संसद के चालू शीतकालीन सत्र का आज 14वां दिन हैं. एक दिन पहले सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर टकराव के कारण राज्यसभा नहीं चल सकी थी. वहीं, लोकसभा में जारी गतिरोध दूर हुआ और कार्यवाही पटरी पर लौटी ही थी कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर टिप्पणी को लेकर हुए हंगामे के कारण सदन स्थगित हो गया था.
यूपी के धौरहरा से समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने एनडीएमए के गठन से टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई और कहा कि क्या बाढ़ आने से पहले हमें पूरी तैयारी नहीं कर लेनी चाहिए. पूरा इंतजाम करिये डिजास्टर रोकने के ऊपर.
महाराष्ट्र के सांगली से निर्दलीय सांसद विशाल दादा प्रकाशबापू पाटिल ने कहा कि एनडीएमए को अलग विभाग का स्टेटस दे देते तो अच्छा होता. इस विभाग को सात दिन काम करने की जरूरत महसूस होती है. इस बिल को रीविजिट करने की जरूरत है.
सिक्किम से एसकेएम के सांसद इंद्र हंग सुब्बा ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी डिसीजन मेकिंग बॉडी में शामिल कर देना चाहिए. अर्बन डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी लाने का निर्णय स्वागत योग्य है. तटीय इलाकों के साथ ही प्लेन और पर्वतीय इलाकों के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाने की जरूरत है. अलग भौगोलिक स्थिति में जब कोई आपदा आती है तो कई बार एनडीआरएफ को उस इलाके में काम करने का अनुभव नहीं होता. डेटाबेस बनाने का जो प्रावधान लाया गया है, वह बहुत जरूरी है.
यूपी के नगीना से आजाद समाज पार्टी के सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर ने कहा कि ऐसा देखने को मिलता है कि केंद्र में जिस पार्टी की सरकार होती है, वह विपक्ष की सरकार वाले राज्यों को सहायता राशि देने में भेदभाव करती हैं. ऐसे प्रावधान होने चाहिए कि बगैर किसी भेदभाव के सहायता पहुंचे. आपदा राहत को नागरिकों का कानूनी अधिकार बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए. आपदा प्रबंधन नीतियों को एकीकृत करने की जरूरत है. दिल्ली एनसीआर में हवा जहरीली हो गई है. जीवन मुश्किल हो गया है. इसे भी आपदा प्रबंधन के दायरे में लाया जाना चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने आपदा प्रबंधन बिल का विरोध करते हुए कहा है कि लू की वजह से हजारों लोगों की हमारे देश में मौत हो चुकी है लेकिन इसे आपदा की श्रेणी में नहीं रखा गया है. वायु प्रदूषण के कारण भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है. इसे भी आपदा की श्रेणी में रखा जाना चाहिए. जलवायु परिवर्तन की समस्या को भी आपदा की श्रेणी में लाना चाहिए. जलवायु परिवर्तन वास्तविकता है. तेलंगाना में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ. लेकिन सरकार सहायता राशि जारी नहीं कर रही है.
बिहार के शिवहर से जेडीयू सांसद लवली आनंद ने कोसी बागमती की बाढ़ का मुद्दा उठाया. उन्होंने बागमती नदी के दोनों तटबंधों की मरम्मत की मांग करते हुए कहा कि वाजपेयी जी की सरकार के समय और इंदिरा गांधी की सरकार के समय इसकी मरम्मत हुई थी. दोनों तटबंध पक्के किए जाएं.
फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद अवधेश प्रसाद अब आसन पर हैं. अवधेश प्रसाद से पहले आसन पर मध्य प्रदेश के भिण्ड से बीजेपी की सांसद संध्या राय थीं. लोकसभा में आपदा प्रबंधन बिल पर चर्चा जारी है. सदन की कार्यवाही का समय इस बिल पर चर्चा की समाप्ति तक बढ़ाया जा चुका है.
