राज्यसभा में हंगामा करने वाले विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन अभी भी जारी है. विपक्ष की अपील के बीच अब संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि अगर सांसद अपने व्यवहार के लिए माफी मांगते हैं, तो सस्पेंशन वापस लिया जा सकता है. मंत्री बोले कि बीस सितंबर की घटना को पूरे देश ने देखा है.
प्रहलाद जोशी ने कहा कि जिन सांसदों को सदन से सस्पेंड किया गया हैं, वो माफी मांग लें. लेकिन वो ऐसा करने को तैयार नहीं हैं.
मंत्री ने कहा कि हम भी बिना विपक्ष के सदन को नहीं चलाना चाहते हैं. उस दिन सदन में एनडीए के 110 सांसदों ने रजिस्टर पर साइन किए थे और कांग्रेस के सिर्फ 27 सांसदों ने, टीएमसी के सिर्फ 7 सांसदों ने साइन किया था. इसलिए वो झूठ बोल रहे हैं कि सरकार पास बिल पास कराने के लिए संख्या नहीं थी.
प्रहलाद जोशी से इतर एक और केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने भी विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने 20 तारीख की घटना की सारी जिम्मेदारी चेयर के ऊपर डाल दी है, ऐसे में ये बयान उन्हें वापस लेना चाहिए.
मंत्री बोले कि चेयर की ओर से नियमों के तहत एक्शन लिया गया है. जो हुआ वह ठीक नहीं था, लेकिन अगर सांसद अपने व्यवहार पर माफी मांग लें तो सस्पेंशन वापस हो सकता है.
आपको बता दें कि समूचे विपक्ष ने निलंबित सांसदों के पक्ष में मॉनसून सत्र का बहिष्कार करने का फैसला लिया है. आठ सांसदों ने अपना धरना खत्म कर दिया है और विपक्ष के सत्र बहिष्कार करने के फैसले के साथ आ गए हैं. बवाल करने वाले सांसदों के व्यवहार पर उपसभापति हरिवंश भी एक दिन के उपवास पर हैं.