केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ( Narendra Modi Government) पर इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासस की मदद से फोन टैपिंग कराए जाने की खबरें आने के बाद सियासत गरमा गई है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर हंगामा कर रहा है. तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि पार्टी संसद के दोनों सदनों में तब तक सत्र नहीं चलने देगी जब तक सरकार फोन टैपिंग केस पर विस्तृत चर्चा नहीं कराती.
टीएमसी सांसद डेरेक ओ' ब्रायन और मोहुआ मोइत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने आज मंगलवार सुबह पेगासस (Pegasus) मामले में विरोध जताया है और दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) चर्चा को लेकर नोटिस दिया है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस तब तक लोकसभा और राज्यसभा चलने नहीं देगी जब तक सरकार इस पर चर्चा नहीं कराती.
टीएमसी नेताओं ने कहा कि अभी हमें कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं करानी है. हम अभी पेगासस मामले पर बहस चाहते हैं.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पैसे का क्या किया? विरोधियों को ट्रैक करने के लिए लाखों डॉलर दिए गए. ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है और इस पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए.
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मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट
डेरेक ने कहा कि यह काफी दिलचस्प है कि आप अभिषेक बनर्जी का फोन टैप करते हैं, आपने हर चीज का इस्तेमाल किया. आपको राज्य में कोरोना मिला और आप तब भी चुनाव हार गए.
इससे पहले मॉनसून सत्र का पहला दिन (सोमवार) हंगामेदार रहा. विपक्षी दलों की ओर से इस कदर हंगामा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मंत्रियों का परिचय तक नहीं करा पाए. सत्र के ठीक एक दिन पहले सामने आया फोन टैपिंग के जरिए जासूसी प्रकरण सत्र के पहले दिन छाया रहा.
Pegasus को लेकर कांग्रेस खुलकर सामने आ गई. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जांच से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए.
इजरायल के पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए फोन टैपिंग की खबरें आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर राहुल गांधी की जासूसी करवाने का भी आरोप लगाया. कांग्रेस ने यह भी कहा कि सिर्फ राहुल ही नहीं, बल्कि विपक्ष के कई दूसरे नेताओं की भी जासूसी करवाई गई. बीजेपी को अब अपना नाम बदलकर भारतीय जासूसी पार्टी रख लेना चाहिए.
दूसरी ओर, केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को इस रिपोर्ट को झूठा बताया. उन्होंने लोकसभा में कहा कि डेटा का जासूसी से कोई संबंध नहीं है. जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसके तथ्य गुमराह करने वाले हैं. इस रिपोर्ट में कोई दम नहीं और ये सिर्फ सनसनीखेज है.
(इनपुट- प्रेमा राजा राम)