लोकसभा की कार्यवाही का समय बढ़ा दिया गया है. सदन में आपदा प्रबंधन बिल पर चर्चा चल रही है. इस बिल पर केरल के कोल्लम से आरएसपी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन बोल रहे हैं. शाम छह बजे सदन की कार्यवाही के लिए निर्धारित समय-सीमा पूरी होने पर आसन से संध्या राय ने कहा कि वक्ताओं की लंबी सूची है. अगर सदन की सहमति हो तो चर्चा की समाप्ति तक कार्यवाही का समय बढ़ा दिया जाए. इस पर सदन ने सहमति दे दी और आसन से संध्या राय ने कार्यवाही का समय चर्चा की समाप्ति तक बढ़ाने की घोषणा कर दी. अब लोकसभा की कार्यवाही आपदा प्रबंधन बिल पर चर्चा की समाप्ति तक चलेगी.
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से बीजेपी के सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना स्पाइडरमैन से कर दी है. आपदा प्रबंधन विधेयक पर चर्चा के दौरान संतोष पाण्डेय ने कहा कि पीएम मोदी न सिर्फ भारत, दुनिया में आपदाओं के समय स्पाइडरमैन के रूप में उभरे हैं. रूस-यूक्रेन भी कह रहे हैं कि इस आपदा की घड़ी में किसी पर भरोसा है तो वह नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने वायनाड लैंडस्लाइड को लेकर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वहां के पिछले सांसद को भी लोगों ने देखा कि वे कितने संजीदा हैं, गंभीर हैं.
राजस्थान के नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अच्छा होता कि आप सभी सदस्यों से राय लेकर बिल लेकर आते तो अच्छा होता. अलग-अलग राज्य की अलग-अलग समस्याएं हैं. आग लगने के कारण किसी की झोपड़ी नष्ट होती है तो उसके लिए कोई प्रावधान इस बिल में नहीं है. किसान के खलिहान में आग लग जाती है तो उसे भी आपदा के अंतर्गत नहीं लिया गया है. मेरी मांग है कि नुकसान का आकलन करा अधिकतम राशि पीड़ित व्यक्ति को मिलते. सांसद कोष को बढ़ाते हुए यह अधिकार दें कि वह आपदा के समय कुछ मदद कर सकें. लोग हमारे पास आते हैं लेकिन हम मदद नहीं कर पाते. आपदाओं की पूर्वानुमान प्रणाली मजबूत किया जाए. राजस्थान में खेजड़ी के वन की अंधाधुंध कटाई चल रही है. वह छाया के साथ रोजगार भी देता है.
यूपी के चंदौली से समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने आपदा प्रबंधन बिल को जरूरी बताते हुए कहा कि इसमें शामिल करने के लिए कुछ सुझाव देने को खड़ा हुआ हूं. उन्होंने 2024-25 के लिए आवंटित बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम होने का जिक्र किया और कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मजबूत करने के लिए अलग से फंड दिया जाना चाहिए. इसमें राज्यों पर अधिक भार डाला गया है. इसमें 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्यों को वहन करना चाहिए. देश, राज्य और जिला स्तर पर कमेटियां बनाने का प्रावधान है लेकिन टाइम लिमिट नहीं है. जिला स्तर पर कमेटी में जिलाधिकारी के साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए. जनप्रतिनिधि को अपने इलाके की भौगोलिक स्थिति का पता रहता है. उनको भी उसमें शामिल किया जाए. यूपी के पूर्वांचल के कई जिले बाढ़ के कारण प्रभावित रहते हैं. चंदौली से चुनकर आता हूं और वहां से गंगा गुजरती है. बाढ़ के कारण चहनियां-धानापुर ब्लॉक में हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है. कटान के कारण बहुत से किसान भूमिहीन हो गए हैं. उनको जमीन के मुआवजे की मांग करता हूं. गर्मी के दिनों में आग से सैकड़ों हेक्टेयर गेहूं की फसल नष्ट हो जाती है लेकिन मुआवजा कम मिलता है. उसे दैवीय आपदा मानते हुए किसानों को कम से कम एक लाख प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जाए.
