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संसद में सरकार ने ब्लॉक किया पेगासस पर सवाल, कोर्ट में मामला होने का दिया तर्क

केंद्र सरकार ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में ये हवाला दिया है कि क्योंकि ये मामला अभी कोर्ट में जारी है, ऐसे में इसपर सदन में चर्चा नहीं हो सकती है. ना ही इसपर सदन में सवाल पूछे जा सकते हैं. 

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राज्यसभा में पेगासस के मुद्दे पर जारी है हंगामा (फोटो: PTI)
राज्यसभा में पेगासस के मुद्दे पर जारी है हंगामा (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पेगासस मामले पर जारी है संसद में बवाल
  • सरकार ने दिया कोर्ट में मामला होने का तर्क

पेगासस जासूसी मामले (Pegasus Snooping Case) पर लगातार हो रहे हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने संसद में एक अहम कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में ये हवाला दिया है कि क्योंकि ये मामला अभी कोर्ट में जारी है, ऐसे में इसपर सदन में चर्चा नहीं हो सकती है. ना ही इसपर सदन में सवाल पूछे जा सकते हैं. 

जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्यसभा के बिजनेस के रूल नंबर 47 का उपयोग किया है, जिसमें किसी भी सवाल पूछे जाने को लेकर कंडीशन बताई गई हैं. राज्यसभा में पेगासस जासूसी मामले से जुड़ा सवाल सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने पूछा था.

बिनॉय के मुताबिक, उन्हें अभी तक सवाल का आधिकारिक जवाब नहीं मिला है, लेकिन अनौपचारिक तौर पर उन्हें बताया गया है कि उनके सवाल को मंजूरी नहीं दी गई है. वहीं, राज्यसभा चेयरमैन के एडवाइज़र ए.ए. राव के मुताबिक, रूल 47 के सब रूल 2(XIX) के मुताबिक, जो मामले कोर्ट में विचाराधीन होते हैं, उन्हें सदन में नहीं उठाया जाता है. 

सांसद द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब 12 अगस्त को दिया जाना था, इसी के एक दिन बाद संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी दिन भी है. सांसद द्वारा जो सवाल किया गया था, उसमें सरकार और विदेशी कंपनियों के बीच हुए समझौतों की जानकारी, सरकार या एनएसओ ग्रुप के बीच हुए किसी समझौते के बारे में जानकारी मांगी गई थी. 

बता दें कि जब कोई भी सवाल किसी सांसद द्वारा पूछा जाता है, तो वह पहले राज्यसभा के ऑफिस में जाता है और फिर संबंधित मंत्रालय को भेजा जाता है. सूत्रों की मानें, तो क्योंकि इस मामले पर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी हैं, ऐसे में सरकार की ओर से इस बहस को टाला गया है. 

पेगासस जासूसी मामले पर विपक्ष द्वारा लगातार संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया जा रहा है. विपक्ष की मांग है कि सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए, जबकि सरकार ने इसे पूरी तरह से नकार दिया है. सुप्रीम कोर्ट में भी इससे जुड़ी कुल नौ याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनपर अगले हफ्ते सुनवाई होनी है. 

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