदर और संसद के बाहर जिस स्प्रे को फेंका गया था, वह कहां से खरीदा गया उसकी जानकारी भी अभी पुलिस को जुटानी है.
लोकसभा में घुस गए थे दो आरोपी, मच गई थी अफरातफरी
बुधवार को संसद पर 2001 में हुए हमले की बरसी थी. इसी दिन दो लोग जो लोकसभा की दर्शक दीर्घा में बैठे थे, वे लोक सभा चैंबर में कूद गए. इन्होंने वहां स्प्रे के जरिए धुआं-धुआं कर दिया. बाद में इन दोनों को सांसदों ने ही पकड़ लिया था. लेकिन इनके लोकसभा चैंबर में सांसदों के पास तक आने पर डर का माहौल बन गया था. सांसद समझ नहीं पाए थे कि ये क्या हुआ. सबको डर था कि इन लोगों के पास कोई बम, किसी तरह का खतरनाक पदार्थ तो नहीं है.
इसी वक्त पर संसद के बाहर एक लड़के और एक लड़की ने स्प्रे अटैक किया था. वहां भी हर तरफ धुआं ही धुआं दिखा. हमला करने वाली लड़की की पहचान हरियाणा के नीलम के रूप में हुई. वह पकड़े जाने के बाद 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगा रही थी.
घटना होने के तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आ गई थी. बुधवार शाम तक पांच लोग पकड़ लिए गए थे.
इस पूरे घटनाक्रम के आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं. सागर शर्मा उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं. मनोरंजन डी कर्नाटक के मैसूर का है. नीलम हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की बताई गई है. अमोल शिंदे लातूर (महाराष्ट्र) से आता है. इसके अलावा, एक्पोर्ट कंपनी में ड्राइवर विशाल शर्मा और ललित झा हरियाणा के हैं.
सभी आरोपी सोशल मीडिया पेज 'भगत सिंह फैन क्लब' से जुड़े हुए थे. ये सभी तकरीबन डेढ़ साल पहले मैसूर में मिले थे. 9 महीने बाद सभी एक बार फिर मिले और तब ही संसद में अराजकता फैलाने का प्लान बनाया था.