बिहार के आरा से सीपीआई (एमएल) के सांसद सुदामा प्रसाद ने पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से लेकर पहाड़ों पर खनन तक, कई समस्याएं उठाईं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोयला खनन के लिए हजारों पेड़ों की कटाई का जिक्र किया और कहा कि अंडमान निकोबार भारत का फेफड़ा है. ग्रेट निकोबार के नाम पर वहां के मूल निवासियों को विस्थापित करने की योजना बन रही है. जोशीमठ में हमने इस तरह की चीजों का साइड इफेक्ट देखा था. ये आपदाएं प्राकृतिक नहीं, मैन मेड हैं. उन्होंने बाढ़ के कारण आरा जिले के शाहपुर अन्य इलाकों में गंगा में समा गए घरों का जिक्र करते हुए कहा कि इनको मुआवजा अब तक नहीं हुआ है. बाढ़ में जिन नाविकों ने नाव चलाया, उनको अब तक भुगतान नहीं हुआ है. आपदा से निजात स्थायी प्रबंधन से निजात मिलेगी. जब तक स्थायी प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया जाता, हवा में तलवार चलाने से कुछ नहीं होगा.
यूपी के बिजनौर से आरएलडी के सांसद चंदन चौहान ने कहा कि इसमें जितनी बातें कही गई हैं, हमें किसी बात पर आपत्ति नहीं है. हम चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करते हैं. चौधरी साहब कहा करते थे कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विलेज डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी भी होनी चाहिए. किसानों को होने वाले नुकसान की समस्याएं हों, छोटी आपदाएं हैं, उनका भी ध्यान रखा जाए.
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग राजौरी सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मियां अल्ताफ ने कहा कि ये मामला आपदा की वजह से जिनको परेशानियां होती हैं, उन लोगों का है. कोई आफत आती है तो सेंट्रल और स्टेट, दोनों को मिलकर मुकाबला करना है. ऐसे लोगों को फौरन राहत पहुंचे और रहने, खाने के साथ ही मेडिकल रिलीफ फौरन पहुंचे. फौरन एक्शन से जानें बच सकती हैं. हमारे राज्य में सैलाब ने भी तबाही की और लैंडस्लाइड भी बहुत आते हैं. ऐसी जगहों पर खास इंतजामात रहने चाहिए. मकान जलने पर एक लाख मिलते हैं और इतनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं कि 50 हजार तो किराए के ही खर्च हो जाते हैं. ये अमाउंट बहुत कम है, ये बढ़ना चाहिए. कश्मीर में सबसे अधिक हादसे सर्दियों में होते हैं. वहां गांव के गांव लकड़ियों के बने घर के हैं. जब आग लगती है तो गांव का गांव जल जाता है. ज्यादा से ज्यादा फायर स्टेशन हो. 20-20, 30-30 किलोमीटर दूरी पर फायर स्टेशन हैं जिसकी वजह से वे समय पर पहुंच नहीं पाते. गरीब लोग जो भेड़-बकरियां लेकर चलते हैं, उनके लिए कोई प्रावधान नहीं हैं. उनके लिए भी कुछ न कुछ प्रावधान होने चाहिए. सेब उद्योग के लिए कश्मीर मशहूर हैं लेकिन ओले पड़ते हैं तो बागान तबाह हो जाते हैं. उनके लिए भी प्रावधान होने चाहिए.
