आईटी पर बनी संसदीय कमेटी (Parliamentary Committee) की जो मीटिंग मंगलवार को होनी थी, वह हंगामे की वजह से नहीं हो पाई. अब पता चला है कि मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और बीजेपी निशिकांत दुबे के बीच बहस हुई थी. दरअसल, सारा विवाद इस बात से शुरू हुआ कि मीटिंग में जिस मुद्दे पर चर्चा होनी थी वह मीडिया में पहले से ही आ गया था. निशिकांत दुबे ने शशि थरूर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया.
दरअसल, मीटिंग में सिनेमैटोग्राफी (अमेंडमेंट) बिल पर चर्चा होनी थी. लेकिन बीजेपी सांसदों ने मीटिंग का यह कहकर बायकॉट किया कि मीटिंग का एजेंडा पहले से सार्वजनिक किया गया था. इस बात को लेकर बीजेपी सांसदों ने स्थाई समिति के चेयरमैन पद से शशि थरूर को हटाने की मांग भी की.
मीटिंग में महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे की बहस
वहां बीजेपी के सांसदों ने मीटिंग की हाजिरी के रजिस्टर पर साइन नहीं किया. लेकिन उनकी तरफ से विरोध दर्ज करवाया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक, इस बीच महुआ मोइत्रा ने कहा, 'अगर आपने हाजिरी नहीं दी है, यानी आप मीटिंग में आए नहीं हैं. तो फिर आप सवाल कैसे पूछ सकते हैं?' इसके बाद महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे के बीच बहस शुरू हो गई. बाद में शशि थरूर की तरफ से मीटिंग को स्थगित कर दिया.
बाद में महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, जिसमें लिखा था कि बीजेपी की तरफ से निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस इसलिए दिया है ताकि आईटी कमेटी पेगासस पर गृह मंत्रालय से सवाल ना पूछ पाए.