पेगासस विवाद पर अब विपक्षी कांग्रेस भी आर-पार के मूड में आ गई है. कांग्रेस ने जासूसी प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. कांग्रेस ने ऐलान किया है कि देशभर में पार्टी के कार्यकर्ता राजभवन मार्च करेंगे.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वार पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इसकी टाइमिंग साफ इशारा करती है कि बीजेपी का मुख्य लक्ष्य कर्नाटक की हमारी गठबंधन सरकार को गिराना था.
वेणुगोपाल ने कहा कि साफ है कि यह बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व का प्लान था. यह चौंकाने वाला है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के स्टाफ की जासूसी कराई गई. वहीं, रणदीप सुरजेवाला ने भी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी की बीजेपी ने पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग कर ऑपरेशन लोटस के जरिए कांग्रेस की गठबंधन सरकार को उखाड़ फेंका.
पीएम और उनकी सरकार ने एक चुनी हुई सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए संविधान को कुचल दिया. एमपी और अन्य राज्यों में भी कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए भी इसी तरह की साजिश रची गई थी और स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह तानाशाही थोपने की कोशिश कर रहे हैं. हमें डर है कि बीजेपी ने एमपी के अलावा गोवा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में भी इसी तरह के तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया गया है. हम इस मसले को सदन में लगातार उठाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सच सामने आए. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम गृह मंत्री का इस्तीफा नैतिक आधार पर नहीं, इस मामले में उनकी संलिप्तता के लिए मांग रहे हैं. यह गंदी राजनीति है.
कपिल सिब्बल ने भी बोला हमला
कपिल सिब्बल ने बीजेपी नेताओं की ओर से हुए वार पर पलटवार किया. सिब्बल ने कहा कि सरकार कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दे रही. एनएसओ कह रहा है कि हम केवल सरकार को ही अपने प्रोडक्ट सेल करते हैं. सरकार कह रही है कि हमने कोई स्पाइवेयर न तो खरीदा है और ना ही इस्तेमाल किया है.
गृह मंत्री अमित शाह क्रोनोलॉजी के तहत ऐसा कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेगासस की ओर से लिस्ट तैयार नहीं की गई है लेकिन लगता है कि सरकार की ओर से इसे तैयार किया गया है.
लगता है कि सरकार ने निजी डेटा कलेक्ट कर पेगासस को हैंडओवर किया है. सिब्बल ने आरोप लगाया कि ये टैपिंग साल 2017 से 2019 के बीच की गई. इस सूची में पत्रकार, संपादक, ब्यूरोक्रेट्स, राजनेताओं के नाम हैं. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा है.