उत्तराखंड के गढ़वाल से बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि पिछले 10 साल में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कितना परिवर्तन आया है, उत्तराखंड के लोगों से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता. उन्होंने बरसात के दिनों में बाढ़ से लेकर बादल फटने, लैंडस्लाइड की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह मौसम हमारे लिए आपदा लेकर आता है. उन्होंने चीड़ के जंगलों में आग लगने की घटनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तराखंड तीनों मौसम में पूरी तरह आपदाग्रस्त रहता है. 2013 की केदारनाथ आपदा को उत्तराखंड का कोई व्यक्ति नहीं भूल सकता. गुजरात के मुख्यमंत्री थे लेकिन नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग दिया. तब यूपीए की सरकार थी लेकिन कोई नहीं पहुंचा. उत्तराखंड में तब मोदी किट दी गई थी जिसमें एक-एक चीज आपदा के समय काम आने वाली थी. जब मोदीजी राजनीति में भी नहीं आए थे तब मोरबी में मच्छू डैम टूटा था. तब उन्होंने स्वयंसेवकों को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. भुज के भूकंप के बाद का पुनर्निर्माण जरूर देखना चाहिए. उत्तराखंड को दो-दो एनडीआरएफ की बटालियन मोदीजी ने दी है. इस बिल में सभी पहलुओं पर विचार किया गया है. समन्वय को प्रभावशाली बनाने का भी प्रयास किया गया है. पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु परिवर्तन पर भी सोचा गया है.
पप्पू यादव ने कहा कि हम गाद पर काम नहीं कर पाए, हम नदियों की सफाई नहीं कर पाए. घर, फसल और पशुओं की क्षतिपूर्ति की ओर से ध्यान दिलाना चाहूंगा. कोसी-सीमांचल के इलाके में बाढ़ आई तो सात बांध टूटे. सभी नदियों के बांध का नवीनीकरण, पक्कीकरण किया जाए. जो नहर निकलती है, उसके दोनों तरफ पक्कीकरण किया जाए. बिहार में सभी नदियों पर अतिक्रमण की स्थिति गंभीर है. नदी की जमीन कब्जा कर माफिया बड़े-बड़े अपार्टमेंट बना रहे हैं. एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की हर जिले में व्यवस्था की जाए.
संसद में रोज एक मैन मेड आपदा होती है. जैसे ही संसद चलनी शुरू होती है, एक सांसद वेल में चले आते हैं, नारे लगाते हैं, नारी शक्ति पर टीका-टिप्पणी करते हैं. क्या ये आपदा नहीं है. अगर इसका परमानेंट सॉल्यूशन निकाल दें तो हम आपके आभारी रहेंगे. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, 2004 की सुनामी के बाद लाया गया. उत्तराखंड में सिलक्यारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन भी इसका अच्छा उदाहरण है. इसकी निगरानी पर बल दिया गया और दो दशक बाद समीक्षा की जरूरत महसूस हुई.
आपदा प्रबंध विधेयक पर चर्चा के दौरान बिहार के बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने इस बिल में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 12 और 19 समाप्त कर दी गई है जिसके तहत पीड़ितों की सहायता के लिए सरकार बाध्य थी. लू और जलवायु परिवर्तन के कारण आ रही आपदाओं को आपदा की श्रेणी में रखा ही नहीं गया है.
सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी इंडिया ब्लॉक की अगुवाई कर रही कांग्रेस ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी किया है. दोनों दलों ने तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सदस्यों से 13 और 14 दिसंबर को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है.
राज्यसभा में भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी. दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी सदस्यों ने बांग्लादेश मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी,. इसके बाद जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए अपनी जगह पर खड़े हुए, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा कर दिया. जोरदार हंगामे के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने किसी सदस्य के खिलाफ कोई आरोप लगाने से पहले नोटिस दिए जाने के नियम 238 का जिक्र करते हुए आपत्ति जताई और कहा कि वे गलत आरोप लगा रहे हैं. आप इन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं. संसद हमेशा दो पहियों पर चलता है. एक पहिया रूलिंग और दूसरा पहिया विपक्षी दल हैं. आप अंपायर हैं. आप अंपायरिंग छोड़कर एकतरफा निर्णय लिए तो यह देश के लिए ठीक नहीं है.
राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे जैसे ही शुरू हुई, जोरदार हंगामा शुरू हो गया. हंगामे और नारेबाजी के बीच उच्च सदन की कार्यवाही जारी है. विपक्ष की ओर से एक सदस्य ने पॉइंट ऑर्डर रेज करते हुए बांग्लादेश का मुद्दा उठाया. इस पर सभापति ने टोकते हुए कहा कि यह पॉइंट ऑफ ऑर्डर नहीं है. विपक्ष के सदस्य प्रधानमंत्री सदन में आओ, बांग्लादेश पर जवाब दो जैसे नारे लगा रहे हैं.
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निशिकांत दुबे ने शून्यकाल के दौरान जॉर्ज सोरोस को लेकर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से सोरोस मुद्दे पर कई सवाल पूछे थे. निशिकांत दुबे के बयान पर हंगामे के कारण दोपहर 1 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. दोपहर एक बजे कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, हंगामे के कारण सदन एक मिनट ही चल सका. आसन की ओर से संध्या राय ने नियम 377 के तहत सूचीबद्ध मामले सभा पटल पर रखने के लिए कहा और फिर कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
निशिकांत दुबे ने शून्यकाल के दौरान जॉर्ज सोरोस का मुद्दा उठाया और राहुल गांधी से 10 सवाल पूछे. निशिकांत दुबे ने कहा कि सोनिया गांधी, गांधी फैमिली से सोरोस का संबंध क्या है. सोरोस ने राजीव गांधी फाउंडेशन को सबसे ज्यादा पैसा दिया. सोरोस के साथ राजीव गांधी का रिश्ता क्या है. सोरोस ने कई तरह के फंड बनाए और कांग्रेस के तीन सौ लोगों को स्टार्टअप के नाम पर फंड दिया है. ये 300 लोग कौन हैं और उनसे गांधी फैमिली का रिश्ता क्या है. भारत जोड़ो यात्रा में कितना पैसा खर्च हुआ. निशिकांत दुबे ने इतना बोला ही था विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट की रोड कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अगले महीने यह अंतरराष्ट्रीय पोर्ट कमीशन होना है और रोड कनेक्टिविटी नहीं है. इसके लिए एनएच 66 को मोडिफाई करने और सड़क निर्माण कराने की जरूरत है. हम जानना चाहते हैं कि क्या तय समय सीमा के भीतर रोड कनेक्टिविटी के लिए आप क्या कदम उठा रहे हैं. अन्यथा इस पोर्ट से देश में सामान लाने के लिए रोड ही नहीं होगा. इसके जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जब शिपिंग मिनिस्टर था, तब ये पोर्ट सैंक्शन किया था. समस्या यह है कि ये पोर्ट प्राइवेट पार्टी के रूप में अडानी पोर्ट ने लिया है. कंपनी ने कहा था कि वे रोड बनाएंगे. अब कोई समस्या आ गई है और कंपनी ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. चार-पांच दिन पहले हमारी मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई थी. हम कोई रास्ता निकाल लेंगे. आपने सही सवाल उठाया कि बिना कनेक्टिविटी के पोर्ट का कोई यूज नहीं है. हम आठ से 10 दिन के भीतर कोई रास्ता निकाल लेंगे. इसकी प्रक्रिया पहले से ही चल रही है.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नेता सदन ने चेयरमैन के आदेश के खिलाफ कोई बात नहीं करना चाहिए. वह अपने विषय को भटकाना चाहते हैं. इस पर सभापति धनखड़ ने उन्हें टोकते हुए कहा कि क्या आप किसी मीटिंग में आए, आपने मेरे किसी निवेदन को स्वीकार किया. इसके बाद जोरदार हंगामा हो गया. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गई.
सभापति जगदीप धनखड़ ने नेता सदन जेपी नड्डा को बोलने की अनुमति दी. जेपी नड्डा ने कहा कि चेयर से कोई सवाल नहीं किया जा सकता. दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कल विपक्ष के नेता खड़गेजी, वयोवृ्द्ध नेता है, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चेयर की आलोचना की. यह निंदनीय है. ये गलत परंपरा को रास्ता दिखाता है. इसकी जितनी भर्त्सना की जाए, कम पड़ेगी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि इनको मौका नहीं दिया जाता. आपको एक नहीं अनेकों बार चैंबर में बुलाया गया है. चेयर की ओर से विपक्ष के नेता को लिखित में लेटर हैं. विपक्ष के नेता ने हमेशा इसे इग्नोर किया और बीएससी मीटिंग में भी नहीं पहुंचे. यह बताता है कि प्रजातांत्रिक परंपराओं में आपकी कितनी रुचि है. कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से चेयरमैन को चेयर लीडर कहा गया है. संवैधानिक पद को इस तरीके से डीमीन करने का आपने गलत प्रयास किया है, उसे जनता कभी माफ नहीं करेगी. आज आप बहुत चिंता कर रहे हैं प्रजातांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक पदों की. यह देश का ध्यान मुद्दे से भटकाने का प्रयास है. देश जानना चाहता है कि सोरोस और सोनिया जी का क्या रिश्ता है. देश को भटकाने का जो प्रयास है, देश माफ नहीं करेगा. इस तरह से संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाने का जो प्रयास है, उसकी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव लाने की बात कहता हूं. इस दौरान विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया.
सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि किसान का दिमाग विपरीत परिस्थितियों में चलता है. वह अपनों से भी संकट झेलता है और ईशअवर से भी. नोटिस अस्वीकृति कर दिए गए हैं.
राज्यसभा सभापति ने नियम 267 के तहत छह नोटिस मिलने की जानकारी दी और कहा कि एक को अनुमति दी है और बाकी सबके लिए रूलिंग दे दी है. रेणुका चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज को लेकर चर्चा की मांग करते हुए नोटिस दिया है. सदन का स्पष्ट नियम है कि किसी जज लेकर यहां चर्चा नहीं कर सकते.
सभापति जगदीप धनखड़ जब राज्यसभा में सदस्यों को जन्मदिन की बधाई दे रहे थे, इसी दौरान विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने कुछ कहा. इस पर सभापति ने कहा कि आप तो बड़ी जल्दी भूल जाते हैं रिश्तों को. रिश्तों का सृजन किया जाता है, इन्हें पूजा जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि चोट दिमाग पर की जाती है, दिल पर नहीं.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति जगदीप धनखड़ ने एनसीपी-एसपी सांसद शरद पवार और सांसद हर्ष महाजन को जन्मदिन की बधाई दी. राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल ने सदन को लोकसभा से मिला मैसेज देते हुए बताया कि रेल विधेयक लोकसभा से पारित हो गया है.
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन परिसर में एनडीए के फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई. संसद में बेहतर समन्वय को लेकर हुई इस बैठक में हंगामे के बीच बिल कैसे पारित कराने हैं और क्या मुद्दे रहेंगे, इसे लेकर चर्चा हुई. (इनपुट- हिमांशु मिश्रा)
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी से बचने की नसीहत दी. स्पीकर ने कहा कि इस सदन में सकारात्मक तरीके से व्यंग्य भी हुए हैं. सभी माननीय सदस्यों को व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी से बचना चाहिए. महिलाओं को लेकर या किसी को भी लेकर टीका-टिप्पणी ठीक नहीं है. उन्होंने कल्याण बनर्जी के मुद्दे पर कहा कि माननीय सदस्य ने माफी भी मांग ली है. इसके बाद सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हो गई.
कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने मे़डिकल इंटर्न्स को स्टाइपेंड के भुगतान में अनियमितता के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर तमिलनाडु के पहले बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है. तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड को दिए गए खनन के अधिकार निरस्त करने की अपील की है. कांग्रेस सांसद ने इसी को लेकर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.